नौबत यहां तक आ गई है कि भारत में अवैध रूप से घुस कर उग्रवादियों को ट्रेनिंग देने वाले CIA के घुसपैठिये आतंकी को जेल से निकाल कर सकुशल वापस अमेरिका भेजना पड़ रहा है..
एक एपस्टीन फ़ाइल के लिये अभी और क्या क्या करना होगा.. आख़िर इतने भी क्या नीच कांड किये थे महामानव ने.🤔
आज़ादी के दीवाने महान क्रान्तिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने अपने प्राणों
की आहुति देकर स्वतंत्रता संग्राम को नया मोड़ दिया युवाओं में देशभक्ति की भावना को
जगाने के लिए भगत सिंह जी की जयंती पर
शत-शत नमन। "इंकलाब जिंदाबाद"🇮🇳
#ShaheedBhagatSingh
🇮🇳 28 सितंबर — भगत सिंह जयंती 🇮🇳
मेरे आदर्श, मेरे प्रेरणास्रोत, वीर पुरुष
महान क्रांतिकारी भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏
उनका साहस, देशप्रेम और त्याग हम सभी को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार और समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहे।
जय हिंद 🇮🇳 🪖🪖
#JAIHIND
नीम करौली बाबा, साईं बाबा और उनके चमत्कार। (Part-1)
भारत में चमत्कारी बाबाओ की कमी नहीं है, इतने सारी असुविधाओं, और आर्थिक विपन्नता और मानसिक तनाव से जूझते देश में इतने सारे चमत्कारी बाबा होना, लाज़िमी है।
क्योंकि एक संतरे से एक ग्लास जूस निकालने वाला 20 रुपए का जूसर सरकारी टूटी हुई रोडवेज बस में बैठे लोग ही ख़रीदेंगे, एयरपोर्ट और फ्लाइट में बैठे लोग नहीं।
लेकिन नीम करौली और साईं बाबा ऐसे किरदार है, इनके ऊपर फ़िल्में, सीरीज बनती रहीं है। और इनको सबसे चमत्कारी बाबाओ में गिना जाता है। अब सवाल ये है, इन दोनों का समयकाल जो है, साईबाबा का 1830 से लेकर 1918 तक है, और नीम करौली बाबा का 1901 से लेकर 1973 तक है। इन दोनों के समयकाल में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान घोर अत्याचार चल रहा था। साईं बाबा के समय महाराष्ट्र में इतने सारे क्रांतिकारी अंग्रेज़ी हुकूमत से लड़ रहे थे बहुत से फाँसी पर लटक गए, इनके समय काल मे�� 1857 की इतनी बड़ी क्रांति हो रही थी। लेकिन बाबा में चमत्कार में बिना तेल दिया जलाना, मिट्टी से लड्डू बना देना, भक्तों के सपनों में आना, भविष्यवाणी करना ये सब शामिल था। लेकिन इतने बड़े संघर्ष में उस समय की प्रमुख घटनाओं में एक भी जगह इनका कोई योगदान और उल्लेख नहीं। इतना चमत्कारी व्यक्ति किसी अंग्रेज़ अधिकारी के सपने में आकर पूरा 1857 का रुख़ ही बदल सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पता नहीं कैसे भगवान थे, जो पूरे देश के मन की बात नहीं समझ पाए सिर्फ़ अपने मस्जिद में बैठे चेलों के मन की बात पढ़ते थे।
नीम करौली वाले बाबा अपने चमत्कार से चलती ट्रेन रोक देते थे, क्योंकि उनको बिना टिकट बैठने नहीं दिया था। लेकिन उनके समय काल(1901 -1973) में करीब 1961 बड़ी ट्रेन घटनाएं हुई थी। दो तो इनके पास ही कुमाऊँ एक्सप्रेस और मुरादाबाद में हुई थी, जो इनके रास्ते में पड़ती थी, क्योंकि क��ठगोदाम ही इनके रास्ते का यानी अल्मोड़ा से पहले लास्ट स्टेशन था। इतना भीषण हादसा था, उसमे करीब 300 लोग मारे गए थे। लेकिन बाबा ने एक भी रोक कर बचाई नहीं, सिर्फ अपने लिए बिना टिकट चढ़ने के लिए ट्रेन रोक दी थी, बैठे बैठे पेड़ के नीचे। ऐसे ही बहुत से विदेशियो के मन को सिर्फ अपनी दृष्टि से बदल देने वाले बाबा किसी अंग्रेज़ का मन बदलकर इनके आश्रम से कुछ मिनट की दूरी पर अल्मोड़ा के सालम आंदो��न (25 अगस्त 1942) में नर सिंह धानक और टीका सिंह कन्याल को अंग्रेजों से बुरी तरह मार डाला, बाबा को कुछ पता नहीं। जबकि इनके भक्त दावा करते है, बाबा एक ही समय में अलग अलग जगह पहुँच जाते थे। ये 15 किमी नहीं पहुँच पाए ?
