यह सुप्रीम कोर्ट ही है जिसने कहा था कि "SIR में कोई बाधा बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
योगेंद्र यादव खुद कोर्ट में पेश हुए। तार्किक ढंग से दलील दी कि यह सब गलत हो रहा है। जिंदा लोगों को कोर्ट में पेश किया कि इनके नाम कैसे काटे जा सकते हैं। माननीय कोर्ट ने क्या किया? आधार को मान्य करार दिया और योगेंद्र यादव की तारीफ करके मामला रफा-दफा कर दिया।
ममता बनर्जी खुद कोर्ट में पेश हुईं। दलील दी कि योग्य मतदाताओं के नाम काटना गलत है। राज्य में 27 लाख लोग वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। आखिरकार कोर्ट ने क्या किया? कहा "कोई बात नहीं, अगली बार वोट दे देना।"
क्या बिना वजह, कुछ दिन या कुछ साल के लिए लोकतंत्र को सस्पेंड भी किया जा सकता है? क्या मेरी नागरिकता किसी की इच्छा या दया पर आधारित है? क्या नागरिकता सरकार की मनमानी के बावजूद मिली हुई भीख है?
यह कैसे कहा गया कि "अगली बार वोट दे देना"? जिन 1 लाख लोगों की अपील पर फैसला हुआ, उसमें से 93% नागरिकों के पक्ष में फैसला हुआ, क्या अब भी कोर्ट को नहीं लगा कि उनसे गलती हुई है?
मीडिया में सैकड़ों रिपोर्ट आईं कि कैसे SIR के बहाने लोकतंत्र का जनाजा निकाला जा रहा है, लेकिन कोर्ट ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
पिछले कई सालों से बड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट का रवैया अजीब रहा है। वे केस सुनने को तैयार होते हैं। सुनवाई करते हैं। बहुत तार्किक और उम्मीद जगाने वाली टिप्पणियां करते हैं। लेकिन फैसला वह आता है जो नहीं आना चाहिए।
क्या सुप्रीम कोर्ट कभी यह बताएगा कि उनकी निगहबानी में बंगाल के 27 लाख लोगों से वोट का अधिकार क्यों छीना गया? क्या कोर्ट यह चाहता है कि लोग कोर्ट से न्याय की आशा और संविधान में भरोसा करना छोड़ दें?
(मैं कोई सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के लायक नहीं हूं। जो देख रहा हूं, बस वही कह रहा हूं। इसे कोर्ट के प्रति एक सामान्य नागरिक की निराशा समझा जाए।)
PM बेटी बचाओ का नारा देते हैं भाजपाई उन्हें हवस का शिकार बनाते हैं।
#गोंडा जनपद का BJP जिलाध्यक्ष महिला के साथ सेक्स करते पकड़ा गया।
#हमीरपुर का BJP जिला अध्यक्ष जिला उपाध्यक्ष बनाने की शर्त सेक्स की डिमांड करते धरा गया।
#बलिया का जिलाध्यक्ष सेक्स किया।
महिलाएं BJP में सुरक्षित नहीं।
‘बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली भाजपा से अब एक सीधा सवाल है—भाजपा में बेटियां और महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं?
बीजेपी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री देशवासियों को जबाब दें।
गोंडा में भाजपा जिलाध्यक्ष से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो सामने आया और पार्टी को कार्रवाई करनी पड़ी।
बलिया में भाजपा की महिला नेता ने जिलाध्यक्ष पर यौन शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सवाल सिर्फ आरोपों का नहीं, सवाल उस राजनीतिक संस्कृति का है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर बार-बार सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा को भाषणों में ‘बेटी बचाओ’ 33% महिलाओं को आरक्षण दो कहने से आगे बढ़कर अपने संगठन में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, उन्हें सुचिता का पाठ क्यों नहीं RSS पढ़ाता?
