@digvijaya_28 जब जब देश में आई आंधी।
पैदा हुए हैं गौतम,गांधी।
हुए अहंकारी जब जब यहां पर।
प्रहार हुए हैं उन पर कस कर।
टिका नहीं रावण भयंकर।
कौरव वंश नहीं रहा धरा पर।
लेकिन पोंड्रक फिर लौटा है।
उतना ही कुटिल और खोटा है।
चाटुकारों से नित्य घिरा है।
छल कपट और झूठ निरा है।
धूर्त बड़ा
@OfficeOfDVS आज के गांधी आप हो!
और ऐसे बहुत से आंदोलन देश हित में आपको करना है, करिये रुकिए मत देश आपके साथ खड़ा होगा जिस दिन आप निकल पड़ेंगे आप अपने आप में एक शक्ति हैं शायद पार्टी मोह और मर्यादा आपकी बेड़ी बनी हुई है इस बंधन का परित्याग करिए अभी समय है शायद देश बच जाएगा।अन्यथा मुश्किल होगी
*क्या यही शिव भक्ति है?
*यही सनातन है ?
*क्या यह धर्म का अपमान नहीं है?
*क्या भारत का युवा दिग्भ्रमित कार्यरहित नहीं
है?
*क्या यह कथित धार्मिक उर्फ राजनैतिक संगठनों
द्वारा धर्म के नाम पर युवा शक्ति का दुरुपयोग
नहीं है?
@dibang भागवत साहब का ये बयान
"छोटे भाई की गलती पर बड़े भाई द्वारा मात्र सफाई देना है"
ऐसा क्रम हम लगातार काफी समय से देखते आ रहे हैं।अब एक दो हफ्ते बाद भागवत जी निश्चित रूप से देखना कि कुछ न कुछ जहरिला बयान बीजेपी के पक्ष में देंगे।हमेशा से उनके मन कर्म वचन तीनों में भिन्नता रही है।
@dibang आदरणीय दिबांग जी!
पूज्यपाद तुलसीदास जी की एक चौपाई यहां प्रासंगिक लगती है।
"जानी न जाए निशाचर माया
कम रूप केहि कारण आया"
ये सब इनके चोंचले टोटके होते हैं सब लोगों का ध्यान भटकाने आपसी कलह क्लेश निपटाने कभी कभी मीडिया को भ्रमित करने ये सब करते रहते हैं।
ये सब शुद्ध मायावी हैं
@dibang@abhijeet_dipke जब तक स्वार्थ लोभ बेइमानी लोगो के अंतःकरण में रहेगी ये प्रक्रियाएं निरंतर होती रहेंगी।
जैसे भ्रष्टाचार,अन्याय,अत्याचार,अपराध और तमाम अनैतिक गतिविधियां।
इसके लिये जरूरी है आगामी पीढ़ियों के लिए इन श्रापों से मुक्ति के लिए एक विशुद्ध प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की।
@dibang@abhijeet_dipke महोदय बात सिर्फ सरकारें बदलने कि नहीं है। यहां बात है खोती हुई नैतिकता की ईमानदारी की जो एक मानव मात्र से जुड़ी है।
चाहे वह राजनेता हो, अधिकारी,कर्मचारी,सामाजिक कार्यकर्ता, धर्म प्रचारक,यहां तक कि भाई भाई भी हों उनकी निष्ठा नैतिकता कम होती जा रही है।
ये चिंता का मिल कारण है
@INCIndia सिर्फ विरोध प्रदर्शन करना सरकार के दोषों को देखना सिर्फ उनपर टीका टिप्पणी करते रहना पर्याप्त नहीं है हां @RahulGandhi को चाहिए कि सभी बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को विसंगतियों एवं पनप रही सामाजिक,आर्थिक,आपराधिक,शैक्षिक,
औद्योगिक,धार्मिक अव्यवस्थाओं एवं नीतियों का तुलनात्मक,समीक्षात्मक
@INCIndia@RahulGandhi@BJP4India इसी कार्य में लगे रहे ऐसा बीजेपी का उद्देश्य है और इसमें वह सफल हो रही है।
कोई भी विपक्षी दल अपनी आगामी कार्ययोजना रख ही नहीं पा रहा है अतः समस्त देश हित चाहने वाले पत्रकार जैसे @dibang@NewsSChaudhary इस बात से दलों को आगाह करें और समस्त विपक्षी नेता जैसे श्री @SanjayAzadSln