UPSSSC को लेकर छात्र लगातार नारा��़गी जता रहे थे. कुछ वक्त से UPSSSC के कामकाज में बदलाव भी दिखा. जो महीनों से रिजल्ट लटके थे उनका रिजल्ट आ गया. लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाक़ी है.
जिन स्टूडेंट्स ने B.Lib और M.Lib का कोर्स किया था वो 2016 के बाद से वेकेंसी का इंतज़ार ही कर रहे. क्योंकि 2016 के बाद UPSSSC ने लाइब्रेरियन की कोई वेकेंसी नहीं निकाली.
कृपया संज्ञान लें @UpssscOfficial1 @IasHarikesh @sn_sabat
@PMOIndia माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी योग को बढ़ावा देने के लिए आपको धन्���वाद परन्तु उनको सम्मान तभी मिलेगा जब स्थाई नियुक्ति के साथ अच्छी सेलरी मिलेगी इस पर विचार करे सर ।
वाह रे.....देश का नियम सरकारी संस्थान में काम चलाने के लिए सरकार स्थाई कर्मचारियों के बजाय अंशकालिक संविदा आउटसोर्सिंग पार्ट टाइम के नाम पर रख लिया जब जरूरत खत्म नौकरी भी खत्म वेतन तो ईतना नाप तौल कर दिया जाता है कि अपना पेट भर जाए परिवार की बात छोड़ दिया जाए। आजकल लोग विधायक...
@IPSinghSp सपा के लोग अपराधियों के बचाव में लगे हैं उन तीन विधवा हुई महिला को जरा देख लिजिए फैसला तो न्यायालय के ह��थ में था फिर इनपर गोलियां क्यों चलाई गयी दीन दहाड़े राजू पाल को भी मारा गया अब उमेश पाल को अब बाबा का फैसला हो रहा है तो ईतनी बेचैनी क्यों।
@yadavakhilesh अपराधियों का संरक्षण सपा के रहते हुए है, उमेश पाल के मृ���्यु का जिम्मेदार खुद सपा है समय रहते अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हुई होती तो आज पाल परिवार के साथ अन्य दो परिवार बर्बाद नहीं होता आपको पाल परिवार के प्रति कोई संवेदना नहीं है। आप केवल अपराधी का पालन करिए।
जिस दिन हड़ताल स्थगित हुई थी उस दिन जो जोश व हौंसला था वही हौंसला हमें 23 तारीख को दिखाना है। अगर कुछ मिलना होता तो अब तक मिल चुका होता, इसलिए अब खुद लेने के लिए आगे ��एँ।
संघर्ष किसी व्यक्ति का मोहताज नहीं होता
जय संविदा विजय संविदा
#एनएचएम_कर्मचारियों_का_सामूहिक_अवकाश
@yadavakhilesh समाज में आज भी 15% ��ाले लोग 85% वालों पर राज कर रहे हैं। समनता केवल समाज को गुमराह कर रहे हैं। वास्तविकता कुछ और है, जब तक प्रतिनिधि करने वाला समाजिक नहीं होगा तबतक समाजवाद का विकास नहीं हो सकता।
@narendramodi माननीय प्रधानमंत्री जी राजकीय आयुर्वेदीक चिकित्सालय(AHWC) में कार्यरत योग प्रशिक्षक अस्थायी है, जिनका वेतन बहुत ही कम है । अतः आपसे निवेदन🙏😊 है कि स्थाई नौकरी के साथ वेतन मे वृद्धि करे । आगे चलकर आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर आत्महत्या करने पर मजबूर होना पडेगा
ज़िंदगी भी उसी को आज़माती है
जो हर मोड़ पर चलना जानता है
कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुरा लेता है
ज़िंदगी तो उसी की होती है
जो सब कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है
जन घोषणा 2018 अनुसार संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण कब होगा?
#cgsamvidaniymitikaran कब?
@bhupeshbaghel@ChhattisgarhCMO
माननीय मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel जी हमें पूर्ण विश्वास व उम्मीद है की चुनावी घोषणापत्र की 4 सालों से लम्बित मांग #छत्तीसगढ़ संविदा कर्मियों का #नियमितीकरण जल्दी पूरी करेंगे..
45 हजार संविदाकर्मियों व उनके परिवार सहित 5 लाख लोग नियमितीकरण के इंतजार में...!!
@ChhattisgarhCMO