हिंदुओं की भीड़ है,
हाथ में सनातनी झंडे हैं,
एक युवक मुंह में पेट्रोल भरता है और खंभे पर लगे "हरे" झंडे को जलाने का प्रयास करता है।
ऐसा करते हुए यूपी पुलिस के 2 सिपाही आराम से देख रहे है।
क्या दंगा ऐसे ही होता है?!
कल तक जिस चारमीनार के पास कोई मंदिर नहीं था आज वहां मौजूद ये मंदिर दिन ब दिन बड़ा होता जा रहा है, नवरात्री दशहरा पर हजारों की भीड़ और सब तरफ ख़ामोशी बहुत सवाल खड़े करती है!
ASI का कानून कहता है कि किसी भी वर्ल्ड हेरिटेज के 100 मीटर के दायरे में कोई भी पक्का कंस्ट्रक्शन नहीं हो सकता फिर चारमीनार के एक पिलर के साथ ये मंदिर......🤔
जो तथाकथित 'निष्पक्ष' प्रशासन मुसलमानों की सैंकड़ों साल पुरानी मस्जिदों दरगाहों को अवैध बोल कर पल भर में बुलडोज़र चला देता है वो यहाँ सन्नाटे में है!
पूरे देश में मुसलमानों के हकों की बात और चारमीनार के इस मंदिर पर ओवैसी साहब की ख़ामोशी क्यों?
3 महीने का एक मासूम बिना पंखे, लाइट और पर्याप्त खाने-पानी के 6 दिनों तक अंधेरे कमरे में बंद रहा।
मालकिन पचमढ़ी घूमने चली गई थी और उसका कहना था— "बच्चा 4 बिस्किट पर सर्वाइव कर लेगा!"
बेजुबान खिलौने नहीं हैं, उन्हें दर्द और भूख महसूस होती है। कहीं भी ऐसी क्रूरता देखें, तो चुप न रहें—आवाज़ उठाएं! 🐾
एक मुस्लिम लड़की को ट्रेन से नीचे उतारा गया, आधार कार्ड चेक किया गया और मुस्लिम होने की पुष्टि के बाद ही जाने दिया गया—ऐसा आरोप है।
क्या अब इस देश में ट्रेन में सफर करने के लिए भी धर्म बताना पड़ेगा?
आखिर कानून का राज चलेगा या कथित धर्म के ठेकेदारों का?
रंगारेड्डी, तेलंगाना में एक मस्जिद के ठीक सामने RSS की 10 दिन की शाखा का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ‘भारत माता पूजन’ किया गया और “जय श्री राम” के नारे भी लगाए गए।
सवाल यह है कि मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल के सामने इस तरह का कार्यक्रम करने की अनुमति क्यों दी गई?
ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और इलाके में शांति बनी रहे।
“वह लोग (मुसलमान) उज्जैन में मस्जिद नहीं तोड़ने के लिए पत्थर चलाते हैं और आप लोग हमें (मस्जिद में) हनुमान चालीसा नहीं पढ़ने दे रहें!”
उत्तर प्रदेश के मेरठ में 29 सितंबर को उत्तराखंड के HRD अध्यक्ष के नेतृत्व में हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष "पिंकी" के आह्वान पर हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए केसरगंज मस्जिद जाने की कोशिश की!
जब पुलिस ने उन्हें रोका, तो उत्तराखंड HRD अध्यक्ष ने अधिकारियों से निवेदन की कि उन्हें इस "UP सरकार" में हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाज़त दी जाए! ग्रुप ने नारे भी लगाए, “न मुल्ला का न काज़ी का, यह देश वीर शिवाजी का है!”
Amit Shah tells journalist to Dilli mai mil.
A learning moment for Noida journalists in how to ask tough questions to the ruling, from Mumbai journalists.
