जो मंत्री अपने कर्मचारियों से नहीं मिल सकता, जो मंत्री जनता से नहीं मिल सकता है, जो मंत्री अपने समझौते का पालन नहीं करा सकता है, जो मंत्री लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों का दमन और उत्पीड़न कर पुलिस की दम पर अपने ऊर्जा विभाग का निजीकरण करने पर तुला है उसे लोकतंत्र में मंत्री के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें तत्काल व्यापक जनहित में अपना इस्तीफा देना चाहिए।
जब से ऊर्जा मंत्री जी आए हैं तब से प्रदेश की गरीब जनता परेशान है, बिजली कर्मचारी परेशान है, किसान परेशान है, युवा परेशान है, छात्र परेशान है, आरक्षण खतरे में है।
माननीय ऊर्जा मंत्री जी का एकमात्र उद्देश्य है कि कितनी जल्दी सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव अपने पूंजीपति मित्रों को सौंप दें, फिर ना रहेगा विभाग, ना रहेगी नौकरी, और ना रहेगा आरक्षण।
लेकिन ऊर्जा मंत्री जी बिजली कर्मचारी प्रदेश की सरकारी संपत्तियों को नहीं बिकने देंगे, ऊर्जा विभाग नहीं बिकने देंगे, जनता को लालटेन युग में नहीं जाने देंगे और बाबा साहब द्वारा दिया गया आरक्षण समाप्त नहीं होने देंगे।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
@yadavakhilesh सब राम जी करेंगे तो आप क्या करेंगे माननीय मंत्री जी???
अपने पुराने IAS लॉबी के साथ मिलकर उद्योगपति को बस विभाग बेचने के काम करेंगे इशलिये नौकरशाही छोड़कर राजनीति मे आये है???
न रहेगा विभाग न बचेगा समस्या बस सरकारी ऊर्जा मंत्री बनकर बस सारी सरकारी सुविधा के लुफ्त लेंगे??
क्या निजीकरण से बिजली दरों में व्यापक बढ़ोतरी नहीं होगी ?सरकारी संपत्ति कम दामों में नहीं बिकेगी ?सरकारी क्षेत्र में रोजगार का सपना देख रहे युवा निराश नहीं होंगे ?क्या आरक्षण के 16000 पद समाप्त नहीं होंगे? क्या इससे देश के बड़े निजी घरानों का बड़ा लाभ नहीं होगा?
पॉवर कारपोरेशन के वकीलों से लिखवाकर निदेशक वित्त ने ग्रांट थॉर्टन को दी है क्लीन चिट: ऊर्जा मंत्री बताएं निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी देगी या नहीं: निजीकरण के विरोध में प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी: प्रयागराज में हुआ बुद्धि शुद्धि यज्ञ।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी यह स्पष्ट करें कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत निगम के निजीकरण के बाद सरकार निजी घरानों को सब्सिडी की धनराशि देगी या नहीं। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देने के मामले में पॉवर कॉरपोरेशन के पैनल पर काम कर रहे अधिवक्ताओं से राय लेकर निदेशक वित्त ने फाइल पर क्लिन चिट दे दी है। निजीकरण के विरोध में आज 187 वें दिन प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। आज प्रयागराज में बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी से पूछा है कि वह बताएं कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 42 जनपदों का निजीकरण हो जाने के बाद निजी कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार सब्सिडी की धनराशि देगी या नहीं देगी। संघर्ष समिति ने कहा कि विगत वर्ष किसानों, बीपीएल उपभोक्ताओं, बुनकरों आदि की सब्सिडी की धनराशि 22000 करोड रुपए से ऊपर की है। यह धनराशि सरकार ने सब्सिडी के रूप में दी है। माननीय ऊर्जा मंत्री और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन घाटे के नाम पर निजीकरण करने की दलील देते समय इस धनराशि को जोड़कर घाटा बता रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 01 अप्रैल 2024 से किसानों को ट्यूब वेल के लिए मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र में यह लिखा था कि बीपीएल उपभोक्ताओं को 03 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जाएगी। इसी प्रकार बुनकरों आदि को भी लागत से कम मूल्य पर बिजली दी जाती है जो सरकार की और पार्टी की घोषित नीति के अनुसार है। अब जब निजीकरण की दलील देते समय यह कहा जा रहा है कि सरकार यह बोझ नहीं उठा सकती तो ऊर्जा मंत्री को आम जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली का निजीकरण हो जाने के बाद सरकार यह सब्सिडी की धनराशि का भार उठाएगी या नहीं जिससे निजीकरण को लेकर आम जनता धोखे में न रहे ।
उधर दूसरी ओर निदेशक वित्त निधि आरंग का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह पता चला है कि अमेरिका में पेनल्टी लगने के मामले में और झूठा शपथ पत्र देने के मामले में ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देने के लिए निदेशक वित्त ने पावर कारपोरेशन के पैनल पर काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं से विधिक राय लेकर क्लीन चिट दे दी है। संघर्ष समिति ने कहा की निदेशक वित्त निधि नारंग के फर्जीवाड़ा लगातार सामने आ रहे हैं फिर भी निधि नारंग पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है इससे स्पष्ट हो जाता है कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और निधि नारंग की मिली भगत है और निजीकरण के पीछे मेगा स्कैम होने जा रहा है।
निजीकरण के विरोध में आज लगातार 187 वें दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन किया। आज प्रयागराज की पवित्र धरती पर ऊर्जा मंत्री और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एवं प्रबन्धन को सद्बुद्धि देने हेतु "बुद्धि शुद्धि यज्ञ" किया गया जिसमें सैकड़ो बिजली कर्मियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर आरक्षण समर्थकों ने भरी हुंकार आरक्षण पर नहीं होने देंगे कुठाराघात बिजली के निजीकरण पर भी आर पार की लड़ाई का एलान। कहां संवैधानिक तरीके से लड़ेंगे लड़ाई बिजली का निजीकरण दलित और पिछड़ों के अधिकार पर कुठाराघात।
ऊर्जा परिवार के महत्वपूर्ण भाग-जूनियर इंजीनियरों की बड़ी संख्या को सम्बोधित किया।
उनके योगदान से ही विद्युत सेवाएँ चल रहीं हैं।
राज्य में सबको 24x7 निर्बाध बिजली देने के लक्ष्य की तरफ़ कार्य करने को प्रेरित किया।
@narendramodi@myogiadityanath@Bhupendraupbjp@UPPCLLKO
जब CBI रेड में कुछ नहीं निकला तो आज से इनके पास नया ऑर्डर आया है कि अब शराब पर बात नहीं, अब पूछो कि स्कूलों में नए क्लासरूम क्यों बनाए, नए टॉयलेट क्यों बनाए?
हां बना दिए, क्या ग़लत किया?
ऊर्जा निगमों में कार्य का स्वस्थ वातावरण निर्मित करने हेतु सादर निवेदन,जिससे कि बिजलीकर्मी पूर्ण मनोयोग से कार्य कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं सरकार के बिजली क्षेत्र मे विकास की महती योजनाओ को धरातल पर लागू करने मे समर्थ हो सके।
मुख्यमंत्री के पद की दोबारा शपथ ग्रहण करने पर माननीय योगी आदित्यनाथ जी का प्रदेश के समस्त जूनियर इंजीनियरो ,अभियन्ताओं और बिजली कर्मियों की ओर से हार्दिक स्वागत और शत शत अभिनंदन करता है। @CMOfficeUP@aajtak@PMOIndia@ErNeerajKumarB3@rajnathsingh