Being Muslim isn't easy in India.
Muslim Daroga Mustakim Khan shows skills in Muharram Tazia → SP orders inquiry & lines him up.
Gada in Rath Yatra, massaging Kanwariya's feet, showering flowers from helicopter → Zero action.
One rule for Muslims, another for Hindus.
पिछले 2 दिन से समाजवादी पार्टी के समर्थक व नेता एक नैरेटिव चला रहे हैं, की आजम खान जेल में बंद है, उन पर ED, CBI, और इनकम टैक्स के केस चल रहे हैं, परंतु असदुद्दीन ओवैसी व उनके भाई पर कोई ED, CBI का केस नहीं है, वो बाहर क्यों है?
सबसे पहले तो इसका जवाब यही है कि सरकार तो सपा की रही और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे, इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, डिम्पल यादव सहित यादव परिवार पर कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, मुलायम सिंह यादव के परिवार पर ED, CBI और इनकम टैक्स के केसेस क्यों नहीं है।
इसका दूसरा जवाब ये है यदि आजम खान जेल में है, तो क्या आप असदुद्दीन ओवैसी को भी जेल में देखना चाहते? आज अगर बीजेपी की सरकार है, तो क्या सभी मुस्लिम नेता जेल में होने चाहिए ? तभी आप मानेंगे कि ये बीजेपी के खिलाफ है।
अखिलेश यादव को चाहिए कि ऐसे समर्थको और नेताओं को बांधकर रखे, इनके फायदे का तो पता नहीं, लेकिन समाजवादी पार्टी का नुकसान 100% करा देंगे..!
मोहनजी के सम्मान में, अखलेस भैया मैदान में। एक भाई बस अपना कर्तव्य निभा रहे हैं
उत्तर प्रदेश में आए दिन मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, उन पर झूठे इल्ज़ाम लगाकर उन्हें जेल भेजा जाता है। अखिलेश उनके लिए कभी कुछ नहीं कहते, लेकिन भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए देखिए कितनी हमदर्दी है।
सपा का "समाजवाद" असल में यादव समाजवाद है।
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
A mosque in North India is bulldozed because they found 'I love Mohammed' posters from the mosque.
Countries are busy making schools, universities, hospitals, bridges meanwhile we are busy demolishing mosques.
There has been a wave of demolitions targeting mosques, dargahs, and other Muslim religious sites across Rajasthan’s border districts of Bikaner, Phalodi, Jaisalmer, and Barmer.
I spoke to AIMIM Bikaner District President Shafi Jameel Qasmi, who stated that four mosques in Bikaner and nine mosques and dargahs across Phalodi, Jaisalmer, and Barmer have already been demolished. Notices have also reportedly been issued to hundreds of other religious sites. Among those facing action is the approximately 250-year-old dargah of Hazrat Mahmood Shah Jilani on the Ramgarh–Tanot Bypass Road in Jaisalmer.
These demolitions are being justified on national security grounds. However, none of the people in these areas have ever been involved in any such activities. Only Muslim places of worship are being targeted.
Authorities have alleged that some structures are built on grazing land. In cases where it has been shown that the structures stand on private property, the allegation has reportedly shifted to a lack of permissions or approvals.
@AmitShah, these discriminatory and targeted demolitions are illegal and must be stopped immediately.
One “TIWARI” got killed in a fake encounter and it became a national news
Lots of Muslims have been killed in such fake encounters and no one bats an eye.
This is called Upper Caste majority privilege.
भरत भूषण तिवारी है तो एनकाउंटर गलत है बाकी कोई मुस्लिम होता तो अभी जस्टिफाई किया जाता कि देखो इंसाफ हो गया!
ये दोहरा रवैया नहीं तो और क्या है!
पूरे एनकाउंटर सिस्टम पर सवाल उठाओ तभी माना जाएगा कि निष्पक्ष हो वरना तो समझिए केवल जाति का मामला है!
शब्द कड़वे है!!!
सुबह से भक्त मंडली और गोदी मीडिया आयुष मलिक के पीछे लगी हुई है।
जबकि अली ने साफ कर दिया कि उन्होंने पहले इस्लाम सीखा फिर अपनाया।
किसी ने कोई जोर जबरदस्ती नहीं की, घर वालों का थोड़ा दबाव है लेकिन इतना भी नहीं जितना मीडिया मंडली दिखा रही है।
ख़ान Sir का पूरा वीडियो देखिए तो आपको पूरी सच्चाई पता चलेगी।
इस लड़ाई को यादव-मुस्लिम मत बनाइये BJP दोनों की दुश्मन है।
सब लोग देखते रहिए सरकार जल्द से जल्द ED,CBI, इनकम टैक्स की रेड भी खान Sir पर करायेगी। सरकार ने तैयारी करनी शुरू कर दी होगी ।
गरीब बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को तो बख्श दो मोदी जी ।
हर दिन ऐसी ख़बरों से सामना है। बीजेपी के मुस्लिम नेताओं और प्रवक्ताओं को देखना चाहिए। उन्हें देख कर लगता है सब ठीक है। कभी देखा नहीं कि बीजेपी के मुस्लिम प्रवक्ता ऐसे मसलों पर लिखने की हिम्मत कर पा रहे हैं। गोदी मीडिया के बक्से में बंद रह कर कुछ भी सपोर्ट करने से अच्छा है ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें। सरकार और प्रशासन से बात करें। बीजेपी में ही नेता अपनी जाति के पक्ष में खड़ा होता ही है। बीजेपी के मुस्लिम नेता भी बोल सकते हैं। अगर यह सब दिखाई देता है और साहस है तो। मीडिया में ख़बर छपने और ट्वीट करने से कुछ असर नहीं हो रहा है। हर दिन ऐसी घटनाओं को देखना भी हताशा और शर्म से गुजरना हो गया है।