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तुम बस धैर्य मत खोना
विश्वास रखना हमारे प्रेम पर
क्योंकि शाश्वत प्रेम ही है
जो बाँधे हैं हमारे हृदय को, 'अंतरात्मा' को ।।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
भाग~ ८
कृपया सम्पूर्ण पोस्टर/ ALT में पढ़े👇🏼
♡♡
जहाँ स्मृतियाँ बढ़ाएगी
आपसी प्रेम को प्रगाढ़
और यह प्रेम कहानी
प्राप्त कर लेगी 'अमरत्व'।।
~सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
भाग -७
शेष भाग #ALT में अथवा पोस्टर में पढ़ें 👇🏼
#Love_story
(प्रेम सा गुलाबी रंग)
मेरे श्वेत पड़े हृदय को
रंगा है तुमने
अपने प्रेम रूपी
रंग-बिरंगे रंगों से।
वो जो तुमने गुलाल लगाई
मेरे गालों पर
अभी भी लगा है
मेरे हृदय पर,
वो गुलाबी रंग
प्रेम सा गुलाबी रंग।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
(सम्पूर्ण पोस्टर में पढ़ें)
#Holi#प्रेम
-:आत्मीय प्रेम:-
कविता की गहराई में,
साँझ की आभा में,
बसंत की बहार में,
पतझड़ के बाद की निकली
पहली कोंपल में,
दिखती है झलक,
आत्मीय प्रेम की,
अटूट विश्वास की,
जो है
तुम्हारे और मेरे मध्य ।।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
#प्रेम#प्रकृति
♡♡
आओ, ज़रा बैठो बातें करते हैं
कुछ तुम कहना, कुछ मेरी सुन लेना
लेकिन शर्त एक है
ना तुम्हें बोलना है, ना मैं कुछ बोलूंगा
अगर आँखों की सुन सको,
तो आओ, ज़रा बैठो बातें करते हैं।।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
#कविता_ग़ज़ल_मंच#lovepoem
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आओ, ज़रा बैठो बातें करते हैं
कुछ तुम कहना, कुछ मेरी सुन लेना
लेकिन शर्त एक है
ना तुम्हें बोलना है, ना मैं कुछ बोलूंगा
अगर आँखों की सुन सको,
तो आओ, ज़रा बैठो बातें करते हैं।।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
#कविता_ग़ज़ल_मंच#lovepoem
-:आत्मीय प्रेम:-
कविता की गहराई में,
साँझ की आभा में,
बसंत की बहार में,
पतझड़ के बाद की निकली
पहली कोंपल में,
दिखती है झलक,
आत्मीय प्रेम की,
अटूट विश्वास की,
जो है
तुम्हारे और मेरे मध्य ।।
-सुरेन्द्र 'वीर' पंचारिया
#प्रेम#प्रकृति
अव्वल है
दिखावे में कुछ स्त्री
प्रश्न करना और
प्रश्नचिन्ह लगाने में भी
बातें तो बहुत बड़ी-बड़ी करती
मर्यादा केवल पुरुषों को दिखाती
स्वयं के स्तर को भूल जाती है
_अंकिता🍁
संपूर्ण पोस्टर तथा ALT में पढ़े।।