हमने अधिकारियों को कहा है की शिक्षा विभाग से डेप्युटेशन शब्द ही समाप्त कर दो । शिक्षक का डेप्युटेशन नहीं करने। शिक्षक ब्लॉक में या अन्यत्र कहीं डेप्युटेशन करा कर जमे रहते है। अगर शिक्षक डेप्युटेशन पर मिलते है तो एक्शन होगा । ऐसे मामले में जांच होगी-शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जी..
समायोजन प्रक्रिया में सुधार की अभी भी आवश्यकता है।
माननीय शिक्षा मंत्री जी एवं शिक्षा विभाग का धन्यवाद कि समायोजन प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए गए। लेकिन अभी भी कई ऐसी कमियाँ हैं, जिनके कारण हजारों शिक्षक अनावश्यक रूप से परेशान हैं। यदि इन बिंदुओं पर समय रहते सुधार कर दिया जाए तो समायोजन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और शिक्षक हितैषी बन सकती है।
हमारी प्रमुख माँगें—
🔹 EPS विषय के शिक्षकों को आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
🔹 शिक्षक आधारित सरप्लस नहीं, विद्यालय आधारित सरप्लस लागू किया जाए।
आज कई विद्यालयों में जिस शिक्षक को समायोजन चाहिए था उसका नाम सूची में नहीं है, जबकि जो शिक्षक अपने विद्यालय में कार्य करना चाहते थे उन्हें सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इससे असंतोष और विवाद दोनों बढ़ रहे हैं।
🔹 उर्दू विषय के शिक्षकों को बड़ी संख्या में सरप्लस दिखाया गया है। इसकी अलग से समीक्षा कर त्रुटियों को दूर किया जाए।
🔹 जिन शिक्षकों ने म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प चुना था, उन्हें सरप्लस घोषित कर उनका म्यूचुअल विकल्प समाप्त कर दिया गया है। यह विकल्प पुनः उपलब्ध कराया जाए।
🔹 म्यूचुअल ट्रांसफर पोर्टल पर "No Data Found" जैसी तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
🔹 जिन विद्यालयों में रिक्त पद नहीं हैं उनका विकल्प दिखाई दे रहा है, जबकि जहाँ वास्तविक रिक्तियाँ हैं वे पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही हैं। इस तकनीकी त्रुटि को तत्काल ठीक किया जाए।
हमारा सुझाव
यदि शिक्षा विभाग वास्तव में अधिक से अधिक शिक्षकों को उनकी सुविधा के अनुसार समायोजन एवं स्थानांतरण का लाभ देना चाहता है, तो सभी शिक्षकों के लिए ऐच्छिक (Voluntary) समायोजन का विकल्प खोला जाए।
विद्यालय को सरप्लस घोषित किया जाए, शिक्षक को नहीं।
इस व्यवस्था से—
✅ शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार विद्यालय चुन सकेंगे।
✅ जबरन समायोजन की नौबत नहीं आएगी।
✅ विभाग पर स्थानांतरण का अतिरिक्त बोझ कम होगा।
✅ अनावश्यक शिकायतें और विवाद समाप्त होंगे।
✅ PTR का संतुलन भी बेहतर बना रहेगा।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS) का माननीय शिक्षा मंत्री जी एवं शिक्षा विभाग से विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक सुधार किए जाएँ, ताकि समायोजन प्रक्रिया का वास्तविक उद्देश्य सफल हो और प्रत्येक शिक्षक को न्याय मिल सके।
"समस्या बताना विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास है।"
@mkrtiwari_bjp
*ट्रांसफर पोर्टल में समस्या*
👉 *पति पत्नी के आधार पे ट्रांसफर न देना और मेडिकल के आधार पे देना नियमावली का उल्लंघन*
👉सरप्लस चिन्हित करने में गड़बड़ी
👉1 साल के अंदर जिनका ट्रांसफर हुआ है उनका नहीं खुल रहा है
👉दिव्यांगजनों को भी सरप्लस बता दिया गया है
👉पति पत्नी के आधार पर जो आए हैं वो भी सरप्लस
👉 HT का सब्जेक्ट न भरने के कारण नहीं खुलना
ऐसे अभी और भी समस्या है
*शिक्षा विभाग से अनुरोध है कि कृपया ई शिक्षाकोष ट्रांसफर पोर्टल पर आ रही इस समस्या को दूर कराया जाए*
इस का पालन सभी को करना है,
पंचशील/ पाँच प्रतिज्ञा
1. मार्च में सिर्फ़ एक झंडा — तिरंगा। किसी पार्टी, किसी संगठन का और कोई झंडा नहीं होगा ।
2. हाथ में या तो संविधान या फिर गांधी, आंबेडकर या भगत सिंह की तस्वीर रहेगी।
3. जुबान पर कोई नेगेटिव नारा नहीं — बस “जय हिन्द”, “भारत माता की जय”, “इंकलाब जिंदाबाद” और “जय भीम” जैसे नारों की गूंज होगी।
4. आचार व्यवहार में अनुशासन — मंच या वालंटियर जो भी निर्देश देंगे उसका पालन करेंगे और करवायेंगे
5. और मन में एक संकल्प — किसी तरह को कोई हिंसा बिल्कुल भी नहीं। हमला चाहे जैसा भी हो, हाथ हमारा नहीं उठेगा।
: @_YogendraYadav
दीपोत्सव का आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं ! दीपावली का यह त्योहार ज्ञान, सुख, और समृद्धि का प्रतीक है।
आपके जीवन में ज्ञान का दीपक जले,
सुख और समृद्धि का दीपक जले,
आपके सपनों का दीपक जले,
और आपके भविष्य का दीपक जले!
