हर सप्ताह आतंकवादी पकड़े जा रहे हैं।
आतंकवादियों की 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में फाँसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
@PMOIndia@HMOIndia
Today, Bharat didn’t just celebrate a successful launch. It celebrated the dawn of a new era of innovation, enterprise, and limitless possibilities.
Heartiest congratulations to Skyroot Aerospace, ISRO, and IN-SPACe on the successful launch of Vikram-1, India’s first privately developed orbital rocket. This landmark achievement reflects the transformative vision of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji to open India’s space sector to private participation, laying the foundation for a vibrant ecosystem of innovation and entrepreneurship.
The success of Mission Aagaman is not only a milestone in space exploration but also a catalyst for new opportunities in science, technology, research, manufacturing, startups, and high-skilled employment. It strengthens India’s position as a global innovation powerhouse and inspires millions of young minds to turn their aspirations into achievements.
May this historic success propel Bharat towards even greater heights in the journey towards a Viksit Bharat.
Congratulations, Team Vikram-1!
- @PawanKalyan@PMOIndia@SkyrootA@isro@PIB_India@IPR_AP@pibvijayawada
#Vikram1 #IndiaInSpace
जंतर मंतर पर जो हुआ, वो देश की भावना का प्रतिबिंब है।
एक सच्ची देशभक्त बहन, @barkhatrehan16 , ने उस प्रदर्शनकारी नौटंकीबाज पर स्याही फेंकी जो लगातार सनातन का अपमान, और प्रधानमंत्री का अपमान कर रहा था।
ये राम भक्ति है, ये हिन्दुस्थान की आवाज है। जो लोग परीक्षा घोटाले के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं, उन्हें जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
जय श्री राम! 🇮🇳
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सभी चिंतिंत थे।
अब अदालत के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से शिफ्ट करके सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
This is how your Punjab Police was dealing with protesting government employees demanding their pending salaries.
So shut-up you bloody corrupt Tihari.
भरत भूषण तिवारी जी की लोकप्रियता का अंदाज भी नहीं लगाया जा सकता है ...
पत्नी की चांदी की बिछिया बेच भरत तिवारी के लिए झारखंड से
इंसाफ मांगने दिल्ली पहुंचा युवक...साथ में पत्नी भी आई।
बिछिया सुहाग की निशानी होती है..
पत्रकार से बातचीत में पति ने कहा कि पत्नी ने जब समझ लिया कि सुहाग किसी चीज के लिए खड़ा है तो वह सत्य के लिए ही होगा, जो मैं सोच रहा हूं वो ये भी
सोच रही है कि भरत तिवारी के साथ गलत हुआ है..यही सोचकर ये भी साथ आ गई।
पत्नी ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर ने बहुत दुख पहुंचाया है..इसलिए इंसाफ
लिए आई हूं।
अद्भुत है ये आंखोंदेखी..ये बातचीत आप भी सुनिए
आज पंजाब में जो पार्टी सरकार में है, उसकी पहचान ही कट्टर बेईमान पार्टी की है। यह सरकार राज्य का भविष्य कैसे बर्बाद कर रही है, इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं…
Ultra Pro Max ड्रामे बाज है ये आदमी-
आरोप लगा रहा है की दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट साईट पर वांगचुक और मेरे घर पर मुझे घसीटा और मारा है।
मेरे घर पर ?? तेरा घर दिल्ली में भी है ??
