I sincerely thank @OfficeofUT sir and @RajThackeray sir for extending their support to CJP’s protest in Mumbai on October 2.
All Indians must come together to save our democracy before it’s too late.
२ ऑक्टोबर रोजी मुंबईत होणाऱ्या CJP च्या आंदोलनाला पाठिंबा दिल्याबद्दल @OfficeofUT साहेब आणि @RajThackeray साहेब यांचे मी मनापासून आभार मानतो.
आपली लोकशाही वाचवण्यासाठी सर्व भारतीयांनी एकत्र येणे गरजेचे आहे.
चिंगारी लग चुकी हैं। 🔥
ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दो ज्ञानेश हटाओ देश बचाओ।
EVM के खिलाफ यह चिंगारी सुलगी थी याद हैं?🔥
EVM के खिलाफ है वो वीडियो रिट्वीट करें।
Removing Gyanesh Kumar is not enough.
The next election commissioner MUST be appointed by a panel of PM, Leader of Opposition and CJI. Only a person chosen by all three 'ayes' would be deserving of the post.
Modi cannot be trusted, he will install another puppet otherwise.
Gyanesh Kumar must go!
Demand 1: Initiation of criminal proceedings against Gyanesh immediately, and an answer to the question: Who gave him the orders?
Demand 2: Put all upcoming elections on hold. Freeze the SIR and restore the January 2025 voter list. Set up an independent inquiry into the entire SIR decision-making process. We also demand that the Supreme Court immediately take custody of all SIR-related files to ensure no records are destroyed, altered or go missing.
Demand 3: Repeal the 2023 law on the appointment of the Election Commissioners of India and enact a new law that inspires public confidence, with the active participation of members of civil society.
IIT-Bombay के बीटेक (एनर्जी साइंस) द्वितीय वर्ष के दलित छात्र साहिल वाकोड़े की असामयिक मृत्यु ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
साहिल जी की आत्महत्या के अगले दिन कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी बयान में परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई। लेकिन साहिल की मृत्यु के अगले दिन प्रशासन द्वारा यह बयान जारी किया जाना और पूरे मामले को मुख्य रूप से मोबाइल मिलने की घटना से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को लेकर संदेह को और गहरा करता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा कक्ष में साहिल जी के आसपास अन्य परीक्षार्थी मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से किसी अन्य परीक्षार्थी द्वारा उनके पास मोबाइल फोन होने की बात कहे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन के नियमानुसार, यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलती है, तो संबंधित सामग्री जब्त कर परीक्षार्थी को नई उत्तरपुस्तिका देकर परीक्षा पूरी कराई जाती है और आगे की कार्रवाई के लिए मामला कमेटी के सामने रखा जाता है।
साहिल के परिजनों और साथी छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रोफेसर द्वारा परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर धमकाया गया और एक वर्ष के लिए निलंबित करने की बात कही गई। परिवार ने उनके साथ पहले भी जातिगत भेदभाव और संस्थागत प्रताड़ना किए जाने की भी बात कही है।
18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे साहिल ने आत्महत्या कर ली। इसके कुछ ही समय बाद @iitbombay के छात्र इस घटना से चिंतित होकर कैंपस में एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में IIT के निदेशक और डीन (छात्र मामले) के इस्तीफे, साहिल जी के परिवार को मुआवजा, IIT प्रशासन की सहमति से प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज करने, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और सभी छात्रों के साथ ओपन हाउस बैठक आयोजित करने की मांग रखी है।
हम @EduMinOfIndia से मांग करते हैं कि घटनाक्रम से जुड़े सभी CCTV फुटेज, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो।
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान या किसी भी प्रकार की संस्थागत प्रताड़ना की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दुःख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएँ साहिल के शोकाकुल माता-पिता और पूरे परिवार के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे।
#JusticeForSahilWakode
इस देश केे तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में SC ST OBC प्रोफेसर की संख्या नगण्य है।
वजह? कैंपस में बैठे द्रोणाचार्य, हम जैसे एकलव्यों का अंगूठा काटने में लगे हुए है!
2019 में जो मांग उठा रही थी आज भी वही मांग उठानी पड़ रही है, मगर ये मनुवादी सुधरने का नाम नहीं लेते!
मोदी सरकार अपने विभागों में SC ST OBC समाज के अफसरों को देखना नहीं चाहते, हमें संस्थाओं से लुप्त किया जा रहा है!
बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता।
@officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।
யப்பா...
பயங்கரம் அண்ணா...♥️♥️
தமிழ் சினிமாவின் அடுத்தக்கட்ட பாய்ச்சலை உருவாக்கப் போகும் வேட்டுவத்தை பார்ப்பதற்கும், கொண்டாடுவதற்கும் காத்து இருக்கிறேன்..
மொத்த படக்குழுவிற்கு என் வாழ்த்துகளும் அன்பும்
@beemji#vettuvam
https://t.co/NvBeKO41jN