बिहार में रीजनल स्नेक एंटी-वेनम रिसर्च एवं मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना जरूरी।
बिहार के आम लोगों के हित से मेरे द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण विषय आज राज्यसभा की शून्यकाल की कार्यवाही में सूचीबद्ध हुआ। हालांकि, विपक्ष के गतिरोध के कारण इस पर सदन में विस्तार से अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल सका।
अनुमानों के अनुसार, भारत में हर वर्ष लाखों लोग सर्पदंश (Snakebite) के शिकार होते हैं और करीब 50 हजार लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है। हमारा बिहार सर्पदंश से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। विशेषकर उत्तर बिहार में हर वर्ष आने वाली बाढ़ के दौरान सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनसे बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार प्रभावित होते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने बिहार में रीजनल स्नेक एंटी-वेनम रिसर्च एवं मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया है। वर्तमान में उपलब्ध एंटी-वेनम (सर्पदंश प्रतिरोधी जीवनरक्षक दवा) सीमित प्रजातियों के विष पर ही प्रभावी है। वैज्ञानिक अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में सांपों के विष की प्रकृति में अंतर पाया जाता है। ऐसे में पूर्वी और उत्तर भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप बिहार में अनुसंधान, विष संग्रह (Venom Collection) और एंटी-वेनम निर्माण के लिए एक उच्चस्तरीय केंद्र की स्थापना समय की मांग है।
मेरा मानना है कि बिहार में ऐसा केंद्र स्थापित होने से पूरे पूर्वी भारत में सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर कम करने, बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और इस क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। विश्वास है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
#SnakeBite #HealthForAll #Bihar
@PMOIndia@MoHFW_INDIA@ICMRDELHI
रिपोस्ट जरूर करे .....…
इस आरक्षण व्यवस्था पर अपनी राय कमेंट करके बताये .....और सारे रिजल्ट upsc , scc , railway सभी यहाँ बताये ......की कोनसा आरक्षण कोन डकार रहा है
सुनीता मीणा ने सुनील बैरवा से लव मैरिज की तो उसके परिवार को धमकाया गया, 4 लालू जुर्माना लगाया गया, सामाजिक बहिष्कार किया गया…..
मतलब विवाह भी जाति देखकर करोगे, और ST में जबरिया घुसोगे?
हंसराज मीणा फिर बता रहा हूं कि ये वो समय नहीं है जब लाठी के दम पर नफ़रत फैलाते थे…..पूरी पोल खोल दी जाएगी।
कुछ दिन पहले एक और वीडियो वायरल हुआ था जब श्रेयसी जी दही चूड़ा खा रही थीं तो किसी ने चीनी डालने की कोशिश की तो उन्होंने मना कर दिया। वो चाय नहीं पीतीं। मिठाई नहीं खातीं। शुगर अवॉइड करती हैं। कॉफी पीती हैं - बिना चीनी और दूध के। परंतु प्रचार प्रपंच के निमित्त तथ्य इतने महत्त्वपूर्ण नहीं होते... बस एक कहानी चाहिए जो लोगों के दिमाग में उतर जाए।
जिस रफ़्तार से झूठ मुनाफ़े की भाषा बनता जा रहा है... भारत में कुछ साल बाद सच बोलने वाला कोई नहीं बचेगा।
लोग कहते हैं आरक्षण जातिवाद की वजह से है!
लेकिन क्या आप जानते हैं-
सबसे ज़्यादा जातिवाद आरक्षित वर्ग के लोग ही आपस में करते हैं??
और ये हम नहीं, डेटा कहता है!
तो सवाल ये कि जो जातिवाद कर रहा है और सबसे ज़्यादा कर रहा है,
उसे ही आरक्षण देकर आप जातिवाद कैसे खत्म करेंगे???
हंसराज मीणा चुप हो जाओ भाई
मुझे कई भील समाज के लोगों के मेसेज आ रहे हैं कि भैया अर्जेंट बात करनी है। हमें हमारा हक दिखाइए प्लीज ……
ये देखो 40-50% आप लोग लेकर jaa rahe hain. 743 जातियां क्या करें?
EWS is not even taken from your SC/ST/OBC quota. It was taken out from General quota.
Even then we demand end of EWS quota along with SC, ST and OBC quotas. Your greed is destroying the country.
Brahmins or any other castes get accused of being oppressors because they have produced a big no. of elites. So it's the existence of such elites which creates hostility towards Brahmins but these very elites are most indifferent to the plight common Brahmins.
- 72nd BPSC Exam Postponed
- BPSC AEDO EXAM Cancelled
- BPSC TRE 4 ka koi ata pata nahi
- Bssc Cgl का कोई खोज खबर नहीं
- Bssc Inter level तो गया भीतरामपूर
- दरोगा पेपर लीक हुआ
Colleges के सेमेस्टर एग्जाम भी लेट हो रहे हैं, सर्टिफिकेट लेने में घूसखोरी है ।
वेकन्सी में 25% का कोटा घुसा दिए हैं , बिहार के छात्रों को वजह मत दीजिए आंदोलन करने का ! इससे पहले ही आप समय रहते समस्या का हल निकाल लीजिए ।
और स्कूल कॉलेज में भी बस रंगाई पुताई चल रहा है, इसके बाद भी बिहार के शिक्षा मंत्री एक दम रंगदारी छाड़ रहे हैं ।
all these young girls standing next to male cops, making reels, calling them pookie, shouting at them, when they are visibly uncomfortable - how is this kind of harassment okay? hate to be that person to say it but if genders were reversed? let's not normalise harassment of any kind, yeah?