सरकार और आयोग उनकी जायज़ माँग मानने की बजाय अब उनके आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश करने ल���ी. आंदोलन करने वालों को जेल भेजना कहाँ तक सही है?
#UPPSC_No_Normalisation #UPPSC_ONESHIFT_ONEDAY
भाजपा की अहंकारी सरकार अगर ये सोच रही है कि वो इलाहाब���द में UPPSC के सामने से आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को हटाकर, युवाओं के अपने हक़ के लिए लड़े जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलन को ख़त्म कर देगी, तो ये उसकी ‘महा-भूल’ है। आंदोलन तन से नहीं मन से लड़े जाते हैं और अभी तक वो ताक़त दुनिया में नहीं बनी जो मन को हिरासत में ले सके।
जुड़ेंगे तो जीतेंगे!
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#uppcs2024
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#UPPCS_ROARO_ONESHIFT
छात्रों/छात्रा��ं के आंदोलन को कमजोर करने की सरकार और प्रशासन द्वारा पुरज़ोर कोशिश की गई. लेकिन नौजवानों ने हार नहीं मानी अपने हक़ की लड़ाई के लिए डटे हुए हैं.
#UPPSC_No_Normalisation
#UPPSC_ONESHIFT_ONEDAY
नौजवानों की ये एकजुटता ही वक़्त को ज़रूरत है. इलाहाबाद के ये नौजवान आयोग की साज़िश को समझ कर धक्का लगा दिया है. इन पर पड़ी एक एक लाठी का हिसाब जनता ज़रूर लेगी.
‘योगी बनाम प्रतियोगी’ छात्र हुआ माहौल!
आज उप्र के प्रतियोगी परीक्षाओं के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवक-युवती की ज़ुबान पर जो बात है वो है:
‘नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं’!
उन्होंने चलवाया लाठी-डंडा
‘नौकरी’ नहीं जिनका एजेंडा!
नहीं चाहिए अनुपयोगी सरकार!!
भाजपा सरकार नहीं धिक्कार है!!!
‘अयोग्य लोगों का अयोग्य आयोग’ नहीं चाहिए!!!
भाजपा के लोग, जनता को रोज़ी-रोटी के संघर्ष में उलझाए रखने की राजनीति करते हैं, जिससे भाजपाई साम्प्रदायिक राजनीति की आड़ में भ्रष्टाचार करते रहें। सालों-साल वैकेंसी या तो निकलती नहीं है या फिर परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है। भाजपा ने छात्रों को पढ़ाई की मेज से उठाकर सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है।
यही आक्रोशित अभ्यर्थी और उनके हताश-निराश परिवारवाले अब भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रहे हैं। नौकरीपेशा, पढ़ा-लिखा मध्यवर्ग अब भावना में बहकर भाजपा के बहलावे-फुसलावे में आनेवाला नहीं। अब तो ह्वाट्सऐप ग्रुप के झूठे भाजपाई प्रचार के शिकार अभिभावकों को भी समझ आ गया है कि अपनी सत्ता पाने और बचाने के लिए भाजपा ने कैसे उनका भावनात्मक शोषण किया है। अब ये लोग भी भाजपा की नकारात्मक राजनीति के झांसे में आनेवाले नहीं और बाँटनेवाली साम्प्रदायिक राजनीति को नकार के ‘जोड़नेवाली सकारात्मक राजनीति’ को गले लगा रहे हैं। अब कोई भाजपाइयों का मानसिक ग़ुलाम बनने को तैयार नहीं हैं।
अब सब समझ गये हैं, भाजपा सरकार के रहते कुछ भी नहीं होनेवाला। भाजपा के पतन में ही छात्रों का उत्थान है। भाजपा और नौकरी में विरोधाभासी संबंध है। जब भाजपा जाएगी, तभी नौकरी आएग��।
