आरक्षण के खिलाफ भारत बंद छात्रों के साथ शिक्षा में हो रहे भेदभाव को समाप्त करना चाहिए हर जाति के बच्चे को समानता का अधिकार मिलना चाहिए दुर्भाग्य है की 40% अंक लाने वाले को सरकारी नौकरी मिल जाती है और 90% अंक लाने वाला व्यक्ति नौकरी से वंसित रह जाता है अपने बच्चो के भविष्य के लिए आगे आना होगा।
हम सामान्य वर्ग वालों जंतर मंतर और रामलीला मैदान पर UGC आंदोलन करने के लिए चार बार बार लेकिन सरकार ने हर बार हमारी अनुमति रद्द कर दी।
@BJP4India वालो आज तुम ने अभिजीत दीपक को तुरंत परमिशन दे दी।
Request to everyone,
Post about Reservation Free India.
And register as much as possible on https://t.co/0wTGfazzaY
Now we are neither going to stop nor bow down.
जिस देश में चुनावो में ईमानदार व्यक्ति को टिकट ना देकर, जाती देखकर टिकट दिया जाता हो,
जिस देश में जाती देखकर सरकारी नौकरियाँ दी जाती हो
जिस देश में जाती देखकर परीक्षा में pass-fail किया जाता हो,
जिस देश में जाती देखकर एंट्रेंस एग्जाम के कटऑफ सेट किए जाते हो,
जिस देश में जाती देखकर सरकारी योजनाएं लाई जाती हो,
जिस देश में जाती देखकर कॉलेजो के नियम तय किए जाते हो
जिस देश में जाती देखकर कानून की धाराए लिखी जाती हो
जिस देश में उच्चतम राजनीतिक पदो पर जाती देखकर सत्ता सौंपी जाती हो,
जिस देश में मेरिट को स्थान ना देकर जाती को स्थान दिया जाता हो,
जिस देश में योग्यता ना देखकर जाती को ही योग्य माना जाता हो,
उस देश को बर्बाद होने से साक्षात भगवान भी नहीं बचा सकते।
My request to all General Category
If you are going to student protest, please raise the issue of Reservations.
Use this opportunity. This is your time.
सीधी मांग हैं - एक देश एक नियम
#EndReservation
जब तक दिल्ली में बैठे राजाओं ये गूंज से हिल नहीं जाएंगे - हमारी बाते मानी नहीं जाएगी
अब इसके अलावा कुछ सुनी नहीं जाएगी
सवर्ण हैंडलों - इसके अलावा सोशल मीडिया पर अब कोई बात नहीं होनी चाहिए
शुरुवात सोशल मीडिया से होगी - और बात घर घर तक जाएगी दिल्ली की सड़कों तक जाएगी
ये थे यूजीसी के धुरंधर, इन्हें एससी-एसटी एक्ट को एक आतंकी कानून में बनाने में, यूजीसी नियमों से अनारक्षित वर्ग के छात्रों के जीवन को लील लेने वाले षड्यंत्रकारी में एक प्रेरणादायक व्यक्ति दिख रहा है।
क्या प्रेरणादायक है? इनका विषैला अम्बेडकरवाद और जातिवाद? शोषित, पीड़ित, वंचित होने का ढोंग?
आत्महत्या करने वाले अधिकांश बच्चे ‘सामान्य वर्ग’ से आते हैं क्योंकि उन पर ज़्यादा मानसिक दबाव होता है, उनके पास बैक अप नहीं है, आरक्षण पर बात कब होगी ?
- हर्ष दुबे (NEET छात्र)
क्या सच में ना मर्दों का प्रदेश मध्य प्रदेश है
हमने एक पोस्ट किया था कि हमें मध्य प्रदेश के सिंगरौली से भोपाल तक UGC काले कानून के विरोध में पैदल यात्रा प्रारंभ करनी है। इस यात्रा के लिए 100 संघर्षशील, जुझारू मर्द युवा चाहिए
इतिहास में सबसे अधिक नफ़रत झेलने वाले दो धर्म /पंथ है - हिंदू और यहूदी।
लेकिन क्यों ❓
पश्चिमी देशों की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियाँ भी हिंदू और यहूदियों को गलत ठहराने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। ✍️
👉 Harvard University जैसी यूनिवर्सिटी फ़िलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठनों को “फ्रीडम फाइटर” का दर्जा देने की कोशिश करती रहती हैं।
👉 वहीं भारत में Jamia Millia Islamia और Jawaharlal Nehru University जैसी जगहों पर कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को प्रोपेगेंडा कहकर नकारा जाता है।
इन लोगों को यह विश्वास ही नहीं होता कि कश्मीरी पंडित अपने ही घर-आंगन में किस हाल में जी रहे थे।
एक खास समुदाय को अल्पसंख्यक कहा जाता है,
जबकि वास्तविकता यह है कि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है।
👉 उनके त्योहारों में चाहे कितना भी खून बहे —
👉 लेकिन हिंदुओं के त्योहार नफरत की वजह बना दिए जाते हैं।
सबसे बड़ी वजह यही है कि अब हिंदू और यहूदी चुप नहीं हैं।
👉 सदियों से चले आ रहे प्रोपेगेंडा की जंजीरों को तोड़कर
अब वे अपने ऊपर हुई प्रताड़ना का हिसाब रख रहे हैं,
👉 अपनी मातृभूमि और संस्कृति की रक्षा कर रहे हैं,
👉 और अन्याय के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
हिंदू-यहूदी विरोध की असली वजह यही है कि
👉 हज़ारों सालों बाद भी इन लोगों ने
अपना धर्म, अपने संस्कार और अपनी पहचान सहेज कर रखी है।
👉 न धर्म छोड़ा,
👉 न संस्कार छोड़े,
👉 न अपनी जमीन से नाता तोड़ा।
आज भी इन दो आवाज़ों को कुचलने की कोशिश हो रही है।
लेकिन याद रखिए —हिंदू झुकेगा नहीं, रुकेगा नहीं।
इस देश में जाति नहीं, मेरिट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए!!
और लोगों की जाति को नहीं बल्कि उनकी मेहनत को पहचान मिलनी चाहिए!!
तभी देश सही मायनों में विश्वगुरू बनेगा!!
#EndReservation
महिपाल सिंह मकराना कई दिनो से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उसका साथ 1% भी लोग नहीं दे रहे हैं।
यह अंतिम सामाजिक नेता है जो आपके हक और अधिकारों के लिए लड़ रहा है।
अगर इसके आंदोलन को जनसमर्थन नहीं मिला तो भविष्य में कोई भी सामाजिक नेता अपना समय धन, संसाधन खर्च करके आपके लिए कोई नहीं खड़ा होगा।
जैसे तुम लोग इस सरकारी अंधभक्ति कर रहे हो महिपाल मकराना का समर्थन करो कम से कम सोशल मीडिया पर तो माहौल बनाकर रखो।
#UGCROLLBACK