“आदिवासियों को UCC से बाहर रखा गया है क्योंकि उनका धर्म, जीवनशैली और परंपराएं अलग है, वैसे ही मुसलमानों की भी तो अलग है, फिर क्यों हम पर UCC थोप रहे हैं?”: @asadowaisi
संभाजीनगर (औरंगाबाद) में UCC पर #AsaduddinOwaisi ने कहा, "जो UCC बिल महाराष्ट्र में लाने की तैयारी कर रहे हैं वह बिल्कुल उत्तराखंड, असम और गुजरात का UCC बिल है। वह UCC बिल क्या है? हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट, हूबहू, बिल्कुल कट-एंड-पेस्ट करके लागू कर दिया गया है। अब आप ही बताइए, आपने आदिवासियों को इससे बाहर रखा है। मध्य प्रदेश में 21% आदिवासी और 7% मुसलमान हैं। उत्तराखंड में आपने आदिवासियों को बाहर रखा और गुजरात में भी ऐसा ही किया। आपने उन्हें बाहर क्यों रखा? क्योंकि आदिवासियों का धर्म अलग है, उनकी जीवनशैली अलग है, उनकी परंपराएं अलग हैं। मेरा भी तो अलग है, है ना? इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है। हिंदू धर्म में, यह कई जन्मों का बंधन है। इस्लाम में शादी, यानी निकाह, दो बराबर के साथियों के बीच होती है। वहां, यह हिंदुओं में जन्म-जन्मांतर का बंधन है।"
“न मुल्ला का न काज़ी का, यह देश है वीर शिवाजी का है, जय सिया राम!”
MP के ढोढर, रतलाम में 28 सितंबर को पुलिस और हिंदूवादी दल ने मिलकर एक मुस्लिम युवक पर “लव जिहाद” में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उसकी परेड निकली। हिंदूवादी दल के सदस्यों ने मुस्लिम युवक कथित तौर एक ट्रेन स्टेशन पर हिंदू महिला के साथ पकड़ा था।
कश्मीरी पुलिस :- आप अल्लाह हु अकबर के नारे नहीं लगा सकते।
लेकिन आप भारत में बहुसंख्यक हो तो आप हिंदुराष्ट्र बनाने के बयान दे सकते हैं, मुसलमानों के नरसंहार उनको मारने भगाने की बात कह सकते हैं।
आप हिंदू है तो इस्लाम और प्रोफेट मुहम्मद पर भद्दी टिप्पणियां कर सकते हैं।
थूकता हूं में ऐसे सिस्टम पर जो एक विशेष समुदाय के साथ नाइंसाफी करे।
आओ आपको बिहार के दो प्रदर्शनकारियों की तरफ ले चलते है, जिनमे दोनों ने ही चक्का जाम करने की बात कही थी, तो फिर सज़ा अलग अलग क्यों मिली..?
एक ब्राह्मण को ₹25,000 के मुचलके पर सिर्फ 5 घंटे में रिहा कर दिया जाता है, जबकि एक मुस्लिम को उसी तरह के आरोप में 6 साल तक बिना ट्रायल जेल में रखा जाता है।
फिर लोग कहते है नाम मे क्या रखा है...!!
#FreeSharjeelImam
महाराष्ट्र: गौरक्षकों ने खून से लथपथ मुस्लिम मवेशी ट्रांसपोर्टर को प्रताड़ित कर गाड़ी में तोड़फोड़ की और "जय श्री राम" के नारे लगाए!
धुले, नासिक में 25 सितंबर को हिंदूवादी गौरक्षकों ने मवेशी ले जा रही एक गाड़ी का पीछा किया, जिससे वह दूसरी गाड़ी से टकरा गई और मुस्लिम मवेशी ट्रांसपोर्टर और 4 अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होना पड़ा!
⚠️TW: Disturbing & Sensitive Media⚠️
धर्म के ठेकेदार ख़ुद ही विचार करें की क्या ये कहीं से भी न्यायोचित है?
दो मासूम जिन्हें बैठा दिया गया धर्म की आड़ में पैसा कमाने को शर्म आनी चाहिए ऐसे जाहिलों को जिन्होंने ये कृत्य किया है!
मासूम बच्चे सोने के लिए व्याकुल हैं, नींद में गिर रहे हैं, कौन हैवान है जो ऐसा कर रहा है और जिन्हें इन मासूमों पर तरस नहीं आता!
धर्म नहीं अधर्म है ये….
🚨क़ानून के दो चेहरे!
▪️कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
कोई FIR दर्ज नहीं की गई।
अगर इसे उकसाना नहीं माना जाएगा, तो फिर किसे माना जाएगा?
▪️ 6 साल हो गए…
Umar Khalid और Sharjeel Imam
को न ज़मानत, न ट्रायल की शुरुआत।