पलामू जिले में छात्रहित सर्वोपरि मंच की लगातार पहल और संघर्ष का असर आखिरकार देखने को मिला है। मजदूर किसान इंटर कॉलेज, डंडार कला, पांकी के 395 विद्यार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट काफी हद तक टल गया है। झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने कक्षा 11वीं सत्र 2025-27 के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष पंजीयन और विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है, जिनका एडमिट कार्ड पहले जारी नहीं हो सका था। छात्रहित सर्वोपरि मंच ने इसे छात्रों, अभिभावकों और संगठन के सामूहिक संघर्ष की जीत बताया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते यह मुद्दा नहीं उठाया जाता तो सैकड़ों विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता था।
फरवरी में उठाया था मामला, लगातार करता रहा पैरवी
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, 23 फरवरी 2026 को छात्रहित सर्वोपरि मंच ने इस गंभीर मामले को प्रमुखता से उठाया था। उस समय बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा से वंचित होने की स्थिति में थे। मंच के पलामू जिला अध्यक्ष दीपू कुमार सिंह ने कॉलेज पहुंचकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से मुलाकात की थी तथा उनकी समस्याओं को परिषद के समक्ष रखने का काम किया था। इसके बाद संगठन लगातार इस मुद्दे पर सक्रिय रहा। विभिन्न स्तरों पर पत्राचार, संवाद और मांग के जरिए परिषद का ध्यान छात्रों की समस्या की ओर आकर्षित किया गया। आखिरकार 27 मई 2026 को JAC ने अधिसूचना संख्या 37/2026 जारी कर विशेष पंजीयन और विशेष परीक्षा का रास्ता साफ कर दिया।
छात्रों के भविष्य को लेकर लगातार चिंता जता रहा था मंच
छात्रहित सर्वोपरि मंच का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ समस्या उठाना नहीं, बल्कि उसका समाधान सुनिश्चित करना भी है। संगठन लगातार यह मांग कर रहा था कि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण का खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। संगठन के अनुसार, छात्र पूरे साल पढ़ाई करते हैं और परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में एडमिट कार्ड जारी नहीं होने जैसी समस्या के कारण उनका भविष्य अधर में नहीं लटकना चाहिए।
अब परीक्षा कार्यक्रम जारी करने की मांग
हालांकि विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने से राहत मिली है, लेकिन मंच का कहना है कि अभी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संगठन अब परिषद से विशेष परीक्षा की तिथि, परीक्षा केंद्रों की सूची और विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की मांग कर रहा है। मंच का मानना है कि यदि परीक्षा कार्यक्रम घोषित करने में देरी होती है तो छात्रों के अगले शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ सकता है।
क्या बोले छात्रहित सर्वोपरि मंच के पदाधिकारी
पलामू जिला अध्यक्ष दीपू कुमार सिंह ने कहा कि यह 395 विद्यार्थियों के संघर्ष और संगठन की निरंतर कोशिशों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब परिषद को जल्द परीक्षा की तारीख घोषित करनी चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार राणा ने कहा कि छात्रहित सर्वोपरि मंच हमेशा विद्यार्थियों के अधिकारों की आवाज उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। उन्होंने परिषद से जल्द स्पष्ट परीक्षा कार्यक्रम जारी करने की अपील की।
प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर हमजा ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद को समयबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
प्रदेश संगठन प्रभारी कुणाल पोद्दार ने कहा कि यह छात्र एकता और संगठित संघर्ष की मिसाल है। अधिसूचना जारी होना सकारात्मक कदम है, लेकिन अब परीक्षा आयोजन की तिथि घोषित होना भी उतना ही जरूरी है।
प्रदेश सचिव रईस अंसारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की देरी से छात्रों का नुकसान होगा। इसलिए परिषद को जल्द सभी आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए।
संगठन ने राखी चार प्रमुख मांग
छात्रहित सर्वोपरि मंच ने परिषद के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें विशेष परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करना, परीक्षा केंद्रों की सूची जारी करना, विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध कराना और परीक्षा परिणाम समयबद्ध तरीके से प्रकाशित करना शामिल है।
जरूरत पड़ी तो होगा आंदोलन
संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि परीक्षा कार्यक्रम जारी करने में अनावश्यक देरी होती है तो वह विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। मंच का कहना है कि छात्रों का एक साल बचाना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
https://t.co/7WtjKo2aBT
इस रिपोर्ट में दिख रहा है कि साहिबगंज प्रखण्ड कार्यालय के एक कर्मी के आवासीय परिसर में छात्राओं के बीच बांटे जाने वाली ये साइकिलें रखे-रखे सड़ गईं। दिव्यंगों को दिए जाने वाली ट्राइ साइकिल भी धूल फांक रही है। कैसे हो गया ऐसे ? @dc_sahibganj