अब क्या भाजपा सरकार छात्रों के हॉस्टल या लॉज पर बुलडोज़र चलाएगी। भाजपाई जिस शिद्दत से नाइंसाफ़ी का बुलडोज़र चला रहे हैं, अगर उसी शिद्दत से सरकार चलाई होती तो आज भाजपाइयों को छात्र आक्रोश से डरकर, अपने घरों में छुपकर नहीं बैठना पड़ता। आंदोलनकारियों के ग़ुस्से से घबराकर भाजपाइयों के घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतर गये हैं। आंदोलनकारी युवा ऊँची आवाज़ में पूछ रहे हैं ‘अब कहाँ गायब हैं दु��िया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवाली भाजपा के नेता और कार्यकर्ता?’। क्या ये सिर्फ़ समाज को बाँटने के लिए बाहर निकलते हैं। जिस समय छात्रों की आवाज़ में आवाज़ मिलाने का समय है, उस समय ये भाजपाई, कहीं दबे-छिपे काट रहे हैं सत्ता का मलाई।
नकारात्मक भाजपा और उसकी नकारात्मक झूठी राजनीति का समय पूरा हो गया है।
जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
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युवा विरोधी भाजपा का छात्राओं और छात्रों पर लाठीचार्ज बेहद निंदनीय कृत��य है।
इलाहाबाद में UPPSC में धांधली को रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने जो जब माँग बुलंद की तो भ्रष्ट भाजपा सरकार हिंसक हो उठी। हम फिर दोहराते हैं : नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
हम युवाओं के साथ हैं।
युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
हंसी आती है इन भक्तों पर🤣
मोदी जी के भक्त साहब जैसे ही है वो कभी नहीं मानेगे
चाचा को इतना नहीं पता भीख में एक बार बिज़ा मिल सकता है29बार नहीं🤪
चाचा मै बहुत से गरीब लोगों को जानता हूँ उनको भी अमेरिका भी जाना है तो आपके पा�� भेज दूं बीजा दिलबा दोगे क्या?
#REET_विज्ञप्ति_जारी_करो
भाजपा नेता ने एक पुलिस वाले की वर्दी उतरवाने की बात क्या कही, पुलिस वाले ने उसका कड़ा प्रतिकार कर दिया। मध्यप्रदेश के सिंगरौली का मामला बताया जा रहा है। मेरी चिंता ये है है कि आज तो ये पुलिस वाला वायरल है, ��गर कल कौन खबर बताएगा कि इसके बाद इस मामले में क्या हुआ?
लखीमपुर खीरी में दरोगा साहब एक आदमी को दौड़ा दौड़ा कर बेरहमी से पीट रहे है
पब्लिक के सामने पीट रहे हैं तो सोचो पीठ पीछे कितना जुल्म कर��े होंगे
योगी राज में रक्षक ही भक्षक बन गए है
तथाकथित एनकाउंटर में जिस युवा मंगेश यादव का जीवन चला गया, उसके शोक-संतप्त परिवार का कहना है कि पुलिस मंगेश को 2 सितंबर को ले गयी थी और 5 सितंबर को उसका एनकाउंटर दिखाया गया।
इस प्रकरण की गहन जाँच और सख़्त कार्रवाई ही क़ानून-व्यवस्था में जनता के खोये हुए विश्वास को वापस ला सकती है।
भाजपा ने शासन-प्रशासन का नैतिक आधार खो दिया है।
मौजूदा सियासी दौर के सबसे ज़्यादा संवेदनशील संजीदा ह्यूमर वाले बेबाक़ नेता हैं @samajwadiparty मुखिया @yadavakhilesh. एक वाक्य में कितना कुछ कह डालते हैं, इसकी ताज़ा बानगी देखिए-
लखीमपुर के श्रीनगर विधानसभा से भाजपा विधायिका मंजू त्यागी ने गन्ना समिति के चुनाव का पर्चा SDM के हाथ से छीन लिया और तेजी से भाग गईं और योगी सरकार के अफसर मुंह ताकते रह गए तथा विधायिका के समर्थकों से गाली अलग खाए
अब सीएम योगी बताएं कि उनका बुलडोजर किस बिल में घुस गया है ? क्या यही है सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव ? शर्म करें बेशर्मी छोड़ें और स्वीकार करें कि वे यूपी में गुंडई ,माफियागि���ी के पोषक और निर्देशक खुद हैं
सत्ता की ताकत और सत्ता के मद से ये गुंडई यूपी में चल रही है और खुद सीएम योगी इसके संरक्षणदाता हैं
#नहीं_चाहिए_भाजपा