माननीय @indSupremeCourt से हमारी विनम्र गुहार है....यही #सीएपीएफ वो फोर्स है जिसने देश की संसद तक को सुरक्षित रखा। लेकिन आज उनकी अपनी ज़िंदगी असुरक्षित हो रही है, उनका करियर असुरक्षित हो रहा है।
सरकार एक कानून लेकर आई, उसे जल्दबाज़ी में पास किया गया, और अब उसे उनके ऊपर थोप दिया गया है। पहले डिप्यूटेशन केवल आईजी स्तर तक सीमित था, लेकिन अब डीआईजी, सीओ हर स्तर पर डिप्यूटेशन बढ़ाया जा रहा है। आपके दिए गए आदेशों का पालन कहीं दिखाई नहीं देता, बल्कि उनकी खुली अवहेलना हो रही है। माननीय न्यायालय, क्या आज आप अपने ही रक्षकों की रक्षा करेंगे?
पूरा सीएपीएफ आज आपकी ओर उम्मीद से देख रहा है। क्या आप उस उम्मीद को पूरा करेंगे? क्या आप आज हमारी मान रखेंगे? क्या आप एक संरक्षक (guardian) की तरह हमारे साथ खड़े होंगे?
आज इस देश के सैनिक जिन्होंने अनगिनत कुर्बानियाँ दी हैं अपना मनोबल खोते जा रहे हैं। वे आपकी ओर देख रहे हैं, न्याय की उम्मीद में।
जब आपके ही फैसलों को सरकार कानून बनाकर बदल सकती है, तो फिर ये अपने न्याय के लिए कहाँ जाएँ? अगर यही चलता रहा, तो कल को ये अपने अधिकारों के लिए आपके दरवाज़े तक भी नहीं पहुँच पाएंगे।
क्या इनके साथ यह अन्याय होगा, या आप न्याय की गरिमा को बनाए रखेंगे?
माननीय सुप्रीम कोर्ट @indSupremeCourt, हम आपसे बस यही प्रार्थना करते हैं न्याय की रक्षा कीजिए, और उन लोगों की भी रक्षा कीजिए जो इस देश की रक्षा करते हैं।
Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi on Thursday (April 9, 2026) said his party, the Indian National Congress, would dismantle the “discriminatory system” that allegedly denies personnel of the Central Armed Police Forces (CAPF) opportunities to rise to top leadership positions, and ensure they receive their “full rights and privileges” when they return to power.
https://t.co/PvIYtUslXF
लोकसभा में विपक्ष के नेता @RahulGandhi ने गुरुवार (9 अप्रैल, 2026) को कहा कि उनकी पार्टी, @INCIndia भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, उस "भेदभावपूर्ण व्यवस्था" को खत्म कर देगी, जिसके बारे में आरोप है कि यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कर्मियों को शीर्ष नेतृत्व के पदों तक पहुंचने के अवसर से वंचित करती है; और जब वे सत्ता में वापस आएंगे, तो यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें उनके "पूरे अधिकार और विशेषाधिकार" मिलें।
@crpfindia@BSF_India@CISFHQrs@SSB_INDIA
CRPF शौर्य दिवस पर फोर्स के हमारे साहसी और वीर जवानों को हार्दिक बधाई और सादर नमन।
आपका साहस और बलिदान हर दिन हमारे देश की रक्षा करता है। आप सीमाओं पर तैनात रहकर देश को सुरक्षित रखते हैं, आतंकवाद और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, और लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव, चुनावों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाते हैं।
लेकिन सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं होती। वर्षों के त्याग, तपस्या और सेवा के बावजूद CAPF जवानों को न तो समय पर प्रमोशन मिलता है, न ही अपनी ही फोर्स का नेतृत्व करने का अधिकार - क्योंकि शीर्ष पद फ़ोर्स से बाहर के लोगों के लिए आरक्षित हैं।
CAPF के जवान विशेष प्रशिक्षण, जमीनी अनुभव और गहरी रणनीतिक समझ रखते हैं - इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिये से भी यह जरूरी है कि इन बलों का नेतृत्व उसी सिस्टम से आने वाले लोग करें, जो उनकी चुनौतियों और जरूरतों को सही मायनों में समझते हों।
नेतृत्व के अवसरों से वंचित रखने से लेकर वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों तक - यह संस्थागत अन्याय उन जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, जो अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित कर देते हैं।
यह सिर्फ़ करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है।
मैं और कांग्रेस पार्टी आपका पूरा आदर और आपसे मोहब्बत करते हैं और ये मानते हैं कि अपने फ़ोर्स में आपकी तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका हक है - हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और CAPF जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा।
देश आप वीरों का ऋणी है - अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।
जय हिंद! 🇮🇳
#CAPF के मौजूदा और पूर्व जवानों/अफसरों के परिजन गुरुवार को महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर पहुंचे। उन्होंने #CAPF बिल 2026, जिसे पिछले दिनों संसद की मंजूरी मिली है, को काला कानून बताया है।पूर्व अफसरों ने सरकार से इस कानून को वापस लेने और #OGAS#OPS लागू करने की मांग की है।
Families of CAPF personnel and retired CAPF personnel protest at Raj Ghat, Delhi against the Central Armed Police Force (General Administration) Bill, 2026, passed by the Parliament recently.
