2014,का चुनाव हारते ही सीबीआई घर भेज दी गई। Z+ security, वापस ले ली गई है। लोकसभा में रेनकोट मे नहाने जैसे घटिया शब्दावली का इस्तेमाल किया गया।
स्वार्थी राजनीति से उभरे कुमार विश्वास , ईमानदारी की सर्टिफाइड एजेंसी केजरीवाल ने मतलब क्या क्या नहीं कहा
सार्वजनिक मजाक बनाया गया 1/2
आज की भावुक श्रद्धांजलियाँ पढ़ रहा हूँ और 2013-14 याद कर रहा हूँ जब डॉक्टर मनमोहन सिंह का लगातार अपमान हो रहा था। जिसके मुँह में जो आता था, बक देता था। गुजरात मॉडल के गुण गाये जाते थे।
उनके शासनकाल में पत्रकारों पर UAPA नहीं लगता था, नेताओं के घर ED नहीं पहुँचती थी, शास्त्री भवन के सामने टेंट लगाकर बदतमीज़ी करने वालों को पुलिस हटाती नहीं थी। जंतर मंतर पर लाठियाँ नहीं चलती थीं।
आज वही लोग उन्हें याद करके भावुक हो रहे हैं। बस इतनी उम्मीद कर रहा हूँ कि देश से ऐतिहासिक धोखा करने वाले इन लोगों को वास्तव में पछतावा हो रहा होगा।
सरकार साफ हवा नहीं दे पाई
सरकार साफ पानी नहीं दे पाई
सरकार साफ और सुरक्षित रहने लायक माहौल नहीं दे पाई
अब सरकार
साफ पेट्रोल देने में भी असमर्थ है
मिलावटी पेट्रोल से गाड़ियां खत्म होती जा रही है
लेकिन गडकरी और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता इससे
यह सरकार ही अस्वीकार है
"पुलिस नागरिकों को सिर्फ़ इसलिए शहर से बाहर नहीं निकाल सकती क्योंकि उन्होंने सरकार के फ़ैसलों का विरोध किया"
◆ हाई कोर्ट के जज जस्टिस माधव जामदार ने मौखिक रूप से कहा
#HighCourt | Justice Madhav Jamdar
सही सवाल किया जनता अगर जागरूक होकर यही सवाल पूछे तो सबकुछ सम्भव है
एक दम सही बात भाई की चालान hand तू hand और एम्बुलेंस कॉल करने के आधे घंटे बाद
गजब मामला है
सवाल यह है पैसा कामना ज़रूरी है या किसी की जान बचाना?
चालान से सरकार का पैसा बनता है और एम्बुलेंस से जान
हिंदू मुस्लिम, भाजपा के दिए एजेंडे पर डिबेट, ट्रंप और मोदी की जय जयकार,
Melody इतनी melody क्यों है ,
छात्रों ने प्रदर्शन किया तो नक्सली, किसानों ने किया तो ख़ालिस्तानी, बेरोजगारों ने सवाल किया तो देशद्रोही और पाकिस्तानी
नेहरू ने ऐसा किया ऐसा क्यों नहीं किया
बस चप्पल चाटी है
मतलब जब सवाल का जवाब न हो, तो किसी के धर्म पर चढ़ जाओ!!
रोमाना ख़ान ने सवाल कर लिया तो उन्हें सीधा मस्जिद में भेज दिया!
बंसल साहब, इस देश के करोड़ों हिंदू भी यही सवाल कर रहे हैं। उन्हें कहाँ भेजेंगे?
धरती के किसी मंदिर में या फिर सीधे मोक्षधाम में?
हिंदुत्व आपके लिए क्या है?
धर्म या फिर ATM?
योगी आदित्यनाथ ने 'भाषण मत दो' क्यों कहा?
