@PalAshok12 स्थिति बिल्कुल साफ हम कर देते हैं नागर जी ने किसी भी समाज विशेष के बारे में कोई भी अपशब्द नहीं कहे है उन्होंने केवल और केवल नीच मानसिकता वाले असभ्य भाषा का प्रयोग करने वाले व्यक्ति की क्रिया के ऊपर प्रतिक्रिया व्यक्त की है श्यामू कोई खुदा नहीं है 😜😜😜
@Abhinandan_AY समाजवादी की सीट 2022 के चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्दर राष्ट्रीय लोकदल की साझेदारी की वजह से आ गयी थी नहीं तो मेढा सा ही फिर जाता
😜😜😜😜
@PalAshok12@palshyamLalsp@yadavakhilesh@mediacellsp अबे लूल्लू हमने दिया जवाब रामपुर मनिहारन में रैला करके
उसका दर्द हो रहा तुम्हें कि बिना भाजपा के राष्ट्रीय लोकदल ने इतनी बड़ी सफल रैली किस तरह से कर ली
अभी तो कुछ भी नहीं आगे आगे देखो अब तो चोया ऊपर आ गया नलके से पानी कितनी तेजी से निकलेगा 🔥🔥🔥🔥🔥
समाजवादी पार्टी के और पाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल पाल जी के साथ पूरे #पाल_समाज को गाली दिया जा रहा है।
यह पाल समाज और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल को मंद बुद्धि बोल रहा है।
इसकी औकात पाल समाज बहुत जल्दी बता देगा।
@badripal नोएडा में पाकिस्तान से चार बच्चों सहित एक लडका औरत कू ब्याह के लाया था बड़ा वायरल हो गया था उसके दो बालक भारत में हो लिए अभी तक जब भी उसके साल भर में बालक होवे तो वो 15-20 दिन के लिए चर्चा का विषय बन जा
यू भारत में कोई बड़ी बात ना है😜😜
मलूक नागर जी का पुतला फूंकने वालों ,उन्होंने किसी समाज को टारगेट नहीं किया था,प्रदेश अध्यक्ष के बयान के ऊपर कटाक्ष किया था?
अब एक बात तो बताओ चौधरी इंद्रसेन की रैली कैंसिल करवाने वाले लोग साहिल खान इकरा हसन फजलुर्रहमान को खुश करके गए और रैली की अगली तारीख को भी मना कर गए?
अतुल प्रधान तो शीशा पीटते ही रह गए?
मतलब सपा अध्यक्ष विशेष तौर पर किसान कौम विरोधी........है!
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सपा वालों ज्यादा पुतले न फूंको...
राजनीति अभी आगे है ..............
राष्ट्रीय लोकदल का पौचा पकड़कर राजनीति में एंट्री करी इसके बाद कुछ हल्का सा चर्चित हुआ तो राष्ट्रीय लोकदल का पौउचा छोड़कर कांग्रेस का पौउचा पकड़ने वाले ज्ञान बांट लें
😜😜😜😜😜
मलूक नागर की कोई विचारधारा है क्या? अभी अखिलेश जी राज्यसभा का टिकट दे दें तो दावा करता तो शायद 24 घंटे में इस्तीफ़ा दे देंगे! जब नागर बसपा से संसद थे और जब इनके यहाँ रेड हुई थी तो भाजपा की तारीफ़ के पुल बाँध रहे थे। पाल समाज के एक बड़े नेता पर इस तरह की टिप्पणी करना बताता है की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि मीरापुर से टिकट मिल जाये या एमएलसी बना दिए जाएँ! काँप काँप भाषण दे रहे थे। वाइब्रेशन मोड को कुछ महीने में साइलेंट मोड पर डाल दिया जाएगा।
जिस प्रकार मालूक नागर ने हमारे पाल समाज के गौरव और समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल जी के लिए “दो कौड़ी का नेता”, “मंदबुद्धि” जैसे बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, वह घोर निंदनीय और अस्वीकार्य है।
राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के लिए इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करना राजनीतिक संस्कारों पर सवाल खड़ा करता है।
मालूक नागर जी, व्यक्ति पर कीचड़ उछालने से आपकी राजनीति बड़ी नहीं हो जाती।
श्याम लाल पाल जी का बढ़ता राजनीतिक कद और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता ही शायद आपकी बेचैनी का कारण है।
याद रखिए—
गाली और अपमान अक्सर वहीं से आते हैं, जहां तर्क और तथ्य खत्म हो जाते हैं।
जिसका जनाधार बढ़ता है, उसके विरोधी बेचैन होते हैं।
जिसका राजनीतिक कद बढ़ता है, उसे रोकने की कोशिशें भी तेज होती हैं।
लेकिन पाल समाज और PDA के लोग अपमान का जवाब गाली से नहीं, लोकतांत्रिक तरीके से और जनता की ताकत से देंगे।
राजनीति में भाषा की मर्यादा रखिए—क्योंकि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देती है।
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#सम्मान_और_सामाजिक_न्याय