🚨 गंभीर भ्रष्टाचार एवं निर्माण अनियमितता की शिकायत 🚨
ग्राम लकड़मारा, प्रखंड मेहरमा, जिला गोड्डा (झारखंड) में लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत लगभग ₹1.90 करोड़ की लागत से डैम निर्माण कार्य चल रहा है। स्थल पर निरीक्षण एवं विभागीय जानकारी के अनुसार डैम की खुदाई 5 फीट होनी चाहिए, लेकिन वास्तविकता में केवल लगभग 2 फीट खुदाई की जा रही है।
आशंका है कि संबंधित Junior Engineer (JE) एवं ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह किसानों के भविष्य और सिंचाई व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
झारखंड में सिंचाई परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को पानी उपलब्ध कराना और कृषि को मजबूत बनाना है।
माननीय मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग से मांग है कि:
✅ उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
✅ कार्य की तकनीकी मापी कराई जाए
✅ दोषी JE एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
✅ सरकारी राशि की लूट पर रोक लगाई जाए
किसानों के हक़ और सरकारी धन की रक्षा कीजिए।
@HemantSorenJMM@MIB_India@dcgodda@JharkhandCMO@deepakbiruajmm@Rabindranathji@yourBabulal@TribalArmy@MundaArjun@prdjharkhand@MithileshJMM@SitaSorenMLA@hafizulhasan001@iamnarendranath@The_FollowUp@BJP4Jharkhand@JairamTiger@ravish_journo@Jitendr31405106@Tigerjairam@BikerGirlkancha@JMMKalpanaSoren
जनहित, किसानों के हित एवं सरकारी धन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मामले में शीघ्र जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
https://t.co/RSOz7Igbc1
ई- कल्याण छात्रवृति से जुड़ी कुछ जानकारी और मंत्री जी के बयान का विश्लेषण 📊 वीडियो के माध्यम से किया गया है तो वीडियो को सभी छात्र जरूर देखें और कमेंट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया भी दें
माननीय उपायुक्त महोदय,
सविनय निवेदन है कि अन्य जिलों में E-Kalyan Scholarship की Final Approval प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन बोकारो जिले में अब तक प्रक्रिया पूर्ण नही ं हुई है। इस कारण छात्र-छात्राएं काफी परेशान और मानसिक तनाव मे हैं।
@SWFFJharkhand@chamralindaJMM
@me_prince_1@chamralindaJMM कोई फायदा नहीं है फिलहाल तो वो ट्विटर पर ऐक्टिव नहीं है लास्ट पिछले साल दिसंबर में ऐक्टिव थे अब लगता है अनइंस्टॉल करके सूत गए है
माननीय चमरा लिंडा जी, हमने छात्रवृत्ति 2024-25 के मुद्दे पर आपसे अनेक बार निवेदन किया, लेकिन हमें X पर आपकी ओर से कोई उत्तर नहीं मिला। आप इस विभाग की समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं।कृपया नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार करें।@chamralindaJMM
माननीय @dc_dhanbad,
E-Kalyan 2024-25 पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रिपोर्ट में BC श्रेणी की राशि Released दिखाई जा रही है। लेकिन वास्तविकता यह है कि Final Approved होने के बाद भी अब तक किसी भी छात्र के खाते में छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई है।
पलामू जिले में छात्रहित सर्वोपरि मंच की लगातार पहल और संघर्ष का असर आखिरकार देखने को मिला है। मजदूर किसान इंटर कॉलेज, डंडार कला, पांकी के 395 विद्यार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट काफी हद तक टल गया है। झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने कक्षा 11वीं सत्र 2025-27 के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष पंजीयन और विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है, जिनका एडमिट कार्ड पहले जारी नहीं हो सका था। छात्रहित सर्वोपरि मंच ने इसे छात्रों, अभिभावकों और संगठन के सामूहिक संघर्ष की जीत बताया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते यह मुद्दा नहीं उठाया जाता तो सैकड़ों विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता था।
फरवरी में उठाया था मामला, लगातार करता रहा पैरवी
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, 23 फरवरी 2026 को छात्रहित सर्वोपरि मंच ने इस गंभीर मामले को प्रमुखता से उठाया था। उस समय बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा से वंचित होने की स्थिति में थे। मंच के पलामू जिला अध्यक्ष दीपू कुमार सिंह ने कॉलेज पहुंचकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से मुलाकात की थी तथा उनकी समस्याओं को परिषद के समक्ष रखने का काम किया था। इसके बाद संगठन लगातार इस मुद्दे पर सक्रिय रहा। विभिन्न स्तरों पर पत्राचार, संवाद और मांग के जरिए परिषद का ध्यान छात्रों की समस्या की ओर आकर्षित किया गया। आखिरकार 27 मई 2026 को JAC ने अधिसूचना संख्या 37/2026 जारी कर विशेष पंजीयन और विशेष परीक्षा का रास्ता साफ कर दिया।
छात्रों के भविष्य को लेकर लगातार चिंता जता रहा था मंच
