उपभोक्ता परिषद के विरोध में उतरने के बाद अभी रात 10:30 बजे पावर कारपोरेशन ने अपना आदेश बदला कहां सिक्योरिटी जो पुरानी थी वही लागू नई दर पर सिक्योरिटी नहीं चार्ज होगी इसे कहते हैं कानून की ताकत।
मुख्यमंत्री के सकारात्मक एवं रचनात्मक दृष्टिकोण वाले बयान का संघर्ष समिति ने किया स्वागत : ऊर्जा निगमों में प्रबंधन बना रहा है टकराव का वातावरण:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री मा योगी आदित्यनाथ जी द्वारा शिक्षामित्रों की बैठक में दिए गए इस वक्तव्य का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों से अपनी मांगों को मनवाने के लिए टकराव के बजाय सकारात्मक एवं रचनात्मक (Positive & Constructive) दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि वह प्रारंभ से ही इसी मार्ग पर चल रही है। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु संघर्ष समिति ने सदैव शांतिपूर्ण, संयमित और जिम्मेदार तरीके से आंदोलन किया है।
इसके बावजूद यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे ऊर्जा निगमों में अनावश्यक टकराव का वातावरण उत्पन्न हो रहा है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन ने डाउन साइजिंग के नाम पर अत्यंत अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों को नौकरी से निकाला। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश के बावजूद ऊर्जा निगम के संविदा कर्मी अभी तक आउटसोर्स निगम के अंतर्गत नहीं लाए गए हैं और उनका मनमानी ढंग से उत्पीड़न हो रहा है। नियमित कर्मचारियों के लिए अनुशासन सेवा नियमावली में संशोधन करके बिना चार्ज शीट दिए, बिना सफाई का मौका दिए सेवा से बर्खास्त करने का अधिकार ले लिया गया है। इससे ज्यादा उत्पीड़न की कार्यवाही और क्या हो सकती है, जिससे अनावश्यक टकराव का वातावरण बन रहा है।
संघर्ष समिति ने बताया कि ध्यानाकर्षण आंदोलन के तहत पिछले 525 दिनों से बिजली कर्मचारी कार्यालय समय के बाद अथवा भोजनावकाश के दौरान ही विरोध सभाएं कर रहे हैं। आंदोलनरत रहते हुए भी कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया है। विशेष रूप से जनवरी–फरवरी 2025 में महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर कर्मचारियों ने अद्वितीय कार्य किया, जिसकी देश-विदेश में सराहना हुई और उत्तर प्रदेश सहित भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी।
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि पूरे आंदोलन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया है कि उपभोक्ताओं एवं किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उनकी समस्याओं का समाधान हर परिस्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि संविदा कर्मियों, कर्मचारियों एवं अभियंताओं के हितों की रक्षा तथा निजीकरण के विरोध में भी पूरी तरह सकारात्मक एवं रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया है—ठीक उसी भावना के अनुरूप, जैसा माननीय मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा है।
किन्तु यह अत्यंत खेदजनक है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने इस सकारात्मक दृष्टिकोण को नजरअंदाज करते हुए लगातार दमनात्मक कार्रवाइयां की हैं। दिनांक 19 मार्च 2023 को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री मा श्री अरविंद कुमार शर्मा जी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं पर की गई कार्रवाइयां अब तक वापस नहीं ली गई हैं, बल्कि नई कार्रवाइयां की जा रही हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन जानबूझकर टकराव का वातावरण बना रहा है।
संघर्ष समिति ने माननीय मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे इस मामले में प्रभावी हस्तक्षेप करें, जिससे बिजली कर्मचारियों को न्याय मिल सके। साथ ही अब तक आंदोलन के दौरान की गई सभी दमनात्मक एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लिया जाए तथा ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही समाप्त की जाए।
संघर्ष समिति ने दोहराया कि बिजली कर्मचारी हर परिस्थिति में प्रदेश की जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, किंतु प्रबंधन का रवैया लगातार तनाव और टकराव को बढ़ावा दे रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना आवश्यक है।
उत्पीड़न के विरोध में चल रहे प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज औरैया एवं इटावा में सभाएं आयोजित की गईं, जिन्हें मुख्य रूप से श्री जितेंद्र सिंह गुर्जर एवं श्री महेंद्र राय ने संबोधित किया।
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ताप बिजली घरों के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का उग्र विरोध: अलीगढ़ व हरदुआगंज में बड़ा विरोध प्रदर्शन : आंदोलन तेज करने की चेतावनी:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर चल रहे प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान के तहत आज अलीगढ़ एवं हरदुआगंज ताप बिजली घरों में सैकड़ों बिजली कर्मियों, अभियंताओं और कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विरोध सभाओं का क्रम पूर्ववत जारी रहा, जिससे स्पष्ट है कि बिजली कर्मियों में निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पनकी एवं जवाहरपुर ताप बिजली घरों के परिचालन एवं अनुरक्षण (O&M) के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस नहीं ली गई तथा आंदोलन के चलते बिजली कर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की होगी।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन और ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारी सुनियोजित तरीके से निजीकरण को आगे बढ़ा रहे हैं और कर्मचारियों का उत्पीड़न कर कार्यस्थल का माहौल खराब कर रहे हैं। यह न केवल औद्योगिक शांति भंग करने वाला कदम है, बल्कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को भी संकट में डालने वाला है।
