मोहनजी के सम्मान में, अखलेस भैया मैदान में। एक भाई बस अपना कर्तव्य निभा रहे हैं
उत्तर प्रदेश में आए दिन मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, उन पर झूठे इल्ज़ाम लगाकर उन्हें जेल भेजा जाता है। अखिलेश उनके लिए कभी कुछ नहीं कहते, लेकिन भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए देखिए कितनी हमदर्दी है।
सपा का "समाजवाद" असल में यादव समाजवाद है।
देश में कांग्रेस के कुल 664 विधायक हैं।जिसमें 78 % हिन्दू और 12% मुसलमान हैं
हम कमजोरों के साथ रहे हैं। हम कभी उनका धर्म नहीं देखते : पवन खेड़ा, कांग्रेस
Imagine the pain of a mother whose son has been languishing in jail for 5 years and has been released just for a few days to campaign in Okhla. Crying inconsolably she tells @asadowaisi to take care of her son @ShifaurJMI
मुसलमानों की मस्जिदों पर दावे, घरों-दुकानों पर बुलडोज़र, घर ख़रीदने पर बैनरों-पोस्टरों के साथ विरोध-प्रदर्शन।
सरकारी और ग़ैर सरकारी सांप्रदायिकता का नंगा नाच आख़िर कब तक चलता रहेगा ?
क्या इस देश और समाज की आत्मा मर गई है ?
बदायूं उत्तर प्रदेश की जामा मस्जिद को भी निशाना बनाया गया है । अदालत में 2022 में केस किया गया था और उसकी अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी। ASI (जो भारत सरकार के तहत काम करती है) और उ.प्र सरकार भी केस में पार्टी हैं । दोनों सरकारों को 1991 एक्ट के अनुसार अपनी बात रखनी होगी।शर पसंद हिंदुत्ववादी तंज़ीमें किसी भी हद्द तक जा सकते हैं, उन पर रोक लगाना भारत के अमन और इत्तिहाद के लिए बहुत ज़रूरी है।
आने वाली नस्लों को “AI” की पढ़ाई के बजाए “ASI” की खुदाई में व्यस्त कर दिया जा रहा है।
तुझ को कितनों का लहू चाहिए ऐ अर्ज़-ए-वतन?
जो तिरे आरिज़-ए-बे-रंग को गुलनार करें
कितनी आहों से कलेजा तिरा ठंडा होगा
कितने आँसू तिरे सहराओं को गुलज़ार करें
#संभल में पुर-अमन एहतिजाज करने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फायरिंग करने कि हम कड़ी निंदा करते हैं, पुलिस की फायरिंग में तीन नौजवानों की मौत हुई है।अल्लाह से दुआ है के अल्लाह मरहूमीन को मग़फ़िरत अदा करे और उनके घर वालों को सब्र ए जमील अदा करे। इस हादसे की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। जो अफ़सर ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होनी चाहिए।
पूछकर बताओ इस कुत्ते से कहाँ आना है अकबर साहब की ज़रूरत नहीं इसको 100 अप्सराओं के पास भेजने के लिये पाँच सेकंड का समय लगेगा वो भी @aimim_national का एक कार्यकर्ता काफ़ी है अकबरे आज़म को देखकर ही यह पेशाब और संडास दोनों कर देगा