बेटी बचाओ का नारा तभी सार्थक होगा, जब भाजपा/RSS के भीतर भी बेटियां सुरक्षित महसूस करें।
बाल बिखरे है उसके,
आँखों पर पारदर्शी चश्मा है
इस बीते भर की देह में वह क्रांति की ऐसी आग रखती है
कि हुक्मरानों को चैन से सोने नही देती
वह गलत को गलत कहती हैं
गुंडे को गुंडा और लंपट को लंपट
उसे देखकर लगता हैं भगत सिंह है वो,
सावित्री है वो
चलती फिरती क्रांति है वो
#NehaBora
आज की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बिहार और बंगाल के चुनाव अवैध घोषित हो जाने चाहिए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि फॉर्म 6 में किसी किस्म के संशोधन के लिए हमने कोई आदेश नहीं दिया था।
अब यह तेजस्वी @yadavtejashwi और ममता दीदी @MamataOfficial की जिम्मेदारी है कि तत्काल कोर्ट में चुनाव निल घोषित करने की याचिका दें।
मत भूलिए फॉर्म6 में लाखों नाम सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर काटे गए कि कोर्ट ने संशोधन की मंजूरी दे दी है।
साथ ही राहुल गांधी @RahulGandhi@yadavakhilesh समेत समूचे विपक्ष की जिम्मेदारी है कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आए कि इन व्यापक संशोधनों से वो कैसे अनभिज्ञ थे और मनमाने SIR की इजाजत दी।
वोट चोर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ हल्ला बोल।
8 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव जी के नेतृत्व में पूरा बिहार पटना की सड़कों पर होगा। वोट चोरी के ख़िलाफ़ गवर्नर हाउस तक मार्च करेंगे।
Shame
मेल पुलिस ने मेरे ब्रेस्ट को टच किया है।
मुझे बहुत दर्द हो रहा है।
मेरा ब्रेस्ट पूरा ग्रीन हो चुका है,उस पर कस के दबाये जाने का निशान है।
जिसे सबूत चाहिए , मैं उसे सबूत दूंगी।
मेरी FIR नहीं लिखी जा रही है, बस मुझे पांच मिनट, पांच मिनट रुकने को कहे जा रहे हैं।
ये कटिहार के बूथ संख्या 222 पर मकान नंबर 82 है। S.I.R कराने के बाद ज्ञानेश कुमार यहां भी नंगा हुआ है। इस टूटे जर्जर मकान में 197 वोटर रहते हैं।
ये मकान 20 साल से बंद है।
वोट चोर, गद्दी छोड़!
#Arrest_GyaneshKumar
हर्ष यादव नाम का रिपोर्टर चिल्ला चिल्लाकर कह रहा है मेरे पास प्रेसकार्ड है मुझे क्यों डिटेन कर रहे हो।
शिकायत है कि गोदी मीडिया को गेस्ट ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और इंडिपेंडेंस यूट्यूबर्स को भगाया जा रहा है या डिटेन किया जा रहा है।
ये न्यू इंडिया है।
उन्होंने मेरा इंटरव्यू लेने से मना कर दिया क्योंकि मैं यादव (OBC) हूँ। 🚨🚨
“मैं यादव हूँ, मैंने प्रीलिम्स और मेन्स दोनों पास कर लिए हैं। लेकिन, जातिगत भेदभाव के कारण, केंद्रीय विद्यालय में PGT लेक्चरर की पोस्ट के लिए मेरा इंटरव्यू नहीं हुआ।”
2005 से पहले का झूठा रोना अब निकम्मों की सरकार का ढाल नहीं बन सकता ..
20 साल से ज्यादा सत्ता में बैठने के बाद भी अगर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए 2005 से पहले के बारे में झूठी गढ़ी गयी कहानी का सहारा लेना पड़ रहा है, तो इससे बड़ा नाकारापन और क्या होगा ? आज राज्य में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, लेकिन सत्तापक्ष के लोग पुरानी, घिसी - पिटी , गढ़ी गयी कव्वाली गा कर ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ ले रहे हैं ।
इन लोगों से मेरा साफ़ कहना है कि खुद के निक्कमेपन पर पर्दा डालने के लिए अतीत के उन पन्नों के पीछे छिपना बंद कीजिए, जो पन्ने आप लोगों के ही द्वारा लिखे गए और सरासर झूठे हैं ।
पिछले 20 सालों से बिहार में उन्हीं लोगों की सरकार है , जो अपनी नाकामी छुपाने में उस्ताद हैं , जब भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, ये तमाम लोग २००५ के पहले का झूठा राग अलापने लगते हैं। आज के अपराध, आज की बदहाली और आज के प्रशासनिक तंत्र की नाकामी का हिसाब कौन देगा? निकम्मेपन की भी एक सीमा होती है!"
