हिन्दी विविधताओं से भरे भारत को एक सूत्र में पिरोने वाली सशक्त भाषा है ।
हिन्दी दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को पश्चिम मध्य रेल की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
आइए, हिंदी के सम्मान, संवर्धन एवं प्रसार का संकल्प लें।
#हिन्दीदिवस#HindiDiwas#राजभाषा
1. दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे समतामूलक समाज, विकसित व सम्मानित देश बनाने के संवैधानिक कार्यों को आघात पहुँचे।
2. वैसे भी देश में सदियों से जातिवाद की अमानवीयता का शिकार रहे एस.सी., एस.टी. व ओबीसी समाज के लोगों हेतु संविधान में की गई आरक्षण की व्यवस्था के बारे में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह कहना था कि ’जातिवाद का परित्याग ही सबसे बड़ी देशभक्ति है’। अतः लोग सही देशभक्ति का परिचय ज्यादा दें तो यही उचित होगा।
3. जहाँ तक आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात है, तो केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा भी ग़रीबी उन्मूलन के एक नहीं बल्कि अनेकों कार्यक्रमों पर काफी सरकारी धन हर वर्ष ख़र्च किया जाता है, किन्तु उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार आदि के कारण इसका सही लाभ अगर देश के लोगों को नहीं मिलता है तो यह तो सरकारी व्यवस्था का सीधा-सीधा दोष है।
4. इसके अलावा, आर्थिक आधार पर आरक्षण की नई व्यवस्था भी देश में लागू है, जिसका भी सही लाभ अपरकास्ट समाज के ग़रीब परिवारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि इसमें छलावा अधिक है।
5. वास्तव में ख़ासकर यही वह भ्रष्ट व जातिवादी सरकारी व्यवस्था है जिसने आरक्षण के संवैधानिक रचनात्मक प्रावधान को कभी सही से ज़मीन पर लागू ही नहीं होने दिया है, जिस कारण एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोग, आज़ादी के इतने लम्बे अरसे के बाद आज तक भी, ग़रीबी, जातिवादी द्वेष, शोषण, अत्याचार व जातिवाद के ज़हर का दंश हर दिन हर स्तर पर लगातार झेलते रहते हैं।
6. अतः सभी सरकारें भी आरक्षण विरोधी तत्वों को शरण व संरक्षण बिल्कुल भी ना दें तो यह व्यापक देश व जनहित में होगा। लोगों से भी अपील है कि वे आरक्षण जैसे अहम् एवं संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति ना करें और ना ही होने दें।
7. हालाँकि उसी ही दिन पार्लियामेन्ट थाना के बाहर एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राहुल गाँधी कई घन्टों तक धरने पर बैठे रहे, जिसका पार्टी को कोई ऐतराज़ नहीं है।
ऽ लेकिन उसके बग़ल में जंतर-मंतर पर दलित व शोषितों के जातीय आधार पर दिये जाने वाले आरक्षण को ख़त्म करवाने के लिए धरना-प्रदर्शन भी चल रहा था, वहाँ पर वे व उनका कोई भी कांग्रेसी साथी उन्हें समझाने तक के लिये भी नहीं गये, जिससे इन वर्गों के प्रति इनकी आरक्षण विरोधी मानसिकता अभी भी साफ झलकती है।
दुःखद खबर।
बहुजन नायक मान्यवर मान्यवर श्री कांशीराम जी की विचारधारा को ग्वालियर चंबल संभाग में घर घर पहुँचाने वाले व MP के श्योपुर जिले के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री हरगोविंद जौहरी जी का लम्बी बीमारी के बाद आज निधन हो गया हैं।
कुदरत उनके परिजनों और चाहने वाले लोगों को इस को दुःख सहन करने की शक्ति दे। मैंने कई बार इन्हें मंच से बोलते हुए देखा हैं। बहुत शानदार भाषण देते थे रैलियों में।
मायावती सदन में चीख रही थीं कि बैलेट पेपर से चुनाव हो, #EVM से भाजपा वोट चोरी करती है...
उस समय कोई भी विपक्षी दल मायावती का साथ नहीं दे रहा था आज पूरा विपक्ष रो रहा है..
