मुस्लिम युवकों का पुलिस द्वारा जुलुस निकाले जाने पर खुशियाँ मानाने वाले इस मामले पर खामोश क्यों हैं?
गुजरात के मेहसाणा में 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप मामले में 6 युवक गिरफ्तार हुए हैं।
आरोपियों के नाम पवन ठाकोर, विजय ठाकोर, राज ठाकोर, सोहम और प्रकाश मोदी है,
पहले 2 युवक लड़की को विसनगर के पास ले गए। बाद में, 2 अन्य युवक वहाँ पहुँच गए और लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
बात यहाँ तक नहीं है बल्कि एक अन्य युवक ने लड़की को लिफ्ट दी और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
अब इनका जुलुस गुजरात पुलिस ने निकाला है और मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर ख़ामोशी है।
"अगर हमारी मांगे जल्द ही पूरी नहीं की गई तो ठोस फैसला लिया जाएगा।"
बरेली, यूपी में तौकीर राजा के भाई तौसीफ राजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांगे:
- बेगुनाह मुसलमानों की गिरफ्तारी रोकी जाए
- पुलिस की मनमानी दबिशें बंद हों
- झूठे मुक़दमे वापस लिए जाएँ
- बुलडोज़र कार्रवाई रोकी जाए
शामली में अपने सीने पर ‘I Love Mohammad लिखने पर जेल में ठूंसने का मुद्दा हो या बरेली में 26 सितंबर को पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज, ये घटनाएं एक धर्म लोगों को बदनाम करके वोट बैंक हासिल करने सुनियोजित साजिश ही नहीं बल्कि सरकार की तानाशाही और घमंड की पराकाष्ठा है।
बरेली में मुस्लिम समाज के लोगों का सिर्फ़ एक शांतिपूर्ण ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। इसमें किसी भी तरह की हिंसा का इरादा नहीं था। यदि सामान्य तरीके से ज्ञापन सौंपने दिया जाता तो हालात बिगड़ते ही नहीं। ज्ञापन तो छोड़िए नमाज़ अदा करने तक की अनुमति नहीं दी गई और इसके बाद अपने आका को खुश करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज करके बेगुनाहों को घायल कर दिया।
अब बरेली में मुसलमानों को इसकी आढ़ में सामूहिक सज़ा दी जा रही है। झूठे इल्ज़ाम लगाकर तमंचे, पेट्रोल बम और तेज़ाब की बोतलों से हमले का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि वायरल वीडियो से साफ़ है कि छतों से पत्थरबाज़ी एक सोची-समझी साज़िश थी। मगर पुलिस साज़िशकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय बेगुनाहों को परेशान कर रही है।
बेगुनाह मुसलमानों को थानों में बेरहमी से पीटा जा रहा है, मीडिया के सामने परेड कराई जा रही है, उनके घरों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं। दबिश के दौरान महिलाओं और बच्चों तक को निशाना बनाया जा रहा है। मस्जिदों में इमामों और मुअज्ज़िनों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे नमाज़ जैसी बुनियादी इबादत भी मुश्किल हो गई है।
मुस्लिम भाईयों और बहिनों पर तानाशाह के इशारे पर किया जा यह अन्याय–अत्याचार न सिर्फ संविधान की प्रस्तावना बल्कि संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिसमें धर्म और उपासना की स्वतंत्रता को देश के प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार बताया गया है।
@UPGovt से हमारी माँगें :
1. बेगुनाह मुसलमानों की गिरफ़्तारी और उत्पीड़न पर तुरंत रोक लगाई जाए।
2. पुलिस की मनमानी दबिश और बुलडोज़र कार्रवाई बंद की जाए।
3. निर्दोषों पर दर्ज झूठे मुक़दमे वापस लेकर उन्हें फ़ौरन रिहा किया जाए।
4. दोषियों की पहचान कर उन पर सख़्त कार्रवाई की जाए।
मैं कल बरेली पहुँचकर मौजूदा हालात का जायज़ा लूँगा और पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात करूँगा।
#iLoveMuhammad
4 सितंबर को, पूरे विश्व को शान्ति, प्रेम, सहिष्णुता, समानता और मानवता का संदेश देने वाले पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के जन्मदिवस ‘ईद-ए-मिलाद-उन-नबी’ के पवित्र अवसर पर, कानपुर में ‘I Love Muhammad’ लिखे पोस्टर से शुरू हुए विवाद का अभी तक शांत न होना, सरकार और प्रशासन की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है।
आज उत्तर प्रदेश के बरेली और मऊ में पुलिस ने जुलूस और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे पहले भी कई शहरों में, कानपुर से शुरू हुए विवाद के कारण, अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करने और ‘I Love Muhammad’ के जुलूस में शामिल अनेकों लोगों पर FIR दर्ज की गई, जो सीधे धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर हमला है।
यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अफवाहों को रोकने में नाकाम रही और प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मैं @UPGovt से यह माँग करता हूँ कि —
1. धार्मिक स्वतंत्रता और शांति बनाए रखने वाले निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज FIR तुरंत वापस ली जाए।
2. अफवाह और नफ़रत फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
3. प्रशासन की जवाबदेही तय हो और भविष्य में ऐसे अत्याचार न दोहराए जाएँ।
4. धार्मिक पर्वों को विवाद और दमन का माध्यम न बनाया जाए, बल्कि भाईचारे और शांति का प्रतीक बनाया जाए।
5. बरेली में गिरफ्तार किए गए निर्दोष लोगों को तत्काल रिहा किया जाए।
बारावफात और ‘ईद-ए-मिलाद-उन-नबी’ जैसे अवसर समाज में करुणा, सद्भाव और भाईचारे का प्रकाश फैलाने के लिए हैं, न कि सरकार की तानाशाही और अफवाह फैलाने वालों की नापाक साजिशों के लिए।
#IloveMuhammad
#ProphetOfHumanity
#EidMiladUnNabi
#EidMiladunNabiMubarak
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