BSF के पूर्व डिप्टी कमांडेंट साहब ने पैरामिलिट्री जवानों की पुरानी पेंशन तथा अन्य मांगों को लेकर सरकार से क्या कहा ।
सरकार को अनदेखा नहीं करना चाहिए
पैरामिलिट्री की जायज मांगें सुनी जानी चाहिए।
🚨 19 मार्च की प्रथम शिफ्ट की ALP CBT-2 परीक्षा रद्द हो!
कम उपस्थिति = नॉर्मलाइजेशन में भारी अन्याय ❌
हम समानता की माँग करते हैं!
📢 परीक्षा रद्द होने पर Free Railway Pass मिलेगा ताकि सभी अभ्यर्थी शामिल हो सकें।
✊ एकजुट होकर ट्वीट करें!
#Cancel_19March_ALPExam
जितना @dgpup के आरक्षियों को साइकल भत्ता मिलता है,
उससे अधिक तो आजकल
नेताओं,अधिकारियों के नाश्ते और पान मसाले में खर्च हो जाता है !🤣🤣🤣🤣🤣
ये @UPGovt बचाएँगी प्रदेश में अपराध से 🤣
सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों में ख़ैरात का पेट्रोल,डीज़ल ?
ग्राउंड फ़ोर्स को साइकल भत्ता ?
### पुरानी पेंशन योजना की उपयोगिता:
1. आर्थिक सुरक्षा:
- OPS सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक निश्चित मासिक पेंशन प्रदान करती है, जो उनकी अंतिम सैलरी का 50% तक हो सकती है। यह रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है, खासकर जब व्यक्ति की आय का कोई अन्य स्रोत न हो।
- यह महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के बीच वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
2. महंगाई भत्ता समायोजन:
- OPS के तहत पेंशन को समय-समय पर महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) के साथ समायोजित किया ज���ता है। इससे पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति बनी रहती है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में महत्वपूर्ण है।
3. जोखिम-मुक्त आय:
- NPS के विपरीत, जो बाजार आधारित है और निवेश जोखिमों के अधीन है, OPS में पेंशन की राशि निश्चित होती है। कर्मचारियों को बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं करनी पड़ती।
4. परिवारिक लाभ:
- OPS में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन मिलती है, जो परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- कुछ मामलों में, अविवाहित बच्चों या आश्रित माता-पिता को भी लाभ मिल सकता है।
5. सामाजिक सुरक्षा:
- भारत जैसे देश में, जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाएं सीमित हैं, OPS सरकारी कर्मचारियों के लिए एक विश्वसनीय सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
- यह रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य देखभाल और अन्य जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करता है।
6. कर्मचारी प्रेरणा और निष्ठा:
- OPS कर्���चारियों को दीर्घकालिक नौकरी के प्रति प्रेरित करता है, क्योंकि यह उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की जिंदगी को सुरक्षित बनाता है। इससे सरकारी सेवाओं में निष्ठा और समर्पण बढ़ता है।
7. सरल और पारदर्शी:
- OPS एक सीधी और समझने में आसान योजना है। कर्मचारियों को जटिल निवेश निर्णय लेने की जरूरत नहीं पड़ती, जैसा कि NPS में होता है।
### OPS की कुछ सीमाएं:
- सरकारी वित्त पर बोझ: OPS सरकार पर दीर्घकालिक वित्तीय दबाव डालती है, क्योंकि पेंशन पूरी तरह सरकार द्वारा वहन की जाती ह��।
- नई पीढ़ी के लिए लागत: बढ़ती पेंशन देनदारियों के कारण सरकार का बजट बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर कम खर्च हो सकता है।
- केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित: यह योजना निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं है, जिससे असमानता की भावना हो सकती है।
### वर्तमान संदर्भ:
हाल के वर्षों में, कई राज्य सरकारों (जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, और हिमाचल प्रदेश) ने OPS को फिर से लागू करन�� की घोषणा की है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि NPS बाजार जोखिमों के कारण अनिश्चितता पैदा करता है, जबकि OPS अधिक विश्वसनीय है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक OPS को पूरी तरह बहाल करने का फैसला नहीं लिया है और NPS को संशोधित करने पर विचार कर रही है।
### निष्कर्ष:
पुरानी पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत उपयोगी है। यह न केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है, बल्कि सरकारी सेवाओं में निष्ठा और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी बढ़ावा देती है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन में सरकारी वित्त पर पड़ने वाले बोझ को संतुलित करने की आवश्यकता है।
#Ops
#OPS_लागू_करो
हम #निजीकरण के खिलाफ है। बिजली कर्मियों के साथ है---बन्धु जी
* *09 अप्रैल - लखनऊ चलो -*
* *चलो लखनऊ 09 अप्रैल - अब एक ही नारा समस्त जनपदों और परियोजनाओं में आज पूरे दिन लखनऊ चलो की तैयारी की जाए।*
* *09 अप्रैल को लखनऊ में निजीकरण के विरोध में निर्णायक संघर्ष का शंखनाद होगा।*
* *09 अप्रैल - चलो लखनऊ*
* *इन्कलाब जिंदाबाद*✊
* @ विद्��ुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश
DGP साहब का इशारा किसकी तरफ है...
उत्तर प्रदेश में नए तरीके के माफिया आए हैं और वह अच्छी पोजीशन पर भी हैं...
यह माफिया प्रजातंत्र के मूल स्तंभ से भी जुड़े हुए हैं...
बस दिक्कत इस बात की है कि सरकार और पुलिस उनका नाम नहीं ले पा रही है
#असली_लोकतन्त्र_की_ताकत_ये_है#निजीकरण_के_खिलाफ़_अमेरिकी_सड़कों_पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ़ लाखों लाख अमेरिकी उतरे सड़कों पर। सरकारी नौकरियों में छंटनी, टैरिफ नीति, शेयर बाज़ार में ऐतिहासिक गिरावट और गलत और असामाजिक नीतियों के खिलाफ अमेरिका की जनता सड़क पर ।