वो भी उस मां को, जो उनके ही महकमे की भीषण आपराधिक हरकत के चलते लखनऊ के अग्निकांड में अपना लाल खो चुकी थी।
ये समझने के लिए आपको योगी आदित्यनाथ को समझना होगा।
दरअसल यही 'असली' योगी आदित्यनाथ हैं।
ये कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार।
उनकी अविस्मरणीय और अकल्पनीय संवेदनहीनता का एक और उदाहरण देखिए-
ये घटना अप्रैल 2018 की है।
कुशीनगर में स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी।
ये एक मानव रहित क्रासिंग थी।
लोग भड़के हुए थे। प्रशासन के खिलाफ आक्रोश ज़ाहिर कर रहे थे।
योगी आदित्यनाथ बतौर सीएम वहां पहुंचे और उन 13 बच्चों की दर्दनाक मौत के विरोध में उमड़े इस आक्रोश पर त्योरियां चढ़ाते हुए इन शब्दों का प्रयोग किया-
"ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।"
आप अगर योगी आदित्यनाथ को जानते हैं तो जितना मैं लिख रहा हूं, उससे भी बहुत ज्यादा जानते होंगे!!
Great surrender by Uttarakhand Police
So after 4 days of seize of Gurudwara these Goons left the Gurudwara as if they did something great and our police as usual giving them farewell while they break all the traffic rules flashing weapons tripling in motorbikes . Now they can go back and plan another seize at Red Fort attack policemen with swords. Politicians have failed this country for vote Bank.
Huge respect for Indira Gandhi she was definitely IRON LADY.
Great surrender by Uttarakhand Police
So after 4 days of seize of Gurudwara these Goons left the Gurudwara as if they did something great and our police as usual giving them farewell while they break all the traffic rules flashing weapons tripling in motorbikes . Now they can go back and plan another seize at Red Fort attack policemen with swords. Politicians have failed this country for vote Bank.
Huge respect for Indira Gandhi she was definitely IRON LADY.
@Gadwali_soul कोई नहीं आपका समय 2027 मे आने वाला चुनाव के दौरान
उखाड़ कर बाहर कीजिए ऐसी सरकार जो आपके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध ना हो
बाहर कीजिए ऐसी सरकार को जो पहाड़ियों के आत्म सम्मान को मिट्टी में मिला दें
ऐसी सरकार जो उपद्रवियों के आगे घुटने टेक दे
शर्मनाक
"लोग अपना पेट काटकर, पैसा बचाकर तीर्थ जाते हैं और वहां दानपात्र में डालते हैं। ऐसे पैसे को लूटना, लोगों की आस्था के पीठ में खंजर घोंपने के बराबर है" : पवन खेड़ा, कांग्रेस लीडर
@student_forevr@pushkardhami मुख्यमंत्री धामी को पहाड़ियों की अस्मिता और उनकी एकता, अखंडता का तनिक भर भी सम्मान नहीं है
अगर क्षण भर भी सम्मान होता तो ऐसे उपद्रवियों पर तुरंत कठोर से कठोर कार्रवाई की जाती!!
अगर यही घटना किसी और समाज के लोगों ने की होती तो क्या उन्हें भी ऐसे छोड़ दिया जाता?
क़ानून समान नही
@ipsvijrk मर्जी से कुछ नहीं होने वाला सर
जिनकी फितरत गुनाह करने की है वह जुर्म करेगा ही करेगा
कुछ करना है तो कानून सबके लिए एक सामान कीजिए! महिलाओं को छूट और पुरुष के प्रति कठोर यह गलत है
सोनम ने राजा रघुवंशी को मारा 10 महीने में bail लेकर बाहर आ गई
क्या पुरुष इतना जल्दी बाहर आ सकता है
जब मुठभेड़ करनी ही थी तो गिरफ्तारी क्यों करना
सीधा गोली मार कर खत्म करो
जेल में ले जाकर इसका पालन पोषण होगा जो आज 10 साल की बच्ची के साथ करा है वो ही कल को 30 साल की महिला के साथ करेगा
महिला प्रति अपराध बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए इस देश में
खासकर बलात्कार तो
मार दो
दिल्ली में 10 साल की बच्ची के रेप और मर्डर का आरोपी कैब ड्राइवर पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया. क्राइम सीन पर ले जाते समय वह कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था तभी पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है.
#DelhiCrimes#CabDriver#DelhiRapeCase