पूरे विपक्ष को #मायावती की लाइन पर आना होगा, रीट्वीट करो और विपक्ष को जगाओ वरना हर बार इंसल्ट सहते रहो।
कुत्ता पालना मित्रो।
लेकिन #बसपा के बारे में गलत फहमी मत पालना।
क्योंकि घर अगर टूटता है या कमजोर होता है न तो बच्चों का भविष्य खतरे में होता हैं।
सुनो संदीप वाल्मीकि जी को।
क्या कहा उन्होंने @Mayawati जी के बारे में।
जय भीम
“That deed is well done which, having done it, one does not regret, and whose result one experiences with joy and a happy mind.”
Tañca kammaṁ kataṁ sādhu,
yaṁ katvā nānutappati;
Yassa patīto sumano,
vipākaṁ paṭisevati.
~Dhammapada, Verse 68
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की 4 बार रही लोकप्रिय मुख्यमंत्री आयरन लेडी आदरणीया सुश्री बहन कुमारी मायावती जी को उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को यह संदेश हैं।👇
मैं राजनीति से संन्यास तो ले लूंगी,मगर भाजपा से मिलकर या गठबन्धन करके चुनाव नहीं लड़ूंगी। मैं राजनीति से संन्यास क्यों लूं? मैं बहुत मजबूत हूँ। मैं बहुत तगड़ी हूँ। मैं बहुत स्वाभिमानी हूँ।भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि जातिवादी पार्टियाँ चाहे जितने भी जतन कर लें,पर मैं अपनी अम्बेडकरवादी विचारधारा पर अडिग हूँ और अडिग रहूँगी। बहन कु @Mayawati जी
@parvezahmadj @yuva_aas @journalist_syed
#WATCH | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कहा, "इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा, व भारतीय संविधान के मूल निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने अपने जीते जी अपनी काबिलीयत, अपनी बुद्धिमता और सूझ-बूझ से तथा जातिवादी लोगों के साम-दाम-दंड-भेद आदि हथकंडों को ध्यान में रखकर इन वर्गों के लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए वोट की अति महत्वपूर्ण ताकत सहित अनेकों संवैधानिक और मूलभूत कानूनी अधिकार दिलाए हैं। जिनका लाभ लेने के लिए इन्हें केंद्र व राज्यों के भी राजनीतिक सत्ता की भी मास्टर चाबी खुद अपने हाथों में लेनी होगी, ये भी उन्होंने कहा था। जिस पर अमल करते हुए, कांशिराम ने बसपा का गठन किया है। बाबा साहब अपने लोगों को सलाह के तौर पर ये भी कहते रहे हैं कि इन्हें किसी भी मामले में अपने ऊपर होने वाले जुल्म, जाति के विरुद्ध लड़ाई कानून के दायरे में रहकर करना है। संघर्ष आदि भी कानूनी दायरे के अंदर रहकर करना है। यदि मामला अदालत में जाता है, निचली अदालत में इंसाफ नहीं मिलने पर उन्हें आगे सर्वोच्च अदालत में जाना चाहिए। ये सब व्यवस्था भारतीय संविधान में है। न कि इसके लिए जिला मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज व हरदोई आदि की तरह, तथा आए दिन देश के अन्य राज्यों में भी सड़कों पर उतरना है। जो भी ऐसे संगठन व पार्टियां आदि अपने संकीर्ण स्वार्थ के लिए इन वर्गों के लोगों को गुमराह करके सड़कों पर उतारती है, ये पार्टियां हिंसा व हंगामा या सड़क जाम जैसे हालात पैदा करवाते हैं। फिर उनके मुखिया घटना स्थल पर पहुंचकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नहीं है। बल्कि वर्तमान हालातों ने इन वर्गों की मुसीबत और परेशानी को और अधिक भी बढ़ाने वाला ही है। ऐसे में अपनी समस्याओं का हल बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर के बताए गए सही व शांतिपूर्ण रास्ते पर अर्थात अपनी एकजुटता एवं अपने वोट की ताकत से सत्ता की मास्टरचाबी प्राप्त करना है। जो लाख दुखों की बस एक दवा है और जिसके लिए बसपा लगातार तत्पर और प्रयासरत है। इस मार्ग से हमें बिल्कुल भी नहीं भटकना है..."
Date : 10-07-2026 ;
बीएसपी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी की अति महत्त्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस :
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