मतदाता के वोटर ID कार्ड (EPIC) के साथ उसका मोबाइल नंबर जोड़ना बहुत ही आसान है और घर बैठे ही मिनटों में इस काम को किया जा सकता है। वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने के निम्नलिखित फ़ायदे हैं।
१. अगर आप फ़ॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं और फ़ॉर्म 6 भरते समय आपने फ़ॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरा है तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ते ही (लगभग दस पंद्रह दिन में) अपना e-EPIC (वोटर ID कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रिंटेड वोटर ID कार्ड डाक विभाग के माध्यम से आपके आवासीय पते पर भेजा जाता है जिसमें कई बार समय लग जाता है।
२. जब जब आप ज़रूरत समझें तब तब और जितनी बार चाहे उतनी बार अपना e-EPIC घर बैठे ही डाउनलोड कर सकते हैं।
३. वोटर लिस्ट तथा वोटर ID कार्ड ( EPIC) में आपके विवरण में विद्यमान् त्रुटियों को घर बैठे ही ऑनलाइन फ़ॉर्म 8 भरकर त्रुटियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
४. ECINET mobile ऐप तथा https://t.co/oc9BoIIa7R website पर voter ID से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर अथवा वोटर आयी कार्ड पर बने QR कोड को स्कैन कर जब चाहें तब कुछ ही सेकेंडों में अपना पोलिंग स्टेशन नंबर और मतदाता सूची में अपना क्रमांक तुरंत ज्ञात कर सकते हैं।
वोटर ID कार्ड के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया संलग्न चित्रों से स्पष्ट हो जाएगी। यह प्रक्रिया चंद मिनटों में पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सैकंडों में मोबाइल नंबर आपके वोटर ID कार्ड से जुड़ जाता है।
@ECISVEEP
हिंदू राष्ट्र में एक सवर्ण के हालात...!
रो रहा है General category
केवल जाति के कारण परीक्षा में बैठने से प्रतिबंधित कर दिया
#UPP_Age_Relaxation#EWS_AGE_RELAXATION
जबकि पूर्व में इसकी सीमा 35फीट वन साइड थी,जबकि यहीं रोड पर लालगेट से कदरीगेट तक 12.5मीटर एक तरफ रखी गई है , माननीय मुख्यमंत्री जी से यही अनुरोध है कि लालगेट से पंचालघाट तक इसकी सीमा 25मीटर रखा जाए एक तरफ 12.5 मीटर जिससे गरीब जनता बेघर ,बरबाद होने से बच जाएगी
धन्यवाद
आरक्षण अभी तक क्यों ज़िंदा है??
क्योंकि हमने समाज के लिए लड़ने वालो को कभी महत्त्व नहीं दिया आरक्षण विरोध मे जान देने वाले राजीव गोस्वामी जी आज ही के दिन मंडल कमीशन के विरोध में राजीव गोस्वामी जी ने अपने आप को आत्मदाह कर लिया था
ऐसे महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ !!
कृपया गिरफ्तारी तक REPOST और कमेंट करते रहें
नाम : यादवेन्द्र नारायण
जुर्म : बलात्कार की धमकी तथा गाली गलौज
पता : पटना, बिहार
@PatnaPolice24x7@bihar_police कृपया इस व्यक्ति को गिरफ्तार करें
यह सरेआम मेरी बहन की बलात्कार करने का धमकी दे रहा है। मेरी पत्नी तथा मेरे परिवार के लिए धमकी एवं गंदी गंदी गाली दे रहा है।
ऐसे लोग समाज के लिए खतरा है।
बात सिर्फ एक भर्ती की नहीं है, बात है सामान्य वर्ग के अधिकार की। अगर आज वो राजनीतिक दबाव बनाकर एक शिक्षक भर्ती की 90% से अधिक सीटों को आरक्षित घोषित करा लेते हैं तो आगे हर भर्ती में ऐसा होगा। ये सब यहीं तक सीमित नहीं रहेगा आगे पुलिस भर्ती व अन्य भर्तियों में भी ऐसा ही होगा।
अब देश को संविधान से नहीं बल्कि जातिगत दबाव से चलाने की कोशिश की जा रही है। अगर आपको संविधान पर भरोसा है तो राजनीतिक दबाव क्यों बनाया जा रहा है? क्यों सरकार को विवश किया गया कि वो सुप्रीम कोर्ट न जाए? आरक्षण के नाम पर एक बड़ी साजिश रची जा रही है जो सिर्फ सरकार के खिलाफ ही नहीं है बल्कि वो संविधान के खिलाफ भी है!