दिल्ली जंतर मंतर पर चले “आरक्षण हटाओ” आंदोलन में एक महिला ऑन कैमरा कैसे जातिवादी मानसिकता का परिचय देते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं और कह रही हैं कि “पहले मोमडन से दबकर रहे अब ये “चूड़े चमारों” (जाटव-वाल्मीकि) से दबके रहेंगे तो कैसे हमारे बच्चे जियेंगे।
इस महिला कुंठित मानसिकता को देखकर एक कहावत याद आ गई कि “उल्टा चोर कोतवाल को डाटे” जातिगत टिप्पणी, उत्पीड़न शोषण और अत्याचार दलितों के साथ होता है और देखिए कैसे ख़ुद शोषित बता रही वो जातिगत टिप्पणी करते हुए।
ऐसे लोग कभी जातिवाद को खत्म नहीं कर सकते हैं बल्कि और बढ़ावा देते हैं जब ये महिला ऑन कैमरा जातिगत शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं तो सोचिए ये अपने घर या आस पास कितना जातिगत शब्दों का इस्तेमाल करती होगी।
डरपोक मत बनो, मनुवादियों।
आरक्षण हटाओ आंदोलन के नाम पर क्रांति शुरू की थी, अब डरकर आरक्षण सुधार की बात करने लगे।
तुम तो खुद को शूरवीर बताते हो। शस्त्र और शास्त्र से पूरा ब्रह्मांड हिला सकते हो, फिर कायरों की तरह समझौता क्यों कर रहे हो? अपनी मांगों से हरगिज पीछे मत हटो। ठीक है?
भाई मेरी लोकसभा है, तो कद्दावर कितने है ये हमें पता है।
इनको जितना वोट मिला वो सिर्फ़ और सिर्फ बसपा का वोट मिला, पूरी लोकसभा में 10000 वोट नहीं जोड़ पाएंगे अपने दम पर आपके कद्दावर साहब।
वैसे तो रक्षा बंधन का त्यौहार भाई बहन की रक्षा की कसम है, पर हम जैसे असंख्य लोग इसलिए आगे बढ़ पाए क्योंकि हमारे पीछे बहन जी थी और है।
बहन जी आपके बहुत उपकार हैं हमारे ऊपर, जो हम कभी चुका नहीं सकते।
इसके एवज हम आपके, बाबा साहब, मान्यवर साहब के मिशन को कभी रुकने नहीं देंगे कभी झुकने नहीं देंगे।
#रक्षाबंधन
@Mayawati@AnandAkash_BSP@bspindia
ज़्यादा कुछ नहीं बोलूंगा वरना विवाद हो जाएगा,
यह हैं हरियाणा के संत रामपाल महाराज,
पहले आश्रम के अंदर पैदल चलकर लोगों को आशीर्वाद देते थे,
अब AC युक्त वाहन बनवा लिया है,
इसी वाहन में चलती–फिरती दान पेटिका लगा दी गई है,
भक्त पैर छूकर बाबा से आशीर्वाद लेते हैं। मतलब अब बाबा को आशीर्वाद देने के लिए पैदल भी चलना नहीं पड़ता।
हरियाणा के हिसार स्थित आश्रम में वर्ष 2014 में हिंसा के दौरान 2 मौतें हुईं,
इसमें संत रामपाल को उम्रकैद की सजा हुई, जो बाद में हाईकोर्ट से निलंबित हो गई। बाबा इसी केस में जमानत पर बाहर है।
अभी एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें आरक्षण हटाओ गैंग किसी होटल में बैठकर सलाह मशवरा करते हुए कह रहे हैं कि आरक्षण हटाओं की बात मत कीजिए वरना “मायावती जी” नाराज हो जाएंगी इसलिए रिफॉर्म पर चर्चा करते हैं।
आज वर्तमान में आरक्षण विरोधियों को डर अगर किसी से है तो परम आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी से है क्योंकि वो जानते हैं और उन्हें याद है कि बहन मायावती जी BJP-RSS को फटकार लगाते हुए पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं कि अगर आरक्षण की तरफ़ आँख उठाकर देखा तो दिन में तारे दिखा दूँगी और पूरे देश में आंदोलन शुरू हो जाएगा जिसका नेतृत्व ख़ुद मैं करूँगी।
और यही बात आज भी आरक्षण ख़त्म करवाने का सपना देखने वालो के कानों में गूंज रही हैं।
सरकार ने सुभाष चंद्रा झा को कमाल की राहत दी हैं।
ध्यान रहे पूरा नाम अब आते हैं आंकड़ों पर।
भारत का शिक्षक बजट 55727 करोड़ हैं, और ये आदमी , भारत के शिक्षा बजट का 40% हिस्सा गबन कर गया।
जिस देश में 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को खाना सरकारी राशन की दुकान से लेना पड़ता हो उस देश में एक आदमी को 22006 करोड़ का कर्ज चुटकी बजा कर माफ कर दिया जाता हैं।
जिस देश में हर रोज 10 स्कूल पर ताला इसलिए लग जाता है, क्योंकि सरकार के पास टीचर नहीं हैं, स्कूल चलने के लिए फंड नहीं है।
उस देश में 22006 करोड़ आसानी के गबन कर लिया जाता हैं।
जिस देश में मिड डे मिल का रोजाना 1 छात्र पर खर्च 7.50 रुपए है। ताकि को संपूर्ण पौष्टिक आहार खा सके?
