"बेरोजगारों का प्रदर्शन.. वो भी मायावती जी के आवास के बाहर!! आखिर इशारा क्या है??"
मायावती जी तो आखिरी बार 2007 में मुख्यमंत्री बनी थीं.. 2012 में उनकी सरकार गई तब से वो अच्छी तरह से विपक्ष में भी नहीं हैं.. वर्तमान विधानसभा में उनका सिर्फ एक विधायक है, वो भी अपने बदबूते पर..
बावजूद इसके 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आज मायावती जी के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया..
"मायावती बाहर आओ" के नारे लगाए..
ये बात अलग है कि प्रदर्शन मायावती जी के आवास के बाहर था लेकिन न्याय योगी जी से मांगा जा रहा था..
#BSP #Mayawati #protesters #Lucknow #Unemployment #UnemployedYouth #CMYogi
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये।
-और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके।
- इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके।
- साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी ख़राब ना होने दें।
आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी आप आकाश आनंद को बस अपना पोस्ट रिपोस्ट कराने के लिए पार्टी में रखी है क्या?@Mayawati
युवाओं के भावनाओं का कदर करिए उसको खुलकर मैदान में आने दीजिए @AnandAkash_BSP को।
कभी-कभी लगता है आप मोई जी से कम तानाशाह नहीं है?
सारे नेता आपसे डरते हैं कहीं निकाल ना दिया जाए हिम्मत नहीं है इनकी की एक पोस्ट कर दें क्या आज के युवा ऐसा बर्दाश्त करेंगे कि उनको गूंगा बनाकर रखा जाए जब हमसे नहीं होगा तो Gen Z का छोड़ दीजिए आपके साथ कभी नहीं आएंगे, पार्टी में बस आपका ही चलता है।
क्या कांशीराम साहब भी आपके साथ ऐसे थे आपको तो खुद ही छूट थी कदम से कदम मिलाकर मान्यवर साहब के साथ चलने की कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की फिर आप क्यों नहीं छूट देती हैं अरे उनसे नहीं हो रहा है तो हमें ही मौका दीजिए।
India is blessed to have a visionary like B. R. Ambedkar jii whose ideals continue to inspire generations, Remembering him on his Jayanti.
#AmbedkarJayanti
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
आज बहुजन समाज की मजबूत आवाज़ और युवा नेतृत्व के प्रतीक आकाश आनंद जी का जन्मदिन है।
आपका समर्पण, संघर्ष और समाज के प्रति प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आपने बहुजन विचारधारा को नई ऊर्जा और दिशा देने का कार्य किया है, जिससे युवाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा है।आप इसी तरह समाज के हक और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाते रहें।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🎉
आप यूं ही बहुजन समाज की आवाज़ बनकर आगे बढ़ते रहें।..✍️
@AnandAkash_BSP
लगता है ये विशेष बयान देने से पहले यूपी के मंत्री जी सामान्य ज्ञान के विषय की ये बात भूल गये कि उनके सर्वेसर्वा ने कुछ साल पहले अभिनेता जी के साथ पतंग उड़ाई थी। कहीं ऐसा न हो ये बयान दिल्ली तक पहुँच जाए और मंत्री जी की डोर कट जाए… या हो सकता है ये बयान जानबूझकर दिया गया हो क्योंकि मंत्री जी को भनक लग गई होगी कि उनकी छँटनी भी तय है।
देश में करोड़ों-करोड़ ’बहुजन समाज’ के मसीहा भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनके परिनिर्वाण दिवस (देहान्त) पर मेरे द्वारा नई दिल्ली निवास स्थान पर तथा उत्तर प्रदेश के 12 मण्डलों के पार्टी के लोगों व बाबा साहेब के अनुयाइयों द्वारा यू.पी. की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा निर्मित विशाल व भव्य ’डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ में एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा उत्तराखण्ड राज्य के लोगों द्वारा दिल्ली सीमा पर ज़िला गौतम बुद्ध नगर के नोएडा में बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित ’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन’ में भारी संख्या में एकत्र होेकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
