शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
@CMOfficeUP@myogioffice
शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बच्चे दूसरे स्कूलों में होंगे शिफ्ट, 5000 से ज्यादा सरकारी स्कूल मर्ज करने की तैयारी, विरोध में उतरे शिक्षक-अभ्यर्थी
#savevillageschools
सरकारी स्कूल में बच्चे नहीं आ रहे तो कमियों में ध्यान दे सरकार!
अध्यापकों से सांड हकवाना,चुनाव में ड्यूटी लगाना बंद करे।
नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी कर नए शिक्षकों को नियुक्त करे।
कमियों पर ध्यान दे सरकार,स्कूल ही बंद कर तानाशाही न करे
#savevillageschools
खामोशी अच्छी नहीं इंकार होना चाहिए,
ये तमाशा अब सर-ए-बाज़ार होना चाहिए!
तुम्हारें हरे भरे गांव की सफेद इमारत में जो नन्ही किलकारी गूंजती थी!
हमारी हुकूमत वो रास न आई!
8 वर्षो में एक नया प्रा0 विद्यालय न खोलकर हजारों स्कूलों को बंद करने पर जोर दे रही सरकार!
#savevillageschools
#savevillageschools
उत्तर प्रदेश में विद्यालयों के विलय से होने वाली हानि
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, परंतु प्रथम दृष्टया इसके बहुत से नकारात्मक प्रभाव दिखते हैं।
सबसे प्रमुख हानि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा तक पहुंच में कमी है। विद्यालय आमतौर पर गांवों में बच्चों के घर के नज़दीक होते हैं, जहां बच्चे पैदल स्कूल जा सकते हैं। विलय के बाद उन्हें दूरस्थ विद्यालयों में जाना पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय और खर्च बढ़ सकता है। इससे विशेष रूप से गरीब परिवारों की लड़कियों की पढ़ाई छूटने का खतरा है।
दूसरा, शिक्षकों और छात्रों के बीच व्यक्तिगत संबंध कमजोर पड़ सकते हैं। छोटे स्कूलों में शिक्षक प्रत्येक बच्चे की प्रगति पर ध्यान दे पाते हैं, जो इसमें में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। साथ ही, स्थानीय समुदाय का स्कूल से जुड़ाव कम होगा, जो सामाजिक एकता को प्रभावित करेगा।
अंतिम प्रश्न जो खड़ा होता है कि
अगर किसी छात्र का स्कूल कहीं दूसरी जगह विलय हो रहा है तो इसमें "उस छात्र का क्या दोष कि उसके गांव मझरे में बच्चे कम हैं। उसको अतिरिक्त मेहनत करके स्कूल क्यों जाना पड़रहा है ?"
क्योंकि छोटे गांव- मझरे अक्सर वंचित वर्गों के ही होते !!
एक स्कूल बंद करने का अर्थ है उस गांव के वंचित, शोषित और पिछड़े समाज की उम्मीदों के दरवाजे को भी बंद कर देने जैसा है।
तब एकलव्य का अंगूठा ले लिया गया था, आज वंचित शोषित और पिछड़ों के स्कूल छीने जा रहे हैं।
#SaveVillageSchools