प्रेमिकाएँ हमेशा उधेड़बुन में ही रहती है उनका प्रेम किसी बरसाती नदी के जादू की तरह होता है जो अनायास ही पहाड़ों से फूट पड़ती हैं। प्रेमियों के उस पुराने घर के कमरे से धूल चुकी हैं सारी स्मृतियाँ ... अंदर कुछ शेष था तो वो बस कल्पनाओं में तुम्हारी मादक देहगंध!