छात्रहित सर्वोपरि मंच का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ समस्या उठाना नहीं, बल्कि उसका समाधान सुनिश्चित करना भी है। संगठन लगातार यह मांग कर रहा था कि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण का खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। संगठन के अनुसार, छात्र पूरे साल पढ़ाई करते हैं और परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में एडमिट कार्ड जारी नहीं होने जैसी समस्या के कारण उनका भविष्य अधर में नहीं लटकना चाहिए।
अब परीक्षा कार्यक्रम जारी करने की मांग
हालांकि विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने से राहत मिली है, लेकिन मंच का कहना है कि अभी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संगठन अब परिषद से विशेष परीक्षा की तिथि, परीक्षा केंद्रों की सूची और विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की मांग कर रहा है। मंच का मानना है कि यदि परीक्षा कार्यक्रम घोषित करने में देरी होती है तो छात्रों के अगले शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ सकता है।
क्या बोले छात्रहित सर्वोपरि मंच के पदाधिकारी
पलामू जिला अध्यक्ष दीपू कुमार सिंह ने कहा कि यह 395 विद्यार्थियों के संघर्ष और संगठन की निरंतर कोशिशों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब परिषद को जल्द परीक्षा की तारीख घोषित करनी चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार राणा ने कहा कि छात्रहित सर्वोपरि मंच हमेशा विद्यार्थियों के अधिकारों की आवाज उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। उन्होंने परिषद से जल्द स्पष्ट परीक्षा कार्यक्रम जारी करने की अपील की।
प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर हमजा ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद को समयबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
प्रदेश संगठन प्रभारी कुणाल पोद्दार ने कहा कि यह छात्र एकता और संगठित संघर्ष की मिसाल है। अधिसूचना जारी होना सकारात्मक कदम है, लेकिन अब परीक्षा आयोजन की तिथि घोषित होना भी उतना ही जरूरी है।
प्रदेश सचिव रईस अंसारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की देरी से छात्रों का नुकसान होगा। इसलिए परिषद को जल्द सभी आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए।
संगठन ने राखी चार प्रमुख मांग
छात्रहित सर्वोपरि मंच ने परिषद के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें विशेष परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करना, परीक्षा केंद्रों की सूची जारी करना, विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध कराना और परीक्षा परिणाम समयबद्ध तरीके से प्रकाशित करना शामिल है।
जरूरत पड़ी तो होगा आंदोलन
संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि परीक्षा कार्यक्रम जारी करने में अनावश्यक देरी होती है तो वह विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। मंच का कहना है कि छात्रों का एक साल बचाना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
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MY CLARIFICATION...
to statements made by Lieutenant Governor of Ladakh regarding his warning to me to refrain from making comments on #CockroachJantaParty
The meeting and the LG's tweet happened on 26th evening, yet I avoided reacting to the post that evening. But next morning it dawned on me that it was more of a press statement than just a tweet as the absurd statement appeared in several newspapers. So I made this video but again restrained myself from posting...
Shayad unki aakhri ho yeh sitam, har sitam yeh soch kar hum seh gaye...
But this morning even more media channels carried this... and I kept getting calls from journalists for my comments.
So finally here it is...
Media house are welcome to use it... no copyright
माननीय सर, जिन छात्रों का (2024-25) Final Verified हो चुका है उन्हें जल्द scholarship दी जाए, और जिनका आवेदन DLC में pending है उनका Final Approval जल्द कराया जाए। हज़ारों छात्र लंबे समय से इंतज़ार कर रहे हैं। कृपया शीघ्र कार्रवाई करें।@chamralindaJMM@HemantSorenJMM
किसी भी मां की सबसे बड़ी मजबूरी तब होती है जब उसका बच्चा भूख से खाना मांगे और उसके पास देने के लिए कुछ ना हो… 😔
झारखंड के गिरिडीह में सरिता देवी और उनके मासूम बच्चों की हालत दिल तोड़ देने वाली है।
ना राशन, ना सरकारी मदद, ना रहने की सही व्यवस्था… सिर्फ संघर्ष और दर्द।
सरकार और प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील है कि इस परिवार तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए।
गरीबी मजाक नहीं होती, भूख राजनीति नहीं समझती। 🙏
@HemantSorenJMM@yourBabulal
यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि व्यवस्था की असफलता की तस्वीर है। 😔
एक मां अपने बच्चों को आधा पेट खिलाकर खुद पानी पीकर सो जाए, इससे ज्यादा दर्दनाक क्या हो सकता है?
