@jitanrmanjhi दलितों को किस प्रकार दबाता जाता है इसका उदाहरण जीतनराम मांझी है। पूर्व मुख्यमंत्री के साथ जब इस तरह का वर्ताव किया गया तो आम दलितों के साथ क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये प्रधान शिक्षक बनने की योग्यता में आठ वर्षों का अनुभव की बाध्यता को हटाना होगा तभी योग्य प्रधान शिक्षक मिल पाएंगे।सरकार से निवेदन है कि छात्रहित में इस पद को कृपया राजनीति से दूर रखें@nitishkumar🙏🙏 https://t.co/YQTk0V8QPQ
@KashishBihar पूरी तरह दबंग सेटिंग हुई है। स्थानीय नेता द्वारा ब्लॉक से लेकर जिला तक के अधिकारियों को मैनेज कर के पारू के सभी पंचायतों का सेटिंग किया गया था।
कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है।
ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जाँच हो तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है।
जनता की सेवा ही धर्म होना चाहिए।सरकार को जन प्रतिनिधि,सामाजिक संस्था एवं कार्यकर्ता को आमजन के मदद के लिए प्रेरित करना चाहिए।जन प्रतिनिधि को भी कोरोना गाइड्लाइन का सख़्ती से पालन करते हुए कार्य करना चाहिए।ऐसे समय में सेवा में लगे @pappuyadavjapl को गिरफ़्तार करना असंवेदनशील है।