संघर्ष समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मियों के दौरान जब उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग अपने चरम पर होती है, उस समय प्रदेश के बिजली कर्मी पूरी निष्ठा के साथ उपभोक्ताओं और किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके विपरीत प्रबंधन टकराव की स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे यह प्रतीत होता है कि जानबूझकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की जा रही है।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि पनकी एवं जवाहरपुर ताप बिजली घरों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य को यूनिफाइड टेंडर के माध्यम से 25 वर्षों के लिए निजी हाथों में सौंपने के निर्णय के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तय करने हेतु संघर्ष समिति की कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक दिनांक 26 अप्रैल, 2026 को बुलाई गई है। इस बैठक में आगे के आंदोलन की घोषणा एवं नोटिस जारी किया जाएगा।
आज हरदुआगंज ताप बिजली घर एवं अलीगढ़ में आयोजित विरोध सभाओं को मुख्य रूप से संजय सिंह चौहान,जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेन्द्र राय, मोहम्मद वसीम, राहुल बाबू कटिहार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया और निजीकरण के खिलाफ एकजुट संघर्ष का आह्वान किया।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मी किसी भी स्थिति में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे और जनहित में इस निजीकरण के निर्णय को वापस कराने तथा उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त करने तक आंदोलन जारी रहेगा।
#stop_victimization_of_uppcl_employees
#stop_privatization_of_uppcl
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स्मार्ट मीटर से जुड़ी आम जनता की परेशानियाँ अब इतनी बढ़ चुकी हैं कि जनप्रतिनिधि भी खुलकर सरकार को घेरने लगे हैं। अब ये मुद्दा सिर्फ शिकायत नहीं, जनआक्रोश बन चुका है।
आज दिनांक 23/12/25 को मुख्य अभियंता द्वारा माघ मेला 2026 के मद्देनजर माघ मेला की तैयारी का निरीक्षण किया गया और आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।
@ChairmanUppcl@MD_PuVVNL@PuVVNLHQ@EMofficeUP
ऊर्जा मंत्रालय का निजी घरानो को लाभ देने के लिए आगामी योजना“नया डिस्कॉम बेलआउट – पुरानी कहानी, नया नाम” उपभोक्ता परिषद करेगी इसका वैधानिक विरोध यह जनता के हित में नहीं। उद्योगपतियों के लिए केंद्र सरकार ला रही योजना।
अफ़सर की जूतों से पिटाई !!😢
बलिया में BJP कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता की आफ़िस में ड्यूटी के दौरान जूतों से पिटाई का Vedio सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है !!
जनपद बलिया के विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय में अधीक्षण अभियंता से गाली गलौच एवं मारपीट करने वाले व्यक्ति पर गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ है गिरफ्तारी की सूचना प्राप्त हो रही है।
प्रदेश के 42 जनपदों के निजीकरण के मामले में आया नया मोड़ पूर्व निदेशक वित्त के जाते ही खुल गई पोल ग्रांट थॉर्नटन को दोष मुक्त करने के मामले में टेंडर मूल्यांकन कमेटी ने नहीं दी थी सहमति केवल पूर्व निदेशक वित्त ने पत्रावली पर एमडी व चेयरमैन से सीन कर उसे दबा लिया। जो गलत।
निदेशक वित्त निधि नारंग के जाते ही ग्रांट थ्रोनटन ने पेमेंट की उठाई मांग तब खुल गई पूरी पोल कोई पेमेंट देने को तैयार नहीं क्योंकि गलत तरीके से पत्रावली मैं गोलमोल करके उसे दोष मुक्त करने की साजिश की गई ना तो एनर्जी टास्क फोर्स ने दी सहमति और ना ही इंजीनियर आप कॉन्ट्रैक्ट ।
साथियों आप सब कितना सहमत हैं आदरणीय अवधेश वर्मा जी से?
उनका यह नारा ही हमारी लड़ाई की असली पहचान है...
🔥 निजीकरण बच्चों का खेल नहीं है। 🔥
आदरणीय अवधेश वर्मा जी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष होकर भी उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों दोनों की आवाज़ बनकर निजीकरण के खिलाफ मजबूती से डटे हैं।
आदरणीय अवधेश वर्मा जी का कहना है निजीकरण देश का ग़लत सपना है। बिजली जनता का हक़ है, निजी घरानों का धंधा नहीं।
साथियों मेरे विचार से जो जनता की लड़ाई लड़ता है वही सच्चा नेता कहलाता है।
सवाल आप सबसे यही है क्या हम सब भी उतनी ही मजबूती से इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं?
@uprvup
आज बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जनपद बलिया को उनके कार्यालय में घुसकर हमलावरों द्वारा गाली गलौज करते हुए मारपीट की गई।
जब जनपद में बिजली विभाग का सबसे बड़ा अधिकारी अपने सरकारी कार्यालय में ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या हाल होगा, अपराधियों का बोलबाला है कोई भी, कहीं पर भी, किसी को भी, घुस कर मार रहा है पुलिस प्रशासन त्वरित कार्रवाई भी नहीं कर रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कृपया ऐसे हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई कराने की कृपा करें, तथा बिजली अभियंताओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की कृपा करें । जिससे बिजली अभियंता प्रदेश की जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगे रहे।
@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@spgoyal@dgpup@Uppolice@UPPCLLKO@MdPuvvnl