सोचा था एक नई सुबह आएगी। जिंदगी में नए मुकाम हासिल होंगे लेकिन मंजिल मिलने से पहले ही उसके बीच बड़ा फासला सा आ गया है।आखिर क्या ही गलती थी हमारी? किस गलती की सजा भुगत रहे हैं हम? यह तो वही बात हो गई ना, करे कोई ,भरे कोई और भोगे कोई #justice_with_UKPSC_JE_students#UKPSC_JE