बिहार के जमुई में बीच सड़क पर एक लड़की के साथ बलात्sकार की कोशिश की गई. कहाँ हैं मोदीजी? बेटियाँ बच नहीं पा रही हैं. आप बेटियों को बचा नहीं पा रहे हैं या उन्हें बचाना ही नहीं चाहते? खैर! बेटियों से माफ़ी मंगवाने वालों से बेटियों का सम्मान बचाने की उम्मीद करना मूर्खता ही है
@narendramodi@AmitShah
बड़ी बड़ी निर्लज्ज सरकारों में "ऐसी छिटपुट घटनाएं घटती रहती हैं!"
यह तो कैमरा था, रिकॉर्ड हो गया तो निर्लज्ज सरकार से नकारते नहीं बन रहा, अन्यथा सम्राट सरकार में ऐसी जघन्य घटनाएं रोज होती रहती हैं जिसे NDA के बेशर्म "छिटपुट" घटनाएँ बताते रहते हैं!
#Crime#Bihar#RJD
उत्तर प्रदेश में रोजगार का कैसा मॉडल खड़ा किया जा रहा है - काम सरकारी, जिम्मेदारी सरकारी, लेकिन कर्मचारी संविदा और आउटसोर्स पर!
न नियमित भर्ती, न सम्मानजनक वेतन, न भविष्य की सुरक्षा। योगी सरकार जवाब दे कि क्या नौजवानों के हिस्से में अब पक्की नौकरी नहीं, केवल ठेका आएगा?
सरकार को कर्मचारी चाहिए या सस्ते मजदूर?
जमुई में बच्ची के साथ हुई बर्बरता पर सरकार किस तरह अपराधियों को बचा रही है, इसका एक छोटा-सा उदाहरण देखिए:
1. घटना 19 सितंबर को हुई। लेकिन मामले को दबाने का प्रयास किया गया। 20 सितंबर को सम्राट चौधरी, निशांत कुमार समेत कई बड़े मंत्री जातीय सम्मेलन में शामिल थे। वीडियो वायरल होने के बाद आज गिरफ्तारी हुई है।
2.घटना के बाद अबतक 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस हुए हैं।
एक थाना स्तर पर, एक जिला मुख्यालय और एक राज्य मुख्यालय पर। तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस देखे। किसी में भी गिरफ्तार किए गए (सत्यापन के बाद) आरोपियों का नाम नहीं बताया गया। पत्रकारों द्वारा नाम पूछे जाने के बावजूद नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। सवाल यह है कि क्या आरोपियों की पहचान बताने को लेकर पुलिस सभी मामलों में एक समान मानदंड अपनाती है? क्योंकि दूसरे मामलों में कई बार आरोपी की पहचान और सरनेम तक सार्वजनिक रूप से बताया जाता रहा है। सरनेम के साथ।
3. विभाग की आधिकारिक ID से किए गए किसी भी पोस्ट में भी आरोपियों का नाम नहीं है। नाम सार्वजनिक न करने की वजह क्या है समझ रहे होंगे आप भी। क्या यही नियम सभी मामलों में समान रूप से लागू होता है? आजतक के इतिहास में पहला मामला है जिसमें सत्यापित अपराधी का नाम नहीं बताया जा रहा है आधिकारिक रूप से।
4. पुलिस बता रही है कि आरोपी ने अपनी उम्र नाबालिग होने के समर्थन में दस्तावेज दिए हैं। वीडियो को देखकर कोई अंधा व्यक्ति भी बता देगा कि वह हैवान 30+ है।
नियत तो साफ नहीं है सरकार की इतना समझ में आ गया है। और समझ में यह भी आ रहा है कि वह हैवान आम लड़का नहीं होगा कोई न कोई बड़े सत्ताधीश नेता का अड़ दल्ली जरूर होगा।
अखिलेश यादव जी को रैली के लिये अनुमति नहीं मिल रही है...
असदुद्दीन ओवैसी रैली पर रैली कर रहे हैं, उन्हें सारी अनुमति मिल जाती है!
ये कौन सी सेटिंग है योगी और ओवैसी के बीच?