@SharmaSuresh365 सिझन चल रहा है, अब लोग सूखी है ,निर्णय लेनेका अधिकार रखते है, लोकतंत्र राजतंत्र मे नव सालोमे बदल जाएगा कभी सोचा था? जिधर ऊधर मैही मैका नारा है, घूटे हूए जिधर जिधर तेरा ऊधर ऊधर मेरा कर रहे है,
ईसका भी अनालिसिस होना चाहिए। गरिबका बेटा ओ है?
अमरनाथ यात्रा भक्तोके लिए तकलिफवाली बन रही है, क्ई भक्त बिमार पड गये,ईसके पहलेभी ऐसा होते आ रहा, यहातककी भक्त वहीपर गाडे गये,
कभी लगता है भगवान क्यो नही अपना करिश्मा दिखाते? भक्तोसे क्या गलत हो रहा है? ऐसा कबतक चलेगा? कूछ तो सोल्यूशन होगा?
@RubikaLiyaquat धरोहर,सांस्कृतिक, वास्तुशास्त्र धर्मशास्त्र के नमूनेको रिपीट करनेसे क्या तीर मारते रहोगे?जीस "चातूर्वण्यसे"ईन्सानको नूकसान होते जा रहा ऊनपर एक लब्ज भी नहीं बोला जा रहा है? 😑