राष्ट्र सम्मान और सैनिक स्वाभिमान की कविताओं के लिए कवि सम्मेलन मंच पर चेतना का ओजस्वी ध्वज-वाहक।
शहीदों का गुणगान करना ही जिसका एक मात्र व्यसन है। जय हिंद।
@ABPNews देश के प्रधान को गालियां देकर और इस पोस्ट पर आकर उन्हें डरपोक बताने वाले लोगों को या तो चुनाव मे�� जीतकर माननीय राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए था या फिर उन्हें मान लेना चाहिए कि हमारे देश के प्रधानमंत्री सभी 140 करोड़ देशवासियों का प्रतिनिधित्व करते हैं
@ranvijaylive उनको समय दिया जाना चाहिए था... बहुत बड़ी गलती करदी... जिन्होंने समय नहीं दिया... अब उनको कई अक्लमंद और रायचंद मिल जाएंगे... जो उनको ऐसा नहीं करने देंगे... वरना मोदी की मरदानगी और नेहरू की नपुंसकता... दोनों पर संसद की मुहर लग जाती...।।।
@ocjain4 सिस्टम में बदलाव आएगा कि नहीं, लाखों लोगों को ऐसी प्रताड़ना की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी या नहीं, भ्रष्ट जज पर उचित कार्यवाह��� होगी या नहीं, पता नहीं पर उम्मीद है कि देश में संवेदनशील सरकार है, इसलिए कार्यवाही होगी तो सही, लेकिन नारी ऐसी भी हो सकती है क्या? मरने पर विवश कर दिया उसे?
@ajeetbharti आपने सही कहा! पर बर्दाश्त करने की भी हद होती है। ममता सरकार ऐसे अपराधों का संरक्षण करती है तो केन्द्र सरकार भी तमाशा देखने में ही व्यस्त है। आखिर कब तक बर्दाश्त करते रहेंगे....
@AmitShah शेरनी की कोख से पैदा ह��आ जो,
मौत को भी जीतकर लाचार कर दे।
वीर है जो वीरता के अर्थ देकर,
वर्दियों की साधना साकार कर दे।
गोरखा रैफल्स का दुर्धर्ष योद्धा,
देश की ख़ातिर जिया जंगे जवानी।
वीर को देना सलामी जो लहू से,
पत्थरों पर लिख गया अपनी कहानी।।
@kavi_yogendra
"अग्निपथ" केवल देशभक्त लोगों को वर्दी का सम्मान प्रदान करने की स्वावलंबी योजना है... जो राष्ट्र को अजेय बनाने हेतु लागू की गई है... इसलिए साजिश में शामिल होकर अपना भविष्य बर्बाद मत करना!!
मुश्किलों की छातियों पर मुस्कुराना है मुझे।
कालिमा की सरहदों के पार जाना है मुझे।
ये हवा का एक झ���ंका क्या बुझाएगा, स��नो!
आँधियों के हौसलों को आज़माना है मुझे।
●●●●●●●●● योगेन्द्र शर्मा ●●●●●●●●
https://t.co/2L3EVu0Sca