मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
@PMOIndia@narendramodi
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
@PMOIndia@narendramodi
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
अभिजीत दीपके :–
जंतर मंतर को बेरिकेड लगाकर बड़ी जेल बना दिया
जैमर लगा दिए
17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए
CP की दुकानें बंद कर दी
"एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए पूरी दिल्ली का जीना हराम कर दिया"
July 1991 changed India’s destiny.
The historic Liberalisation reforms led by Prime Minister P.V. Narasimha Rao and Finance Minister Dr. Manmohan Singh unleashed India’s economic potential, strengthened the middle class, and created new opportunities for millions.
The Congress Party remains proud of this transformative legacy.
Today, India needs bold second-generation reforms that once again empower the middle class and ensure growth reaches the poorest and the most vulnerable.
#EconomicReforms
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
@PMOIndia
प्रोटेस्ट में एक छात्र हाथ जोड़कर खड़ा है पुलिस लाठियों से पीटती रही उस सिपाही ने आखिर में उसके सिर पर लाठी मारा उसके बाद वह छात्र वहीं सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया।
कुत्ते पुलिस वाले हत्या के लिए भेजे गये हैं।
उस पुलिस वाले पर attempt to murder का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाय।
@HMOIndia@AmitShah
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
https://t.co/bjlhJAmAVM
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
कहाँ लाठियाँ चलाओगे कहाँ-कहाँ दमन दिखाओगे हिटलर!
ये पब्लिक है….इस सैलाब को नहीं रोक पाओगे।
इसी को तो कहते हैं Democracy….युवा अब इंकलाब लाएगा।
@dpradhanbjp
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।