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं! 🎉
लालू प्रसाद यादव हमेशा उस वर्ग की आँखों में खटकते रहे, जिसके वर्चस्व को उन्होंने चुनौती दी। उन्होंने आख़िरी पायदान पर खड़े लोगों को राजनीति और सत्ता की मुख्यधारा में ला दिया। यही उनके नज़र में सबसे बड़ा "अपराध" था। इसलिए उन्होंने इसे “जंगलराज” कहकर बदनाम किया।
एक लाख से ज्यादा ट्वीट के साथ देश में पहले नंबर पर ट्रेंड कर रहा है बिहार के शिक्षकों की मांग #BiharTeachersMatter
माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar ji अब ध्यान दीजिये 🙏
उन्होंने मां को नहीं बताया था कि वो रेल मंत्री हैं। कहा था कि "मैं रेलवे में नौकरी करता हूं"। वह एक बार किसी कार्यक्रम में आए थे जब उनकी मां भी वहां पूछते पूछते पहुंची कि मेरा बेटा भी आया है, वह भी रेलवे में है।
लोगों ने पूछा क्या नाम है जब उन्होंने नाम बताया तो सब चौंक गए " बोले यह झूठ बोल रही है"। पर वह बोली, "नहीं वह आए हैं"। लोगों ने उन्हें लाल बहादुर शास्त्री जी के सामने ले जाकर पूछा," क्या वही है?"
तो मां बोली "हां वह मेरा बेटा है" लोग मंत्री जी से दिखा कर बोले "क्या वह आपकी मां है" तब शास्त्री जी ने अपनी मां को बुला कर अपने पास बिठाया और कुछ देर बाद घर भेज दिया।
तो पत्रकारों ने पूछा "आपने उनके सामने भाषण क्यों नहीं दिया"
तो वह बोले- मेरी मां को नहीं पता कि मैं मंत्री हूं। अगर उन्हें पता चल जाए तो वह लोगों की सिफारिश करने लगेगी और मैं मना भी नहीं कर पाऊंगा।..... और उन्हें अहंकार भी हो जाएगा।
जवाब सुनकर सब सन्न रह गए।
"कहां गए वो निस्वार्थि ,सच्चे ,ईमानदार लोग" हम सदैव स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को अपना आदर्श मानकर कार्य करते रहेंगे"।
आज है लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म दिन🙏❤️
यह लड़ाई है Excise Constable , LDC , Field Worker परीक्षाओं के आयोजन के लिए
यह शोर है JSSC की बार बार Exam Calendar Failure के विरोध में
यह आवाज़ है झारखण्ड दरोगा , BEO और झारखण्ड पुलिस की नई भर्ती के लिए
#JSSC_REFORMS@HemantSorenJMM@JharkhandCMO
हम शिक्षक हैं, समाज की नींव गढ़ते हैं। लेकिन जब बाकी सभी राज्यकर्मियों को 7वाँ वेतनमान मिला है, हमें घटे हुए बेसिक पर क्यों रोका गया? क्या हमारा समर्पण कम है? यह अपमान अब और नहीं सहेंगे। न्याय चाहिए, हक़ चाहिए।
@NitishKumar@INCBihar@yadavtejashwi#7thPayForBiharTeachers