माननीय ���र्वोच्च न्यायालय व माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग 2 माह से वरिष्ठता सूची पर फ़ैसला नहीं कर रहा। इसको लेकर शिक्षकों में असंतोष है।
विभाग को निर्णय लेकर और मेरिट को लागू कर पदोन्नति करनी चाहिए। किसी भी वरिष्ठता में मेरिट ही आधार होनी चाहिये। सभी विषयों को समान अवसर मिलना चाहिये। अवसर की समानता और मेरिट से पदोन्नति, माननीय सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के यही तो आदेश है।
इस कार्य में विभाग को देरी नहीं करनी चाहिये। जिस तरीके से डीपीसी की गई उस से ना केवल हिंदी, इतिहास, संस्कृत, भूगोल, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान, भौत���क विज्ञान, गृह विज्ञान विषयों के साथ मैरिट व समानता का निर्धारण नहीं हुआ।
और इतना ही नहीं अगर इन विषयों की पदोन्नति नहीं हुई तो इन विषयों के पद भी रिक्त नहीं होंगे तो हिंदी, इतिहास, संस्कृत, भूगोल, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गृह विज्ञान विषयों के लगभग 8 लाख से अधिक प्रशिक्षित #बेरोज़गार विद्यार्थियों ( जो इन विषयों में MA, B.Ed है) के साथ भी अन्याय होगा क्यूंकि आगे आने वाली व्या��्याता भर्ती में उनके विषय में कोई वैकेंसी नहीं आ पायेगी।
अगर एक भर्ती के प्रत्येक विषय से कॉमन वरीयता बने तो हमेशा के लिए नज़ीर बनेगी और जब भी पदोन्नति होगी तो सभी विषयों को समान रूप से पदोन्नति का लाभ मिलेगा और सभी विषयों के समान रूप से पद खाली होंगे और बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए भी समान रूप से पद उपलब्ध रहेंगे। इसमें अहित किसी का नहीं है बल्कि सबके साथ समानता है। अब जिसकी मेरिट में रैंक उच्च है उसको पहले लाभ मिलेगा तो उसको ही मिलना चाहिए!! जिसकी रैंक नीचे है क्या उसको पहले लाभ मिलेगा??
इसलिए सरकार माननीय न्यायालय के इस निर्णय को इस रूप में भी देखे क्यूंकि जिन दो विषयों के व्याख्याता सरकार को गुमराह कर रहें हैं मेरिट से सीनियोरिटी में उनका भी नंबर आ रहा हैं। और उनके साथ ही सभी विषयों के मेरिट क्रमानुसार नंबर आ रहा हैं।
@BhajanlalBjp @Bhajanlalofc @RajCMO @madandilawar @rajeduofficial @RajGovOfficial @svoruganti1466 @TikaRamJullyINC @madanrrathore @ShankarGora
शिक्षक समाज व सरकार से दो ही चीजें लेता है "वेतन व सम्मान" बाकी उसका जीवन राष्ट्र निर्माण में समर्पित रहता है। 2013 में @ashokgehlot51 जी ने वेतन वृद्धि की थी जिसे 2017 में वसुंधरा जी ने कटौती कर दी।
#वेतन_विसंगति_दूर_��रो
मकर संक्रांति पर पतंग काटते और कटवाते हैं लेकिन 2017 में पिछली सरकार ने कर्मचारियों की वेतन कटौती कर दी। जिसे माननीय मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आप ही बहाल कर सकते हैं। अतः अनुसूची 5 की वेतन कटौती निरस्त करें सर।
#वेतन_विसंगति_दूर_करो#18750_बहाल_करो#MakaraSankranti
@NareshmalikRU@ashokgehlot51 06 शिक्षको के प्रमोशन का मामला वर्ष 2001 से लंबित है। विश्वविद्यालय प्रशासन मनमाने तरीके से प्रमोशन को रोक रहा है। इस प्रमोशन के संबंध में वि वि ने दो कमेटी बनाई थी तथा दोनो कमेटी ने 06 शिक्षको के पक्ष में रिपोर्ट दी थी। सरकार ने भी दो बार वि वि को प्रमोशन के लिए निर्देश दिए हैं।
@NARESHM71777197 @ashokgehlot51 माननीय मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आपसे करबद्ध निवेदन है कि आप हमारे राजस्थान विश्वविद्यालय के गुरुजनों की इस मांग की ओर ध्यान देकर इस समस्या का तुरंत निस्तारण करें, विधा के मंदिर में गुरुजनो का आदर, मान समान हम सब बनाकर रखे यह हम सब की जिम्मेदारी है!
@artizzzz@_lokeshsharma
हठधर्मिता के कारण हमारी पदोन्नति को रोक कर बैठा है। इस विषय में हमने आपके सलाहकार @BabulalNagarINC जी को भी अवगत कराया है। कृपया आप जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देकर हमारे साथ न्याय करें। एवं हमारी न्यायोचित मांग को पूरा करने का कष्ट करें 🙏 @_lokeshsharma@RajCMO@GovindDotasra 2/2
माननीय मुख्यमंत्री महोदय @ashokgehlot51 जी हम राजस्थान विश्वविद्यालय के 6 शिक्षक पिछले 6 दिनों से अपनी न्यायोचित मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। राजस्थान सरकार के आदेश एवं सिंडिकेट के द्वारा हमारे पक्ष में निर्णय के बावजूद राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी 1/2