@MahurRohitash जिनको अन्याय से लाभ है वो अन्याय अत्याचार को सही ठहराते है
वही हाल यहाँ पर भी है
देश में न्याय ईमानदारी पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है
बलात्कारियों को बचाने वाले अब इस तरह का आंदोलन कर रहे है
देश का दुर्भाग्य
@vivekkumar84 क्या लगता ऐसे नियम तो हर जगह है लेकिन इनका पालन कौन करता है
जो कंपनी लोन देंगी
उसके बाद
किसी पार्टी फण्ड में चंदा दे देंगी और फिर लोन से कई गुना अधिक रकम मजबूर व्यक्ति से खींची जाएगी
राजनीतिक पार्टी का कानून सर्वोपरि है
उसके कानून के आगे किसी कानून की नहीं चलती
🚨 लोन रिकवरी के नाम पर फाइनेंस कंपनियों की 'गुंडागर्दी' पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा चाबुक!
⚖️💥
"कर्ज (Loan) एक देनदारी पैदा करता है और बैंक को बकाया वसूलने का अधिकार देता है; लेकिन जिस तरीके से उस अधिकार का प्रयोग किया जाता है, वह कानून के दायरे में होना चाहिए!" — सुप्रीम कोर्ट
अगर आपने या आपके किसी परिचित ने लोन पर गाड़ी, ट्रक या कोई वाहन लिया है, तो देश की सबसे बड़ी अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला आपके लिए जानना बेहद जरूरी है! 👇
🚛 मामला क्या था?
उत्तर प्रदेश के हरि दत्ता शर्मा जी ने अपने आजीविका के साधन — Tata SFC 407 ट्रक के लिए 'चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी' से लोन लिया था। किश्तें बकाया होने पर 9 अप्रैल 2023 की रात को 1:00 बजे रिकवरी एजेंटों ने बिना किसी लिखित पूर्व नोटिस के, गाड़ी के स्टीयरिंग का ताला तोड़ा और उसे जबरन उठाकर ले गए। बाद में वाहन को चुपके से नीलाम कर दिया गया।
जब पीड़ित ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो उनकी याचिका खारिज हो गई। लेकिन जब मामला सुप्रीम कोर्ट (Hari Dutta Sharma vs State of U.P. & Ors., 2026 INSC 998) पहुंचा, तो जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने फाइनेंस कंपनी की इस मनमानी पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया! 🔥
⚖️ सुप्रीम कोर्ट के 5 कड़े संदेश व आदेश:
1️⃣ गुंडागर्दी और बलप्रयोग अवैध: लोन डिफॉल्ट होने का मतलब यह नहीं कि फाइनेंस कंपनी या बैंक 'बाहुबल' या गुंडों के जरिए संपत्ति छीन लें। रिकवरी केवल कानूनी प्रक्रिया और RBI गाइडलाइंस के तहत ही हो सकती है।
2️⃣ RBI नियमों और नोटिस का उल्लंघन: समझौते के तहत उचित (7 दिन) पूर्व नोटिस दिए बिना या रात के अंधेरे में जबरन जब्ती पूरी तरह गैर-कानूनी है।
3️⃣ मौलिक अधिकारों (Article 14 & 21) का हनन: गैर-कानूनी तरीके से आजीविका का साधन छीनना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 (रोजगार और जीवन के अधिकार) का उल्लंघन है।
4️⃣ ₹10 लाख का भारी मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट ने फाइनेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह मानसिक उत्पीड़न और आजीविका के नुकसान के लिए पीड़ित को ₹10,00,000 (दस लाख रुपये) का म���आवजा दे! 💰
5️⃣ पूरा पैसा ब्याज सहित वापस: नीलाम की गई गाड़ी की बिक्री राशि (₹4,50,000) को 6% ब्याज के साथ लौटाने और पीड़ित के दोनों लोन अकाउंट तुरंत बंद (Close) करने के निर्देश दिए गए।
📢 हर नागरिक और वाहन मालिक के कानूनी अधिकार:
👉 समय सीमा: रिकवरी एजेंट असमय (बेवक्त/रात में) आपके घर या कार्यस्थल पर दबंगई नहीं कर सकते।
👉 लिखित नोटिस अनिवार्य: वाहन जब्त करने से पहले नियमानुसार लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
