@epanchjanya कोलकाता में अगर कानून व्यवस्था सही करना है और सनातन का झंडा लहराना है तो वहाँ की सत्ता योगी जी के हाथों में सौंप देनी चाहिए। जिन राज्यो में अत्याचार ज्यादा है वहाँ योगी जी को भेजना चाहिए।
सावन के पहले सोमवार को बेहद पवित्र कार्य हुआ,अमर उजाला और एलिम्को टीम द्वारा सामाजिक अधिकारिता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में 415 दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए ,अमर उजाला के चित्रकूट जिला संवाददाता @Sudhiragrawal_1 समेत पूरी टीम को धन्यवाद @ChitrakootDm@chitrakootpol
@narendramodi आपने चुनाव गलत समय करवाया है आपको फरवरी माह में चुनाव कराना चाहिए था,इतनी भीषण गर्मी में चुनाव कराएंगे तो नुकसान तो होगा ही आपको। लोग अपनी जान बचाये की वोट डालने जाए। किसान खेतो में अपनी फसल काटे की अपना वोट डालने जाए। आप जब भी चुनाव कराए तो नवंबर से लेकर मार्च महीने के तक
@myogiadityanath@narendramodi@mannkibaat माननीय मुख्यमंत्री जी आखिरकार वृंदावन में भारत का सबसे बड़ा कॉरिडोर कब बनेगा?? करोड़ों भक्त इस कॉरिडोर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं..
भाद्रपद अमावस्या मेले में पूजा अर्चना के लिए लाखों श्रद्धालु चित्रकूट का रुख किए हैं, जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गूंज रहा है,गजब की आस्था है,अब तक सभी व्यवस्थाएं भी दुरूस्त हैं,हमे ऐसे चित्रकूट के वासी होने पर गर्व होता है,उम्मीद है भगवान कामतानाथ की कृपा से मेला सकुशल निपटेगा.
@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@PMOIndia@narendramodi @dmmathura7512 इतने बड़े हादसे का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ वहाँ के दुकानदार है जो कॉरिडोर नही बनने दे रहे है,अगर समय रहते कॉरिडोर नही बनाया गया तो अभी और भी घटनाएं घट सकती है। अभी जन्माष्टमी और राधाष्टमी भी होनी है
आखिर वृंदावन में कब बनेगा कॉरिडोर ??कब तक श्रद्धालुओं की ऐसी ही मौते होती रहेंगी ??
इन सब मौतो का जिम्मेदार सिर्फ वहाँ के दुकानदार है,जो कॉरीडोर बनने नही दे रहे। अब समय आ गया है कॉरिडोर बनाने का।
आखिर वृंदावन में कब बनेगा कॉरिडोर ??कब तक श्रद्धालुओं की ऐसी ही मौते होती रहेंगी ??
इन सब मौतो का जिम्मेदार सिर्फ वहाँ के दुकानदार है,जो कॉरीडोर बनने नही दे रहे। अब समय आ गया है कॉरिडोर बनाने का।
आखिर वृंदावन में कब बनेगा कॉरिडोर ??कब तक श्रद्धालुओं की ऐसी ही मौते होती रहेंगी ??
इन सब मौतो का जिम्मेदार सिर्फ वहाँ के दुकानदार है,जो कॉरीडोर बनने नही दे रहे। अब समय आ गया है कॉरिडोर बनाने का।