जम्मू के थाना आर.एस. पुरा में 32 वर्षीय दलित युवक उत्तम चंद को पुलिस द्वारा घर से ले जाने के बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला बेहद दुखद,गंभीर और चिंताजनक है।
पीड़ित परिजनों से मेरी बात हुई। उनका कहना है कि 8 सितंबर की रात पुलिसकर्मी उत्तम चंद को घर से जबरन अपने साथ ले गए। परिवार ने पुलिस पोस्ट के बाहर से उसके चीखने और मारपीट से बचाने की गुहार लगाने की आवाजें सुनीं। परिजनों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे जब उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में बाहर लाया गया तो उसने अपने भाई को बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की है और उसे जान से मार देने की आशंका जताई। इसके कुछ ही घंटों बाद, सुबह लगभग 5:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
इस घटना के बाद भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जम्मू जिला टीम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन पुलिस द्वारा टीम के कार्यकर्ताओं को जबरन डिटेन कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बेहद निंदनीय है।
यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पुलिस हिरासत में व्यक्ति की सुरक्षा और कानून के शासन से जुड़ा गंभीर सवाल है। पूरे
@CM_JnK से हमारी मांग है कि उत्तम चंद की मौत की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को न्याय एवं उचित मुआवजा दिया जाए तथा न्याय की मांग कर रहे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं को जबरन डिटेन न किया जाए और उन पर लाठीचार्ज न किया जाए। न्याय की मांग करने वालों को डराने या दबाने के बजाय पुलिस को अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों का जवाब देना चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ पीड़ित परिवार के साथ हैं। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और न्याय की लड़ाई में हर संभव संघर्ष करेंगे।
@OmarAbdullah@India_NHRC@NCSC_GoI
लद्दाख की जनता की आवाज़ पर्यावरणवादी, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जेल में डालना लोकतंत्र पर हमला और सरकार की विफलता है। ये कायरता पूर्ण कदम साबित करता है मोदी सरकार तानाशाह और निरंकुश हो चुकी है।
अपनी ज़मीन, रोज़गार और पहचान की लड़ाई लड़ना कब से देशद्रोह हो गया?
@azadsamajparty सोनम वांगचुक व लद्दाख की जनता व उनकी मांगों के साथ खड़ी है। अब लद्दाख की लड़ाई देश की लड़ाई है!
#FreeSonamWangchuk
सरकारी स्कूलों में गीता के श्लोक अनिवार्य करना संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर हमला है।
उत्तराखंड की भाजपा सरकार क्या अब सरकारी स्कूलों को भी ‘धर्मशाला’ बनाना चाहती है?
क्या अब स्कूलों में बाइबल, कुरान और गुरु ग्रंथ साहिब भी पढ़ाए जाएंगे? या यह सिर्फ एक धर्म थोपकर अपना एजेंडा चलाने की साज़िश है?
हम संविधान के साथ हैं, न कि किसी धर्म विशेष की राजनीति के साथ।
भारत का संविधान एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना करता है, जहां:
अनुच्छेद 28(1) कहता है:
> “राज्य की निधि से चलने वाले किसी भी शैक्षणिक संस्थान में धार्मिक शिक्षा या उपदेश नहीं दिया जा सकता।”
सरकारी स्कूलों में धार्मिक गतिविधियों को थोपा नहीं जा सकता, चाहे वह किसी भी धर्म की हों।
#ConstitutionFirst
#शिक्षा_पर_धर्म_नहीं
Dalit women's are being beaten by Casteist goons in Pragwal Jammu but police think it's very pitty offences done by Accused. @dmjammuofficial@BhimArmyChief@OfficeOfLGJandK .Hope police will understand it's responsibility
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर ग्वालियर खंडपीठ में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, उपरम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा की स्थापना को लेकर कई दिनों से चल रहा विवाद अपमानजनक और हिंसक मोड़ पर पहुँच चुका है।
माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बाबा साहेब की प्रतिमा को न केवल न्यायालय परिसर में प्रवेश से रोका जा रहा है बल्कि ये धमकी दी रही है "प्रतिमा ही नहीं बचेगी"। यह सीधा न्यायपालिका की अवमानना है। यह सिर्फ एक मूर्ति का सवाल नहीं है, यह हमारे आत्मसम्मान, इतिहास और संवैधानिक चेतना का प्रश्न है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब भीम आर्मी के निहत्थे कार्यकर्ताओं ने इस अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्वक विरोध किया, तब पुलिस की मौजूदगी में उन पर कायराना हमला किया गया।
यह हमला सिर्फ भीम आर्मी पर नहीं, बाबा साहेब के विचारों और बहुजन आत्मसम्मान पर हमला है।
मेरा सवाल है मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, क्या आपकी सरकार उस सोच के सामने नतमस्तक हो चुकी है जो बाबा साहेब की विरोधी है और संविधान की आत्मा को कुचलना चाहती है?