9 अप्रैल, 1965 – कच्छ के रण में स्थित 'सरदार पोस्ट' पर मुट्ठी भर @crpfindia के जवानों ने दुश्मन की पूरी ब्रिगेड को धूल चटा दी थी। शौर्य दिवस के अवसर पर हम उन महान बलिदानियों को नमन करते हैं जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक तिरंगे की शान के लिए जंग लड़ी। 🇮🇳🙏
#ShauryaDiwas #SardarPost #CRPF #IndianHeroes
मालदा में “Coordination, Leadership और Steel Frame” कहाँ था?
मालदा की घटना देखिए—न्यायाधीशों को घंटों भीड़ ने घेर रखा, स्थानीय प्रशासन निष्क्रिय रहा, और अंततः सर्वोच्च न्यायालय के स्तर से हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति संभली।
जब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दिए जाने के बावजूद CAPF Bill लाया जाता है, तो यह संदेश जाता है कि न्याय के निर्णयों को भी दरकिनार किया जा सकता है। ऐसे संकेत नीचे तक जाते हैं—जहाँ उच्च न्यायालय के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता, और स्थिति यहाँ तक पहुँचती है कि न्यायाधीशों को भीड़ के बीच असहाय छोड़ दिया जाता है, जबकि एसपी और डीएम समय पर हस्तक्षेप नहीं करते।
आज पूरे तंत्र में “coordination”, “leadership” और तथाकथित “steel frame” मौजूद होने के बावजूद यदि ऐसी घटनाएँ होती हैं, तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है—समस्या वास्तव में कहाँ है?
उदाहरण के लिए, इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुरक्षा जब से CAPF के हवाले है, वहाँ ऐसी स्थिति दोबारा देखने को नहीं मिली। इससे स्पष्ट होता है कि पेशेवर और जवाबदेह व्यवस्था क्या फर्क ला सकती है।
स्पष्ट है कि CAPF Bill में “coordination” और “leadership” के नाम पर दिए जा रहे तर्क जमीनी सच्चाई से मेल नहीं खाते।
@narendramodi@AmitShah@RahulGandhi@VTankha@MahuaMoitra @SupremeCourtOfIndia @CalcuttaHighCourt
#JusticeForCAPF
You think IPS elite symbol of colonialism. India needs professionals not elites. Labelling 13K CAPF cadre & veterans DIMBITS insulting CAPFs & security architecture of armed forces which CAPFs are part recruited by rigorous process alien to IPS.Still under colonial influence
To all CAPF officers & jawans - we stand with you and against the injustice meted to you by BJP’s Central Govt. IPS officers in your top positions is clear politicisation of CAPF.
CAPF Bill Row: Why Personnel Are Protesting
CAPF personnel across India are raising concerns over the proposed bill, citing issues like demand for Old Pension Scheme (OPS), unequal service conditions compared to the Army, long duty hours, and slow promotions.
दु:ख की बात है कि देश के 15 हज़ार किलोमीटर सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे जवान और CAPF के अधिकारियों के हक को मारने के लिए सरकार कानून लेकर आई है। यह 50 वर्षों की लड़ाई है।
मुरली मनोहर जोशी, पी. चिदंबरम और तमाम अधिकारियों की कमेटी आई जिन्होंने यह रिपोर्ट दी कि CAPF के अधिकारियों को भी प्रमोशन मिलना चाहिए लेकिन सरकार ने यह काला कानून पास किया है।
देश के 11 लाख CAPF जवान सरकार की तानाशाही देख रहे हैं और वक्त आने पर जवाब देंगे।
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
"हर फोर्स का एक Domain होता है, यह domain trespassing उचित नहीं है!"
IPS अधिकारियों को CAPF बलों के शीर्ष पर प्रतिनियुक्त करना CAPF अधिकारियों के मनोबल पर दुष्प्रभाव डालता है जिसका CAPF के कार्यक्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
@manojkjhadu@yadavtejashwi#RJD #TejashwiYadav