बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक, दलितों, शोषितों, वंचितों एवं पिछड़े वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान जननायक, बहुजन चेतना के अग्रदूत मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
मान्यवर कांशीराम जी अमर रहें! 🙏
India is blessed to have a visionary like B. R. Ambedkar jii whose ideals continue to inspire generations, Remembering him on his Jayanti.
#AmbedkarJayanti
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला।
बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा। प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा।
बहन कुमारी मायावती जी का जीवन केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि बहुजन समाज के आत्मसम्मान, अधिकार और सत्ता में भागीदारी की ऐतिहासिक संघर्षगाथा है। एक ऐसे समाज से निकलकर, जहाँ आवाज़ दबाई जाती थी, अवसर सीमित थे और सत्ता के द्वार बंद माने जाते थे, मायावती जी ने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के विचारों को राजनीतिक ताक़त में बदलने का साहसिक कार्य किया।
लगातार साज़िशों, अपमानजनक भाषा, जातिगत हमलों और सत्ता के दबावों के बावजूद उन्होंने बहुजन मूवमेंट को संगठन, अनुशासन और सत्ता की दिशा दी।
उनका स्पष्ट संदेश रहा—बहुजन समाज केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि राज्य सत्ता का निर्णायक भागीदार बने।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जटिल राज्य में चार बार मुख्यमंत्री बनना आसान नहीं था। यह उस संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति और बहुजन समाज के विश्वास का परिणाम था, जिसे उन्होंने वर्षों की तपस्या से अर्जित किया। उन्होंने सत्ता को आत्मसम्मान का औज़ार, प्रशासन को संवैधानिक न्याय का माध्यम और राजनीति को सामाजिक परिवर्तन का रास्ता बनाने की कोशिश की।
मायावती जी की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि उन्होंने करोड़ों दलित-पिछड़े, वंचित और उपेक्षित लोगों को यह विश्वास दिलाया कि
“हम शासन कर सकते हैं, हम निर्णय ले सकते हैं, और हम इतिहास बदल सकते हैं।”
आज जब बहुजन राजनीति कई चुनौतियों से गुजर रही है, तब मायावती जी का संघर्षपूर्ण जीवन हमें यह सिखाता है कि आंदोलन केवल नारों से नहीं, बल्कि संगठन, विचार और धैर्य से जीवित रहते हैं। बहुजन मूवमेंट को मज़बूत करने की उनकी कोशिशें इतिहास में दर्ज रहेंगी।
आदरणीय सुश्री मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।
बहन कुo मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ, प्रकृति से प्रार्थना करता हूँ कि आप सदैव स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों। आपको सादर जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
आदरणीय सुश्री मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। उनको स्वस्थ, स्वतंत्र जीवन और सार्थक सक्रियता के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
उन्होंने जीवन भर प्रभुत्वादियों के ख़िलाफ़ जाकर शोषित, वंचित, उत्पीड़ित, उपेक्षित व अपमानित समाज के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए जो रात-दिन अनवरत संघर्ष किया और संविधान विरोधी भाजपा और उनके संगी-साथियों को जिस तरह ललकारा,वो निरंतर रहे, इस कामना के साथ, उनको जन्मदिन की पुनः बधाई।
'क्रांतिज्योति' सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन एवं मानवीय गरिमा का प्रतीक है।
नारी सशक्तिकरण हेतु आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
Today, on Mahaparinirvan Diwas, paid tributes to Dr. Babasaheb Ambedkar in Delhi.
We will keep working with full vigour to realise his dream for our nation.