हम इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठ सकते है। बहुत जल्द मैं ग्वालियर आऊंगा।
@MP_MyGov@CMMadhyaPradesh
योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 'रामायण' और 'वेद' पर एकपक्षीय कार्यशालाएं अनिवार्य करना, न केवल संविधान की मूल भावना का उल्लंघन है, बल्कि यह देश की सामाजिक विविधता पर सीधा प्रहार है। यह फैसला बताता है कि सरकार शिक्षा नहीं, धार्मिक ध्रुवीकरण के ज़रिए राजनीतिक लाभ लेने का काम रही है।
जहाँ एक ही कक्षा में दलित, मुस्लिम, बौद्ध, सिख, ईसाई और आदिवासी पृष्ठभूमि के बच्चे साथ पढ़ते हैं, वहाँ यदि विद्यालयों को एक धर्म विशेष के प्रचार का मंच बना दिया जाए, तो यह न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि इन बच्चों की धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ भी है।
संविधान का अनुच्छेद 28 साफ़ कहता है: किसी राज्य-वित्तपोषित शैक्षणिक संस्थान में धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकती, और किसी भी छात्र को धार्मिक उपासना में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद अगर राज्य सरकार अपने एजेंडे के तहत धार्मिक कार्यशालाएं थोपती है, तो यह संविधान की हत्या जैसा गंभीर अपराध है।
मैं पूछना चाहता हूँ मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से शिक्षा के नाम पर एक धर्म थोपने की साज़िश – संविधान की हत्या नहीं तो और क्या?
परम पूज्य बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने हमें धर्मनिरपेक्षता, समानता और वैज्ञानिक सोच की राह दिखाई थी। आज उसी राह को छोड़कर योगी सरकार शिक्षा को बहुसंख्यकवाद की प्रयोगशाला बना रही है।
भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का स्पष्ट मत है कि अगर किसी विषय पर कार्यशालाएं होनी ही हैं, तो वे संविधान, मौलिक अधिकारों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक न्याय, और नागरिक जिम्मेदारियों पर आधारित हों। बच्चों को आत्म-सशक्तिकरण, समानता, और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाए। उन्हें अनुच्छेद 51(A) के अनुसार तर्कशील, वैज्ञानिक व मानवतावादी दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा दी जाए।
यदि धार्मिक या सांस्कृतिक विषय शामिल किए भी जाएं, तो उसमें ‘सर्वधर्म समभाव’ हो और बच्चे की पसंद व धार्मिक स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान किया जाए।
शिक्षा का उद्देश्य धर्म प्रचार नहीं, विवेकशील नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। यही भारत की आत्मा है, यही संविधान की पुकार है।
भारत के माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी 10 मई को हुए भारत-पाकिस्तान सीज़फायर का आज देश को संबोधित कर बखान कर रहे थे, और उधर पाकिस्तान अखनूर, सांबा जम्मू सहित सीमावर्ती इलाकों में अपने ड्रोन और यूएवी भेज रहा था।
यह कैसा सीज़फायर है?
#ceasfire#ceasefirevoilation
जातिगत जनगणना से शुरूआत करूँगा जिसकी देश को जरूरत है क्योंकि गणना होगी तो आंकड़े आएंगे,आंकड़े आएंगे तो जो बजट दिया जा रहा है वो सही तरीके से लोगों तक पहुंच पाएगा और लोगों को उस बजट का फायदा होगा।
#LokSabha में महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief नगीना सासंद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी
#BudgetSession2025
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 14 वर्षीय दलित बच्ची के साथ जातिवादी गुंडों द्वारा किए गए सामूहिक बलात्कार की घटना न केवल इंसानियत के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह अपराध समाज के सबसे कमजोर वर्ग के खिलाफ की गई वीभत्स हिंसा का प्रतीक है और इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।
यह चिंताजनक है कि न्याय के लिए लगाई गई पीड़िता के पिता की गुहार को पुलिस द्वारा बार-बार अनसुना कर दिया गया। यह प्रशासनिक लापरवाही और अन्याय का सबसे घिनौना उदाहरण है।
भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आज 20 तारीख को दोपहर 2 बजे शहीदी चौक, कठुआ पर विरोध प्रदर्शन कर न्याय की माँग करेगी।
@JmuKmrPolice से हमारी माँग है कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और उन्हें फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के जरिए कठोरतम सजा दी जाए। घटना की जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
With profound grief, the demise of the former Prime Minister of India, Dr Manmohan Singh, aged 92 is a big loss for our Nation. He was among my best Leaders and great Economist. His contribution for our Nation will always be remembered 🙏
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव में दलित युवक नारद की बर्बर हत्या ने पूरे बहुजन समाज को झकझोर कर रख दिया है।
नारद, जो अपने मामा के घर आया हुआ था, ने सरपंच के बोरवेल से पानी भरने की "हिम्मत" की, और इसी "जुर्म" में उसे लाठी-डंडों से इतना बेरहमी से पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह घटना न केवल दलित समाज पर बढ़ते अत्याचारों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भाजपा सरकारों के "एक है तो सेफ है" जैसे दावे, दलितों को "सेफ" करने में पूरी तरह विफल हैं।
@dgp_mp इस जघन्य अपराध के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।