इज़रायल की महिलाओं के साथ इन हमास के जल्लादी आतंकियों का वीभत्स व्यवहार उस दौर की याद दिलाता है जब हमारी माताएँ बहनें जौहर के अग्निकुंड में ख़ुद को स्वाहा कर देना बेहतर समझती थी। उन्हें ख़ौफ़ तब भी था ऐसे जल्लादों से तभी वे चाहती थी कि उनके शरीर की राख तक इन्हें न मिले। ऐसे पापियों को ज़िंदा जहन्नुम दिखाना चाहिए।
#IsraelPalestineWar #IsrealUnderAttack
हमास आतंकियों की बर्बरता खुद गवाही दे रही है, धर्म के नाम पर महिलाओं के शरीर को लहुलुहान कर अपनी ताक़त की नुमाइश करने वाली सोच से विश्व को कितना बड़ा ख़तरा है।कई बुद्धिजीवी मानवता के नाम पर इन्हें सीना चीर कर सही ठहराते रहे।ये जंग दुनिया और उसकी बर्बादी पर आमादा लोगों के बीच है।
बिहार की सभी इंजीनियरिंग पास बेरोजगार बेटियों के दर्द को ना समझने वाले पिता को बेटी रत्न प्राप्ति के लिए बधाई।तेजस्वी यादव की बेटी को उनके द्वारा स्वर्णिम भविष्य बना कर दिया जाएगा,पर BTSC JE 01/2019 की बेटियां अपना भविष्य बनाने का सपना देख रही थी जो सरकार द्वारा तोड़ दिया गया है।
@yadavtejashwi बिहार की सभी इंजीनियरिंग पास बेरोजगार बेटियों के दर्द को ना समझने वाले पिता को बेटी रत्न प्राप्ति के लिए बधाई। तेजस्वी यादव की बेटी को उनके द्वारा स्वर्णिम भविष्य बना कर दिया जाएगा,परBTSC JE 01/2019 की बेटियां अपना भविष्य बनाने का सपना देख रही थी जो सरकार द्वारा तोड़ दिया गया है।
आपके प्यारे भैया जी ने जूनियर इंजिनियर पद के 6400 अभ्यर्थी के परिवार को बर्बाद कर दिया बहाली को कैंसल करके ।
ताकि दुबारा बहाली लाकर इस बहाली में भी जमीन के बदले में जेई की नौकरी दे सके ।
और सीबीआई 2 4 सवाल क्या कर दिए आपको परेशानी दिखने लगा ।
6400 परिवार का हाय तो लगेगा ही ।
देखिए हमारे बिहार में 5साल के बाद रिज़ल्ट आता है उसके बाद संशोधन के नाम पर बहाली रद्द किया जाता है हमारे बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव के द्वारा BTSC JE Ad-01/2019
सर BTSC JE Ad-01/2019 को संज्ञान में लेते हुए बहाली पुर्ण कराइए!नही तो हमलोग का लाइफ खराब हो जायेगा सर रिज़ल्ट देने के बाद भी बहाली रद्द किया जा रहा है
@deepakkrsahu1@nitish@yadavtejashwi@NitishKumar@je_btsc 4 साल तक लंबित 01/2019 B.T.S.C J.e के result प्रकाशन के बाद विभाग आवंटन करने के उपरांत बहाली रद्द करना क्या न्यायोचित है?
जिस selection process से 6400 अभ्यर्थियों का रिजल्ट दिया गया, दूसरे selection process से उन्हीं को दुबारा गुजारना तार्किक है?