कभी महसूस किया है?
किसी अपने को
ख़ुद से दूर जाते हुए
हर दिन,हर पल थोड़ा थोड़ा
उसका अपनी काल्पनिक
पूर्णता की ओर बढ़ना
और मेरा अपनी यथार्थ
शून्यता की ओर घटना
फिर एक नक़ाब , एक दिखावा..!!
एक झूठ की रची दुनिया
वो आपके साथ हो कर भी
आपके साथ नहीं
आपकी हो कर भी
आपकी नहीं
पहले बातों से
फिर एहसासों से
फिर जिंदगी से
फिर यादों से
जैसी जिस्म से
निकल रही हो
अथाह पीड़ा
जिस पर विवशता
मौन रहने की ,
कभी महसूस किया है ?
ख़ुद को इतना ..... असहाय
श्रावण पूर्णिमा: रक्षाबंधन, श्रावणी और संस्कृत दिवस – एक दिन, अनेक भावनाएँ
श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन केवल रक्षाबंधन का त्योहार ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी अनेक परंपराओं का प्रतीक है। इसे श्रावणी, रक्षा बंधन, और संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इक धागे की कीमत बढ़ाई है तुमने,
जो द्रौपदी की लाज़ बचाई है तुमने|
बहन भाई का प्यार भी हो जाए अमर,
तो राखी कलाई पे बंधवाई है तुमने|
रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई 💐💐