बेटे ने आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो देवर के साथ मिलकर की हत्या; आरोप लगाया ब्राह्मण परिवार पर
SC/ST केस में बर्बाद हो गया परिवार, अब 8 साल बाद फर्जी निकला मामला
मुआवजे के लालच में कैसे चलता है फर्जी मुकदमों में फँसाने का खेल? जानिए @Anurragmishra से
सेवानिवृत्त सेना अधिकारी, कर्नल अनिल चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं...
भारत के सभी नागरिकों को इस वीडियो को सभी ग्रुपों में शेयर करना चाहिए
ताकि यह देश भर के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों तक पहुँचे, शायद तब उन्हें कुछ शर्म महसूस हो।!
दाद देनी पड़ेगी! सच्चाई की रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रस्तुति।🙏🙏
IIT बॉम्बे के छात्र की जान जातिवाद की वजह से नहीं गयी,
लेकिन देवा द्विवेदी की गई है!!
22 साल के देवा द्विवेदी ने SC/ST एक्ट लगाए जाने और उससे हुए मानसिक दबाव में आत्महत्या कर ली!
तो अब देवा को न्याय कौन देगा?
SC/ST एक्ट हटाओ या अब सवर्ण atrocity एक्ट भी दो!
बहुत हुआ!
सोचिए, मात्र 22 साल का लड़का था देवा द्विवेदी। 22 साल क्या age होती है? कॉलेज का लड़का, पढ़ने-लिखने वाला और ब्राह्मण था और मोदी एक्ट, जिसे SC-ST Act भी कहा जाता है कुछ लोगों के द्वारा, उसमें उसे फँसाया गया और अंत में उसने आत्महत्या कर ली।
अब एक और नाम याद आता है, विष्णु तिवारी का। विष्णु तिवारी वो भी 22 ही वर्ष के थे। जब वो आगरा सेंट्रल जेल से बाहर निकले तो 45 के हो चुके थे।
माता-पिता, दो भाई की मृत्यु हो चुकी थी, परिवार की ज़मीन बिक गई और रिहाई के बाद उनके सामने फिर से जीवन आरंभ करने का प्रश्न खड़ा हो गया।
सरकार को समझना चाहिए कि सबके सहने की एक सीमा होती है, और उसके बाद आम नागरिक क़ानून अपने हाथ में लेने लगता है।
PAC की ड्यूटी भी कमाल है…
जहाँ जरूरत नहीं, वहाँ भी जवान खड़ा मिलेगा।
एक काम के लिए दस जवान,
एक घंटे की ड्यूटी के लिए पूरा व्यवस्थापन!
#uppolice#dgpacup#akhileshyadav#digayasec
वाराणसी की वरुणा नदी स्थित शास्त्री घाट पर भूख हड़ताल पर बैठे गौतम मिश्रा, बृजेश मिश्रा और सनातनी चंदन को रात 4 बजे चोरों की भांति घसीटकर गिरफ्तार कर लिया गया।
लाइट बुझा दी गई, महिलाओं के साथ बर्बरता की गई और टेंट-पंडाल उखाड़ दिया गया।
अभी ज्यादा से ज्यादा संख्या में वरुणा नदी शास्त्री घाट पहुंचिए।
जो साथी आधे घंटे में पहुंच सकते हैं, वे तुरंत पहुंचें।
घर में बैठकर तमाशा देखते रहोगे या आंदोलन को जीवित रखने के लिए बाहर निकलोगे?
कितना कमीशन खाया बिष्ट जी?
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ पुलिस के कार्यक्रम में कह रहे थे कि घोड़ा उन्हें देखकर बेहोश हो गया
मुख्यमंत्री का कहना था कि पूर्व की सरकारों में घोड़े को खाना नहीं मिलता था, अब मुख्यमंत्री बिष्ट आदित्यनाथ बताएं कि इन पुलिस वालों का राशन पानी, पौष्टिक खाना क्या वे खुद खा जाते हैं या भाजपाइयों को खिला देते हैं?
भ्रष्टाचार लूट नोच खसोट की हर पराकाष्ठा पार कर चुके हैं मुख्यमंत्री बिष्ट आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपाई
GenZ सिपाही 4. .वीडियो 1861 के पुलिस act परहर दो महीने में PAC का Movement,
जवान वही, ड्यूटी वही, परेशानियाँ वही—बस जगह नई और खर्चा नया।
साहबों का आदेश चलता रहे, जवान सामान ढोता रहे…
इसे Movement कहें या व्यवस्था का घूमता
@dgpup@Uppolice@yadavakhilesh@myogiadityanath
हर दो महीने में PAC का Movement,
जवान वही, ड्यूटी वही, परेशानियाँ वही—बस जगह नई और खर्चा नया।
साहबों का आदेश चलता रहे, जवान सामान ढोता रहे…
इसे Movement कहें या व्यवस्था का घूमता हुआ पहिया?” @yadavakhilesh@myogiadityanath@Dgpacup
यूपी के कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तेज बारिश के दौरान फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर तोड़कर पलट गई।कार में सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह समेत 5 लोग फंस गए।मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह हादसा देखकर रुक गए। सिपाही ने तुरंत कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। कार के दरवाजे नहीं खुलने पर उन्होंने अपनी राइफल से कार के शीशे तोड़ डाला. उनकी पत्नी भी मदद कर रही थी।
सिपाही की पत्नी ने आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों से मदद मांगी।इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सभी 5 लोगों को एक-एक कर कार से बाहर निकाला। हादसे में घायल सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जुल्म करने वाले से ज्यादा गुनहगार जुल्म सहने वाला होता है
आज सिपाही देवेंद्र गुप्ता ने यूपी पुलिस PAC की व्यवस्था पर गम्भीर सवाल उठाये है
इन्होंने बताया कि PAC जवानों की ड्यूटी 24 घंटे होती है बारिश, ठंड और गर्मी में उनको ड्यूटी करनी होती है
लेकिन उनके रहने के लिए भैंसों का तबेला जैसा, जर्जर बिल्डिंग में रहने को मिलता है
और वहां दिन में मच्छर काटते हैं, बिस्तर पर सांप चढ़ जाते हैं
और इतना ही नहीं वहां की साफ सफाई में लगने वाला सामान को सिपाहियों को खुद ही खरीदना होता है
और वहां का खाना का हाल तो बहुत ही खराब हो रखा है जो खाना कुत्तों को नहीं दिया जाता है उससे बदतर खाना सिपाहियों को दिया जाता है
जबकि सरकार पैसा देती है लेकिन डिपार्टमेंट जवानों तक पहुंचने नहीं देता।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आप इस जवान की बातों को संज्ञान में लेकर जांच बिठाइए।
IIT Bombay की घटना के बाद देखिए SC-ST Act का खौफ! बेगूसराय के एक स्कूल में छात्र खुलेआम मोबाइल से नकल कर रहे हैं, लेकिन कोई इनविजिलेटर रोकने की हिम्मत नहीं कर रहा।
आखिर क्यों? कहीं SC-ST Act में फँसा दिए जाने का डर तो नहीं?
जब कानून के डर से नकल रोकने वाले ही पीछे हट जाएँ, तो ईमानदार छात्रों का भविष्य कौन बचाएगा?