मीडिया और देश तो यही जानता है कि तुम रात को “सोनम सर” की रक्षा करने के लिए प्रोटेस्ट साईट पर ही रहते हो, ये तो होटल के AC रूम में सोकर सुबह जंतर मंतर आते है।
बीजेपी की मंत्री प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव अनुसूचित जाति सीट से चुनाव लड़ती हैं। इस क्षेत्र में ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय का वोट प्रतिशत कुल मतों का लगभग 50 प्रतिशत है।
स्पष्ट है कि बिना इन समुदायों के व्यापक समर्थन के वे न चुनाव जीत सकती थीं और न ही मंत्री पद प्राप्त कर सकती थीं।
पिछला चुनाव वे मात्र 30 हजार से कुछ अधिक वोटों के अंतर से जीती थीं। इस जीत में ब्राह्मण-ठाकुर मतदाताओं की निर्णायक भूमिका रही।
किंतु अब वही प्रतिमा बागरी ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय पर भेदभाव का आरोप लगा रही हैं। यह दोगलापन स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जब सत्ता और लाभ की बात आती है तो वे इन समुदायों का सहारा लेती हैं, परंतु जब अपनी असफलताओं या राजनीतिक सुविधा के लिए बलि के बकरे की जरूरत पड़ती है तो इन्हीं समुदायों को दोषी ठहरा देती हैं।
यह व्यवहार न केवल कृतघ्नता दर्शाता है बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव को भी ठेस पहुंचाता है। लोकतंत्र में हर उम्मीदवार को विभिन्न वर्गों का समर्थन मिलता है, किंतु समर्थन लेने के बाद उसी आधार पर आरोप लगाना नैतिकता की हत्या है।
प्रतिमा बागरी को चाहिए कि वे अपनी उपलब्धियों का श्रेय उन समुदायों को भी दें जिनके वोटों से वे विधायक और मंत्री बनी हैं, न कि उन्हें बदनाम करके अपनी दोगली नीति को छिपाएं।
ऐसी राजनीति जनता के बीच विभाजन पैदा करती है और विश्वास को कमजोर करती है। सच्ची नेतृत्व क्षमता समर्थन का सम्मान करती है, आरोपों से नहीं।
अगर ऐसे ही रहा तो समान्यवर्ग जहां जहां इनकीं जाति की रिजर्ब शीट है वहां वहां वोटिंग करना ही बंन्द कर देगा फिर ये आपस मे इनकी जाति के 75 कैंडीडेट आपस मे एक से लड़कर अपना पतन करेगें।
एक बार समान्यवर्ग इनके झूठे आरोपो से किल्स गया और इनके रिजर्ब शीट पर वोटिंग करना बंन्द कर दिया फिर इनकी आपस मे ही दुश्मनी होगी क्योंकि इनके ही वोटर होंगे और उन्ही के वोट लेने के लिए इन्ही की जाति के 75 कैंडिटेट एक दूसरे लड़कर दुश्मनी करेंगे।
अभी समान्यवर्ग को इनकीं रिजर्ब शीट पर मजबूरी में वोट करना पड़ता है तो ये समान्यवर्ग के।खिलाफ ही ज़हर उगलते है जब समान्यवर्ग ही वोट देना इन्हें बंद कर देगा तो ये समान्यवर्ग का वोट लेने ये लिये समान्यवर्ग की चापलूसी करेंगे और अपने वर्ग से दुश्मनी।
अभी समान्यवर्ग बिना शर्तो के जाकर वोट कर आता है इन्हें तो ये इसीलिए समान्यवर्ग के ही खिलाफ ज़हर उगलतें है। क्योंकि समान्यवर्ग की सबसे बड़ी कमी ये है कि वो नेताओं को कभी अपने वोट की ताकत का अहसास ही नही करवाया ना ही डर दिखाया समान्यवर्ग तो वैसे हो मुह उठाकर चल देता है बिना किसी नियम शर्तो के और वोट डाल देता है।
सामने वाले कैंडिटेट को भी पता होता है इसके खिलाफ कुछ भी बको ये मुह उठाकर वोट डाल ही देगा इसीलिए वो हमेसा समान्यवर्ग के खिलाफ ज़हर उगलकर उन वोटों को लेने की कोसिस करता है हमेसा वो उसे वोट ही नही देता।
राहुल गांधी की रैली में एक लड़के ने कहा कि मोदी सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले 3 गुना ज़्यादा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोल रही है।
आइए इसकी सच्चाई जानते हैं:
2013-14 में सरकारी मेडिकल कॉलेज: 181
अभी सरकारी मेडिकल कॉलेज: 441
मोदी सरकार ने 260 सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले।
2013-14 में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज: 206 अभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज: 382
मोदी सरकार के दौरान 176 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोले गए।
3 गुना मेडिकल कॉलेज वाली बात छोड़िए, मोदी सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज 1.5 गुना ज़्यादा खोले हैं।
असल में, कांग्रेस सरकार के दौरान ज़्यादा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोले गए थे — 107 सरकारी कॉलेज और 134 प्राइवेट कॉलेज।
पीएम मोदी ने कांग्रेस के 70 सालों के मुकाबले 12 सालों में ज़्यादा मेडिकल कॉलेज खोले हैं। पीएम ने कांग्रेस के 70 सालों के मुकाबले 2.5 गुना ज़्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले हैं।
जिस बांग्लादेश के बॉर्डर पर नजर बनाने टीएमसी का लोकल विधायक भी नहीं जाता था |
अब उस बॉर्डर पर घुसपैठियों की सौ प्रतिशत रोकथाम के लिए अमित शाह लगातार दौरे कर रहे हैं |
यह दौरे औपचारिक नहीं है बल्कि संदेश है कि बॉर्डर कट कर कोई आया तो वापस बांग्लादेश नहीं जहन्नुम जाएगा | 😡