अगर सरिता देवी के पास आधार कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें राशन, आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा, तो प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
@HemantSorenJMM जी, @yourBabulal जी
मानवता के नाते इस परिवार की तत्काल मदद होनी चाहिए। 🙏
झारखंड दाने-दाने को तरस रही मां और मासूम बच्चे ... 😔🥺 मानवता के नाते रहम करे सरकार ..
जब बच्चे भूख से कहते हैं माँ कुछ खाना दे दो मां रोती है अपने ना खा कर अपने बच्चों को किसी प्रकार आधा पेट भोजन देती है और खुद पानी पीकर कई कई दिन सो जाती है...@HemantSorenJMM जी 😔
गिरिडीह झारखण्ड..
राजधनवार विधानसभा क्षेत्र के तिसरी प्रखंड अंतर्गत सिंघो पंचायत के लक्ष्मनिया टोला में रहने वाली सरिता देवी आज बदहाली और लाचारी भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ वह अपने पिता के टूटे हुए मिट्टी के घर में किसी तरह दिन गुजार रही हैं।
मारपीट और प्रताड़ित कर ससुराल पक्ष द्वारा घर से निकाल दिए जाने के बाद वह बच्चों के साथ मायके में रहने लगीं। लेकिन यहां भी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। कई बार परिवार को भूखे पेट रात गुजारनी पड़ती है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरिता देवी के पास आधार कार्ड तक नहीं है, जिसके कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। ना राशन कार्ड, ना पेंशन और ना ही आवास योजना का फायदा। ऐसे में बच्चों का पालन-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
यह पूरा मामला उस राजधनवार विधानसभा क्षेत्र का है, जहां से @yourBabulal विधायक हैं आदरणीय @yourBabulal जी मैं हाथ जोड़कर आपसे निवेदन करता हूं मामले पर तत्काल से संज्ञान लेते हुए परिवार की हर संभव सहायता करने की कृपा करें..
@BJP4Jharkhand@GiridihDc@DipikaPS@JmmJharkhand@deepakbiruajmm@HemantSorenJMM@Rabindranathji@NishaGumla@YogendraGomia@SitaSorenMLA@nishikant_dubey@sutibro_goswami@WeAreRanchi@WeAreJharkhand@JharkhandCMO
झारखंड दाने-दाने को तरस रही मां और मासूम बच्चे ... 😔🥺 मानवता के नाते रहम करे सरकार ..
जब बच्चे भूख से कहते हैं माँ कुछ खाना दे दो मां रोती है अपने ना खा कर अपने बच्चों को किसी प्रकार आधा पेट भोजन देती है और खुद पानी पीकर कई कई दिन सो जाती है...@HemantSorenJMM जी 😔
गिरिडीह झारखण्ड..
राजधनवार विधानसभा क्षेत्र के तिसरी प्रखंड अंतर्गत सिंघो पंचायत के लक्ष्मनिया टोला में रहने वाली सरिता देवी आज बदहाली और लाचारी भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ वह अपने पिता के टूटे हुए मिट्टी के घर में किसी तरह दिन गुजार रही हैं।
मारपीट और प्रताड़ित कर ससुराल पक्ष द्वारा घर से निकाल दिए जाने के बाद वह बच्चों के साथ मायके में रहने लगीं। लेकिन यहां भी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। कई बार परिवार को भूखे पेट रात गुजारनी पड़ती है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरिता देवी के पास आधार कार्ड तक नहीं है, जिसके कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। ना राशन कार्ड, ना पेंशन और ना ही आवास योजना का फायदा। ऐसे में बच्चों का पालन-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
यह पूरा मामला उस राजधनवार विधानसभा क्षेत्र का है, जहां से @yourBabulal विधायक हैं आदरणीय @yourBabulal जी मैं हाथ जोड़कर आपसे निवेदन करता हूं मामले पर तत्काल से संज्ञान लेते हुए परिवार की हर संभव सहायता करने की कृपा करें..
@BJP4Jharkhand@GiridihDc@DipikaPS@JmmJharkhand@deepakbiruajmm@HemantSorenJMM@Rabindranathji@NishaGumla@YogendraGomia@SitaSorenMLA@nishikant_dubey@sutibro_goswami@WeAreRanchi@WeAreJharkhand@JharkhandCMO
जामताड़ा आदिवासी ग्रामीण गड्ढे का बेहद गंदा और मटमैला पानी पीने को मजबूर..
जो पानी पशु भी ना पिए वह बेचारे आदिवासी माताएं बहने पीने को मजबूर है...
मामला झारखंड के जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत बडारामपुर पंचायत के बडकुरी चौक का है ,जहाँ आदिवासी समुदाय के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए एक गंदे गड्ढे का सहारा लेना पड़ रहा है गड्ढे का पानी इतना दूषित और गंदा है जो मनुष्यों के तो छोड़िए पशुओं के पीने के योग्य भी नहीं है
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@IrfanAnsariMLA@YogendraGomia@dcjamtara@JMM_JAMTARA@WeAreJharkhand