माननीय मुख्यमंत्री जी उप्र की राजधानी-क्षेत्र के स्कूल की बदहाली का पहले हाल देखिए फिर 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और अरबों-खरबों के निवेश का जुमला फेंकिए।
Gen-Alpha बच्चों ने जो हिम्मत दिखाई है, वह सिर्फ़ तारीफ़ नहीं, सबके लिए सीख है।
किताबों में पढ़ते थे अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाओ और सच के साथ खड़े रहो।
इन बच्चों ने वही बात Classroom से ज़मीन पर उतार दी।
जिन्हें हम देश का भविष्य कहते हैं, वे आज अपने वर्तमान की लड़ाई खुद लड़ रहे हैं।
शायद अब बड़ों को भी इन बच्चों से सीखने की ज़रूरत है। #schoolthikkaro
17 दिन में चीनी 19 रुपये महंगी होकर फुटकर बाजार में 65 रुपये और थोक में 60 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। चाय दुकानदार, मिठाई कारोबारी और सबसे बढ़कर आम उपभोक्ता इसकी मार झेल रहे हैं।
11 अगस्त को मैंने सवाल उठाया था कि E20 नीति के तहत गन्ने और मक्के जैसी फसलों को ‘खाद्य से ईंधन’ की दिशा में मोड़ने का असर देश की खाद्य सुरक्षा और चीनी की कीमतों पर क्या पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अब करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर उत्पादन एथेनॉल की ओर ��ायवर्ट होने की बात सामने आ रही है।
कच्चे तेल के आयात और विदेशी मुद्रा के दबाव को कम करने के लिए E20 नीति लाई गई है, लेकिन भारत आयातित कच्चे तेल का उपभोग केवल घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए नहीं करता, बल्कि उसे रिफाइन करके पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करता है।कुल आयातित कच्चे तेल का लगभग एक-चौथाई हिस्सा रिफाइनिंग के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के रूप में निर्यात किया जाता है। रिफाइंड पेट्रोलिय�� उत्पादों के निर्यात में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है और इससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
ऐसे में सवाल है, जब भारत आयातित कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कर विदेशी मुद्रा अर्जित कर रहा है, तो E20 के लक्ष्य पूरे करने के लिए गन्ने और मक्के जैसी खाद्य फसलों को एथेनॉल की ओर मोड़ने की कीमत देश की खाद्य सुरक्षा और आम उपभोक्ता को क्यों चुकानी पड़े? इसका असर अब चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर दिख रहा है और हालात चीनी आयात करने की नौबत तक पहुंच गए हैं।
(संबंधित मंत्री से न पूछकर सरकार से इसलिए पूछ रहा हूं कि आपके यहां पता ही कौन-सा मंत्री जवाब देगा!)
सरकार E20 नीति की व्यापक समीक्षा करे और चीनी के बढ़ते दामों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए।
“E20 का जुनून, जनता मजबूर!”
@mygovindia @narendramodi @nsitharaman @nitin_gadkari @HardeepSPuri @ChouhanShivraj
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
कल छात्रों के साथ जो हुआ...
उस पर ��ुप रहना मुश्किल है।
आज कुछ सवाल हैं...
और ये सवाल सिर्फ छात्रों के नहीं, हर उस माँ-बाप के हैं जिनके बच्चे मेहनत करके अपना भविष्य बना रहे हैं।
मेरी पूरी बात एक बार ज़रूर सुनियेगा। 🙏
ये लोग कौन हैं जो लाठी लेकर आए थे? एक समय था जब क्राइम रिपोर्टर पुलिस से पहले बता देते थे। लगता है अब वे भी व्हाट्स ग्रुप के खटाल में बाँध दिए गए हैं। JNU के साबरमती हॉस्टल में अचानक गुंडे घुस आए। उस केस का क्या हुआ? किसी को सज़ा हुई?
The government should understand that if the protest has to be ended then the Education Minister will have to resign.Lathi charge, beating students, surrounding the Parliament House, releasing tear gas, this is just oppression.
#CJPProtest#संसद_मार्च