22,006 करोड़ = केंद्र सरकार के पूरे 2026-27 बजट का लगभग 0.41%
और NCSC तथा NCST जैसे संवैधानिक आयोगों के संयुक्त प्रशासनिक बजट से यह रकम सैकड़ों गुना बड़ी है।
अब बताओ इस देश को दीमक की तरह कौन चाट रहा है? मैरिट वाले या आरक्षण वाले?
और इनका कर्जा सिर्फ और सिर्फ इसलिए माफ कर दिया जाता हैं क्योंकि चन्द्रा के सभी चैनल पर मोदी नाम का कीर्तन दिन रात किया जाता हैं और था।
ये सरकार निकम्मी हैं, ये सरकार बदलनी हैं।
#fuckcapitalism
#subhashchandra_scam
“जनता पर महँगाई की मार, जिम्मेदार भाजपा सरकार”
– बसपा संयोजक आकाश आनंद
कल अपने गृह जनपद गौतम बुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट पर @AnandAkash_BSP अपनी चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर बरसे और शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी और आरएसएस एवं भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ भाजपा सरकार पर हमला किया।
कल की जनसभा में भारी संख्या में लोग आकाश आनंद जी को सुनने पहुंचे थे जिसके बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी नींद उड़ गईं है क्योंकि ऐसी जनसभाएं ख़ुद ये दोनों पार्टियां नहीं कर पाई थीं।
जेवर से भाजपा के ठाकुर धीरेंद्र सिंह लगातार दो बार से विधायक हैं। 2017 में हिंदुत्व की लहर और ठाकुर लामबंदी के चलते उन्होंने चुनाव जीता था।
लेकिन इस बार उनकी राह आसान नहीं है, क्योंकि बसपा ने गुर्जर समाज के सतवीर सिंह नागर को टिकट देकर मैदान में उतार दिया है।
जेवर विधानसभा में करीब 70 हजार गुर्जर और एक लाख दलित वोटर हैं। वहीं ठाकुर मतदाताओं की संख्या लगभग 50 हजार है।
हालांकि, 2012 के बाद से यहां कोई गुर्जर विधायक नहीं बना है। 2002, 2007 और 2012 में होराम सिंह, नरेंद्र सिंह और बेदराम भाटी बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे।
2022 में भी बसपा ने गुर्जर प्रत्याशी को टिकट दिया था, लेकिन सपा-रालोद गठबंधन की ओर से अवतार सिंह भड़ाना के मैदान में आने और एक अन्य गुर्जर प्रत्याशी होने के कारण गुर्जर वोटों में बंटवारा हो गया।
इसका फायदा भाजपा मिला था और ठाकुर धीरेंद्र सिंह चुनाव जीत गए।
लेकिन इस बार बसपा और गुर्जर समाज के पास जेवर में फिर से अपनी धाक जमाने मौका है, क्योंकि सतवीर सिंह नागर का अपने क्षेत्र और बिरादरी में अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है।
वह 2019 में भी बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। सतवीर सिंह नागर को जेवर विधानसभा क्षेत्र में अच्छा वोट मिला था
"BJP आई तो आरक्षण खत्म कर देगी।"
मैंने बहन जी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी के नाम पत्र लिखकर बसपा, सपा और कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को आगाह कर दिया है कि इस नारे को अपना चुनावी मुद्दा बना लें, यूपी चुनाव 2027 आसानी से जीत जाएंगे।
बाद में यह मत कहिएगा कि मैंने बताया नहीं।
पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ बकैती करवा लो,100 राजा हुए 150 राजा हुए लेकिन
डाटा पर बात नहीं करेंगे।
आज के समय में सरकार चलाते है अधिकारी
पूछो इन से पॉलिसी बनाने वाले कितने मुख्य सचिव OBC और SC हैं।
सरकार चालने वाले कितने मुख्यमंत्री OBC और SC हैं
OBC और SC की लाखों नौकरियों बैक लोग मे क्यों धकेल दी गई।
यूनीवर्सिटी में कितने VC OBC और SC हैं
प्रफेसर और एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद NFS करके बैक लोग मे डाल दिए जाते हैं।
डाटा पर कभी बात नहीं करेंगे सिर्फ चिल्ला चिल्ला कर बकैती करनी हैं और कुछ नहीं
घोसी से भाजपा नेता और बड़े समाजसेवी रहे अजय जायसवाल बीजेपी छोड़ बहनजी कुमारी मायावती जी की नीति और आस्था से प्रभावित होकर बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए और इनकी सदस्यता ख़ुद बहनजी के निर्देश पर आज़मगढ़-गोरखपुर मुख्य मंडल प्रभारी इंदु चौधरी जी ने दिलाई।
बीजेपी का किला बसपा बुरी तरह ध्वस्त करने जा रही हैं क्योंकि प्रदेश की जनता ही नहीं बल्कि बीजेपी से जुड़े लोगों का भी मोह भंग हो गया इस बीजेपी सरकार से और फिर से बसपा से उम्मीद लगाए बैठे हैं।