यहाँ नोएडा में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द ने भी बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये जबकि देश के अन्य राज्यों में बी.एस.पी. के लोगों ने ज़ोन स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करके बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया, जिसके लिए पार्टी प्रमुख ने सभी का व ख़ासकर उत्तर प्रदेश के लोगों का पूरे तहेदिल से शुक्रिया व आभार प्रकट किया।
साथ ही, कहा कि स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के साथ-साथ संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती एवं पुण्यतिथि के ख़ास मौकों पर यह सवाल मन-मस्तिष्क में उठता रहेगा कि संविधान के पवित्र मानवतावादी व कल्याणकारी उद्देश्यों पर आधारित देश के करोड़ों बहुजनों के ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान-युक्त अच्छे दिन’ कब आयेंगेेे।
वैसे भी देश की एकमात्र अम्बेडकरवादी पार्टी होने के नाते बी.एस.पी इस बात को लेकर सचेत, सजग व चिन्तित भी है कि देश के उन करोड़ों शोषित-पीड़ित दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) आदि समाज के लोगों के लिये थोड़े ’अच्छे दिन’ अब तक क्यों नहीं आये हैं जिनके लिये बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आजीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और अन्ततः उनके हित, कल्याण व उत्थान हेतु संविधान में अनेकों अधिकार देकर क़ानून बनवाये। इनको शत्-शत् नमन्।
बुलंदशहर के आदित्य कुमार जाटव ने सिर्फ़ 25,000 रुपए में एक AI रोबोट टीचर तैयार किया है.
यह रोबोट जनरल नॉलेज और गणित से जुड़े सवालों के जवाब देता है.
लेकिन इस इनोवेशन पर आदित्य का हौसला बढ़ाने के बजाय कुछ लोग उसे ट्रोल और अपमानित कर रहे हैं.
हम मानते हैं कि इसे बड़ी कंपनियों की रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी से तुलना नहीं की जा सकती,
लेकिन एक युवक ने बिना किसी सहायता के अपने दम पर AI रोबोट टीचर बनाकर बड़ा काम किया है.
हर बड़े आविष्कार की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है. एक तरफ़ तो भारत में लोग नई सोच और नए प्रयोगों से कतराते हैं.
और जब कोई कोशिश करता है, उसका मज़ाक उड़ाया जाता है. आदित्य जैसे युवाओं को सम्मान और समर्थन मिलना चाहिए, ताकि नई सोच और मेहनत की यह लौ बुझने न पाए.
बसपा यूपी में भाजपा की 'बी टीम' है-यह अभियान कल (30 अक्टूबर ) से टीवी, यूट्यूब, सोशल प्लेटफॉर्म में पूरी शक्ति दिखाई देगा.भाजपाई अप्रत्यक्ष रूप से इसको हवा देंगे.चुप रहेंगे.
क्यों ??
भाजपा के रणनीतिकार जानते हैं आज मायावती जी जिस अंदाज में मुसलमानों की समस्या उठाई और उनको सहयोग करने का आदेश दिया. अगर मुसलमानों ने इसे समझा और मुसलमान + दलित ( जाटव 99%) हुआ तो अति पिछड़े, ब्राह्मण उसमें जुड़ जाएंगे और पूरी शक्ति से हिंदू मुसलमान करने के बाद भाजपा सत्ता में नहीं लौट सकेगी !
जाहिर है बसपा भाजपा 'बी टीम' यही बताकर मुसलमानों को मुस्लिम मसलों पर चुप्पी साधने वाले सियासी दल के साथ बंधक रखा जा सकता है, तब भाजपा तीसरी बार यूपी में बहुमत की सरकार बनाएगी !!!
**मुस्लिम भाई चारा मीटिंग में मायावती जी ने जोर देकर कहा मुस्लिम उत्पीड़न /भेदभाव पर मुखर रहें !
इस बहुजन महाकुंभ में BSP समर्थक तो गए ही हैं मगर मैं चाहूंगा सपा कांग्रेस RJD समेत BJP वाले भी जाएं।
अराजकता फैलाने नहीं, देखने सीखने समझने कि अपने महापुरुषों का सम्मान कैसे किया जाता है।
सीटें 206 आएं या सिर्फ 1, जनसैलाब के जोश में कोई फ़र्क नहीं आता है।