जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों को पहले प्रेमानंद महाराज से दिक्कत थी, अब विराट कोहली को सनातन कह कर निशाना बनाया जा रहा है।
अब भी किसी को लेफ्ट का एंटी हिंदू एजेंडा समझ न आए तो क्या ही कहा जाए।
शरीर थक सकता है, लेकिन इरादे नहीं।
भूख हड़ताल के चौथे दिन भी सोनम वांगचुक अपने संकल्प पर अडिग हैं स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद उनका कहना है कि यह संघर्ष उन युवाओं की याद में है जिन्होंने अपनी जान गंवाई, और उन छात्रों के लिए है जिनके भविष्य की लड़ाई अभी बाकी है।
कुछ आवाज़ें दबाई जा सकती हैं, लेकिन झुकाई नहीं जा सकतीं।