सामाजिक न्याय के अग्रदूत, संविधान निर्माता, 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
बाबा साहब के विचार, सिद्धांत और दूरदृष्टि भारतीय लोकतंत्र की नींव हैं।
समाज में व्याप्त विषमता, अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करते हुए समानता, स्वतंत्रता और बंधुता पर आधारित समाज के निर्माण का जो सपना बाबा साहब ने देखा था, वह आज भी हम सभी के लिए पथप्रदर्शक है।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल भारतीय चिंतन को संविधान के माध्यम से अंगीकृत कराया।
6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर, बाबा साहब को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम संविधान की मूल आत्मा को जीवन का मानक बनाकर, समतामूलक समरस समाज का संकल्प लें।
आज तो हरामटों का कलेजा फट रहा होगा।🤣
PM मोदी अर्थशास्त्र में बाबासाहेब की महिमा बता रहे हैं, उन पर तीर्थ बना रहे हैं, BHIM ऐप के फायदे बता रहे हैं..
सोशल मीडिया पर खाली बैठे जातिवादी निठल्ले क्या जानें? जो शासक है, वह बाबासाहेब का कीर्तिमान जानता है।🔥
बामसेफ,डी.एस-4 एवं बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम सहाब की 19वी पुण्यतिथि (09 अक्टूबर 2025) पर उन्हे भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।
#जयभीम
दलित, शोषित -पीड़ित एवं उपेक्षित समाज के लिए जनांदोलन बनकर उनके न्याय, हक, अधिकार का संकल्प साकार करने वाले बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन ।
आपके पदचिन्ह सदैव हम सभी का मार्गदर्शन करते रहेंगे ।
उपेक्षितों, वंचितों, शोषितों और दलितों के प्रखर स्वर एवं बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
सामाजिक न्याय के लिए आपके संघर्षों को सदैव स्मरण किया जाएगा।
Babasaheb Ambedkar came, no god in disguise,
But a man who taught us to rise.
He gave us laws, he gave us sight,
He turned our darkness into light.
We chant his name with grateful pride—
He gave us dignity, our guide. #Ambedkar♾️ #JaiBhim
BREAKING NEWS: बहन मायावती ने आज प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि आपातकालीन स्थिति यानी इमरजेंसी 🚨 है और बच्चों का भविष्य बचाएँ।
मुख्य बातें:
1. संसद के इसी सत्र में संविधान संशोधन लाया जाए और मूल संविधान को बहाल रखा जाए कि एससी और एसटी की लिस्ट बनाने और बदलने का अधिकार सिर्फ़ राष्ट्रपति को है। साथ ही उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 341 और 342 के तहत जो व्यवस्था है, उसे नवीं अनुसूची में डालकर कोर्ट के हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए।
2. अगर ये नहीं किया जाता है तो आरक्षण ख़त्म हो जाएगा। सीटें ख़ाली रह जाएँगी और सीटें जनरल में ट्रांसफ़र कर दी जाएँगी। एससी-एसटी और ओबीसी के लिए ये आपातकाल यानी इमरजेंसी 🚨 है।
3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से अब आरक्षण ख़त्म करने के लिए “संविधान को बदलने की भी ज़रूरत नहीं है।” ये रास्ता खुल गया है। ये बेहद ख़तरनाक स्थिति है।
4. केंद्र सरकार, यानी बीजेपी और कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में बँटवारे की वकालत की इस लिए ये स्थिति आई। उन्होंने तीनों पार्टियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि ये सब आरक्षण विरोधी हैं।
5. उन्होंने ख़ास तौर पर केंद्र के अटॉर्नी जनरल और सोलिसिटर जनरल का ज़िक्र किया, जिन्होंने बँटवारे का कोर्ट के अंदर समर्थन किया और ये संकट आया।
6. उन्होंने सपा को भी प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करने के लिए आड़े हाथों लिया।
7. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे।
8. उन्होंने एससी, एसटी, ओबीसी के लोगों से कहा कि बच्चों के भविष्य और संविधान को बचाने के लिए तत्पर रहें।
9. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बसपा को कोर्ट में अपना पक्ष रखने का मौक़ा नहीं दिया गया। @Mayawati
बाबा साहब ने हजारों जातियों में बंटे अछूतों को जोड़कर अनुसूचित जाति नाम का वर्ग बनाया। उनको एकजुट कर अधिकार दिलाए।
कोलिजियम जजों को ये छूट नहीं है कि उन्हें बाँट दें। #SaveReservation