कुछ लोग कहते है कि बहुजनो और महिलाओं ने "बाबा साहब" को भगवान बना रखा है,
तो हम क्यों न माने उन्हे भगवान,
उन्होंने हमे बराबरी के संवैधानिक अध���कार देकर हमारी जिंदगी को एक ही झटके में फर्श से अर्श पर ला दिया,
आपके काल्पनिक भगवानों और धर्मो ने हमे दिया ही क्या है ?
#JaiBhim
@bhupeshbaghel@RahulGandhi@INCChhattisgarh@INCIndia 15 वर्षों से मनरेगाकर���मी बहुत अल्प मानदेय में काम करने के लिए मजबूर हैं अत्याचार तो हम लोगों के ऊपर हो रहा है आपने 3 माह में नियमितीकरण का वादा किया था ना तो 3 माह का मानदेय मिला न 3 माह में नियमितीकरण हुआ 4साल से ठग रहे हो
भूपेश बघेल जी इन में से कोई आपको गांधी नजर नही आए।बापू गांधी जी इसी कंडेल ग्राम में नहर सत्या ग्रह किया था।अहिंसा के बल से अंग्रेज हार भी मान गया।हमने भी ओ पूरा किया ओभि आपको आपकी वादा याद दिलाने के लिए। इतने में तो कुंभ करण भी जाग जाता पता नही अप अपने वादे के लिए कैसे नही जागते
@INCChhattisgarh छत्तीसगढ में दस दिन के भीतर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किए थे उसको 4 साल हो गए अभी तक नियमितीकरण नही हुआ आपको बार बार आपका वादा याद दिलाना पड़ रहा है ये हमारी बदकिस्मती है
वादा पूरा कर छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार जो आपने चुनाव जीतने के 10 दिन बाद सभी दैनिक वेतन भोगी अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण करने का वादा किया था लेकिन आज पर्यंत तक आप की सरकार ने कुछ भी नहीं किया वादा पूरा करो वादा पूरा करो छत्तीसग��़ सरकार होश में आओ इंकलाब जिंदाबाद
छत्तीसगढ़ में पक्की नौकरी का वादा अभी भी अधूरा है @INCIndia#संविदा कर्मचारी @INCChhattisgarh के जनघोषणा के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 अनुसार पिछले 4 साल से नियमितीकरण की मांग कर रहें लेकिन आज भी पूरा नही हुवा है वादा???
आखिर कब करेंगे नौकरी पक्की @RahulGandhi महोदय???
मध्य प्रदेश में दिव्यांग निकाल रहे हैं पदयात्रा। नौकरी में भर्ती और गुजारा भत्ता देने की माँग को लेकर. राघोगढ़ से लेकर गुना के कलेक्टर दफ़्तर तक कोई है इनकी सुनने वाला. @ABPNews@OfficeofSSC@OfficeOfKNath
@INCIndia यदि झूठे वादे नही करते है तो फिर मनरेगा कर्मचारिय��� के सेवा शर्तो के लिए बनी राज्य स्तरीय समिति का निर्णय अभी तक नहीं आया है और न ही मनरेगा के रोजगार सहायको को उनका बढ़ा हुआ मानदेय (रू.9540) मिल रहा है।
साथ ही छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारियो का नियमितीकरण अभी तक नहीं हुआ है।