���� मानसिक प्रताड़ना पर रोक: कोई भी बैंक या NBFC धमकी या मानसिक प्रताड़ना नहीं दे सकती।
📢 इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा SHARE करें ताकि हर नागरिक और गाड़ी मालिक अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके! 🙏
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@IPSinghSp hahahahaah
और हमारी मीडिया का अलग ही लेवल चल रहा है
चाइना का महान लीडर कोमा से उठके सीधा अमेरिका पहुच गया
कहीं असली ईश्वर के वाटर डोलैंड टट्रम्प शी जिन पिंग तो नहीं है
हमारे वाले फर्जी ईश्वर अवतार बनने का ढोंग काट रहे है
��र मलाई खा रहे है
@news24tvchannel ५ या ६ पार्टनर है बैकग्राउंड में तो ये अकेले कैसे भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हो सकते है
१.६ लाख करोड़ हुवा तो
तो फिर तो टॉप ५० में भी नहीं ठहरते जनाब
वैसे सब कुछ इनका इनके पार्टनर का ही है
जो दिल चाहे वो करे
@Ridhu417Sharma@DCPNewDelhi@DelhiPolice क्या विक्टिम कार्ड खेल जा रहा है
उसी आंदोलन में हजारों लड़किया को टारगेट करने वाली
उनके पर्सनल डिटेल्स ढेर करने वाली आज कहानी आलाप रही है
आप और आपकी टीम ने उन लकड़ियों को और ना जाने कितनी लकड़ियों को बदनाम किया है
समय प्रकर्ति का हथियार है और वो हिसाब लेगा
आप जैसे सभी से
@inderjeetbarak इससे महान छूटिए हर धर्म मजहब में पड़े है योगदान शून्य कहानी लाखो
उपलब्धियां शून्य
बस पैसे कमाने का धंधा
असल में महान और हीरो बाई हर वीर क्रांतिकारी है जिसने देश व् देश के लोगो के लिए अपना जीवन को बलिदान दिया
��े बाबा साधु पीर सब पखमड़ी
झूठी कहानी रचने वाले है बस
आपको पता है, नीम करौली बाबा भगत सिंह से छह-सात साल बड़े थे और शक्तिशाली भी थे। कहा जाता है कि उनके पास चमत्कारिक शक्तियाँ थीं। लोग उन्हें हनुमान जी का अवतार तक कहते हैं।
वे ट्रेन को चलने से रोक सकते थे, अपनी जीभ में पौधे उगा सकते थे। इतनी शक्तियाँ थीं उनके पास।फिर भी हमारे देश की आज़ादी में उनका क्या योगदान था? शून्य।
अगर उनके पास सच में इतनी शक्तियाँ थीं और वे उसी दौर में थे, जब भगत सिंह जैसे लोग देश की आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तो हमारे देश को आज़ादी दिलाना उनके लिए कितनी बड़ी बात थी? चुटकी बजाकर वे अंग्रेज़ों को यहाँ से भगा सकते थे।
तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? क्यों वे पहाड़ों में जाकर बस गए और आराम से अपनी ज़िंदगी प���री कर ली।
और आज उन्हीं की पूजा की जा रही है, प्रसाद चढ़ाया जा रहा है, फ़िल्में बनाई जा रही हैं, गाने चलाए जा रहे हैं।
वहीं, जिन इंसानों ने वास्तव में हमारे देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया, अपना जीवन लगाया और हमें उस स्थिति तक पहुँचाया, जहाँ हम आज हैं, उन्हीं को हमारे देश के बहुत से लोग गालियाँ देते हैं।
ये चमत्कार को मानने से देश को कोई फ़ायदा नहीं होने वाला न बेरोज़गारी मिटेगी न ग़रीबी। ये सब अंधविश्वास है
अंग्रेजों ने मुग़लों ने ग़ुलाम बनाया तब तुम्हारे ये चमत्कार कहा चले गए थे।
किस दिशा में जा रहे हैं हम, क्या ऐसी मानसिकता रखकर हम विश्वगुरु बनेंगे?
@ashokdanoda महान देश के महान नेता
और उन महान नेताओं की ��ापलूसी करते पढ़े लिखे बाबू
जिस देश हर दिन किसान आत्महत्या कर रहा हो
उसकी आत्महत्या की खबर दिखाने पर fir होती हो
क्या ही कहा जाए
नेताओ की जय हो
महान नेता