उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है जिसकी आबादी दुनिया के लगभग 190 देशों से ज्यादा है।
अगर उत्तर प्रदेश एक देश होता, तो दुनिया का चौथा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश होता। ऐसे में इतने बड़े प्रदेश के लिए सरकारी कर्मचारियों की संख्या मात्र 30 हजार है जो अत्यंत सोचनीय विषय है। और ऊर्जा प्रबंधन चाहता है कि 25 करोड़ जनता को बिना सप्लाई बाधित हुए मिलती रहे यानी कि बिजली विभाग ऑटोमेटिक सिस्टम से चलता रहे, कर्मचारियों की संख्या भी ना बढ़ाना पड़े।
@dvvnlhq@PuVVNLHQ
डिस्कॉम के निजीकरण से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों का सरकारी नौकरी का सपना अधूरा रह जाएगा। वर्षों की मेहनत, पढ़ाई और तैयारी सिर्फ एक सपना बनकर रह जाएगी।
निजीकरण से लाभ केवल पूंजीपतियों को होगा ना कि आम जनता, किसानों, मजदूरों या बेरोजगार युवाओं को।
यह फैसला प्रदेश को दोबारा लालटेन युग की ओर ले जाने की तैयारी जैसा प्रतीत हो रहा है।
मा. मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से विनम्र अनुरोध है कि इस विषय पर शीघ्र हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश हित में इस निर्णय को रोकने की कृपा करें। 🙏
@VtkesUPTG2@uprvup@UPRVPAS@UPGovt@CMOfficeUP@PMOIndia
उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन को दी बहस की चुनौती कहा सार्वजनिक स्थान पर एक स्वतंत्र हाई लेबिल कमेटी के सामने दोनों की सरकार करा लें बहस उपभोक्ता परिषद सिद्ध कर देगा निजीकरण उपभोक्ता विरोधी और हर पहलू पर सिद्ध कर देगा इससे प्रदेश का कितना होगा वनुकसान।
उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन को दी बहस की चुनौती कहा सार्वजनिक स्थान पर एक स्वतंत्र हाई लेबिल कमेटी के सामने दोनों की सरकार करा लें बहस उपभोक्ता परिषद सिद्ध कर देगा निजीकरण उपभोक्ता विरोधी और हर पहलू पर सिद्ध कर देगा इससे प्रदेश का कितना होगा वनुकसान।
पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन का आरक्षण बचाओ विभाग बचाओ अभियान के तहत आज दूसरे दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात सोपे ज्ञापन कहां निजीकरण रोक कर आरक्षण पर हो रहे कुठाराघात को किया जाए समाप्त।