@karimGahin1 هذا هو ديدن الاسلاميين اليساريين في بلاد العرب، دوما يدعمون اليساريين العلمانيين في الغرب، بغض النظر عن القضايا الاسلامية "تحالف غير مقدس"
لا تكتفوا بسماع مطلع معلقة امرئ القيس، بل استمعوا إليها كاملة.
ستجدون براعة في التصوير، ودقة في الوصف، وانتقالًا مدهشًا بين المشاهد، حتى غدت عند كثير من النقاد أنموذجًا يُقاس عليه الشعر العربي.
@Sachingupta Every Govt teacher and school principal sell ration provided on black market in UP and students get 5% of it.
This is reality.
This is scam.
This is sham.
अप्रैल 2022 में खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा भड़कने के अगले ही दिन जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए शहर के पाँच मुस्लिम बहुल इलाकों में 16 मकानों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था।
तत्कालीन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था-"जिस घर से पत्थर आए हैं, उस घर को ही पत्थरों का ढेर बनाएंगे।"
जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश के सत्र न्यायालय ने 2022 की रामनवमी हिंसा के मामले में आरोपी सभी 11 मुस्लिम पुरुषों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ न तो कोई विश्वसनीय साक्ष्य था, न कोई गवाह और न ही कोई विधिसम्मत जांच की गई थी।
अदालत द्वारा उन्हें निर्दोष करार दिए जाने के बावजूद, नरोत्तम मिश्रा के शब्दों में भाजपा का "बुलडोजर न्याय" तो वर्षों पहले ही दे दिया गया था।
भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाइयों का निशाना लगातार मुस्लिम समुदाय को बनाया गया है। इसमें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और घरों तक को निशाना बनाया गया।
यह कानून के शासन और संविधान, दोनों का घोर अपमान है। भाजपा सरकार उन सभी लोगों को जवाब दे, जिनके घर उसने ध्वस्त किए। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
📍शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश
हिंदू युवा वाहिनी बरेली मंडल के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, शाहजहाँपुर के जिला अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी और जिला महासचिव शुभम मिश्रा अपनी टीम के साथ तिलहर क्षेत्र पहुंचे। वहां दो दुकानदारों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
अगर यह अभियान वास्तव में नियमों के पालन के लिए है, तो यही टीम KFC, बड़े होटल और 5-स्टार रेस्टोरेंट्स में भी जाकर देखे कि वहां नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कानून की कसौटी सबके लिए बराबर होनी चाहिए, सिर्फ छोटे दुकानदारों के लिए नहीं।