सोनिया गाँधी तो असल में एंटोनिया माइनो हैं पर उद्धव ठाकरे जी आप कहीं उस्मान कुरैशी तो नहीं,
स्वरा भास्कर कहीं असल में सना खानम तो नहीं और अनुराग कश्यप कहीं असल में अहमद अली तो नहीं
बाकी जावेद अख़्तर जी तो असल में जावेद अख़्तर ही हैं।
#PalgharLynchingTruth#StopLynchingHindus
लखनऊ की सड़कों पर अगर चलना है तो अपनी गाड़ी के हिसाब से हर वक़्त उसमें एक्स्ट्रा फ्यूल रखिये.. पता नही कब किस चौराहे, सड़क, गली में कितना लम्बा जाम लग जाये.. और अगर पानी बरस गया है तो फिर भगवान ही मालिक है!
कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि की खरीद-बिक्री न हो। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता-सैनिटाइजेशन की व्यवस्था रहे। स्ट्रीट लाइट की सुविधा हो।
गर्मी तेज है, ऐसे में मार्ग में पीने के पानी की व्यवस्था भी कराई जाए। जहां खाद्य शिविर लगें, वहां खाद्य सामग्री गुणवत्ता की टीम जांच जरूर करे: #UPCM @myogiadityanath
अशेष मंगलकामनाएँ ! अगणित बधाइयाँ! आपकी लेखनी को ऐसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने हैं, उसमें वह बात है!
यह तो बस शुरुआत है!
@AuthorAtul युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित 💐
ब्लूटिक व्यक्ति के विशेष होने का नहीं बल्कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट के वैधानिक होने का चिन्ह है।अब पैसे देकर वैधानिक हुआ जा सकता है, जैसे हम अख़बार ख़रीदते हैं, रेल, हवाईजहाज़ के टिकट लेते हैं वैसे ही अब ब्लूटिक भी ख़रीदना होगा।वैसे व्यक्ति की भाषा,व्यवहार ही उसकी पहचान होते हैं।
भाई इतना मातम क्यूँ पसरा है, राहुल गांधी से उनकी पुश्तैनी हवेली नहीं छीनी गई है, सरकारी बंगला ख़ाली कराया गया है, क्यूँकि वो उस घर में रहने के लायक़ नहीं है, बूढ़ी विधवा माँ अकेले रहती है, राहुल को तो वैसे भी अपनी मॉम के साथ रहना चाहिए🤨 वैसे भी नेहरू के पोते के पास क्या कमी है ?
कुछ व्यक्ति हिन्दी बोल कर हिन्दी को गरिमा प्रदान करते हैं, मैं उन सौभाग्यशाली व्यक्तियों में से हूँ जिसे #हिन्दी ने गरिमा प्रदान की।मेरी साहित्यिक यात्रा के लिए #महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी की ओर से "अखिल भारतीय सम्मान जीवनगौरव पुरस्कार” प्राप्त हुआ, अनुगृहीत हूँ 🙏❤️
जब आप किसी से बात करो तो कोशिश करो उसकी सुनो। हमेशा अपने बारे में बातें करते लोग अच्छे नहीं लगते। उन्हें दूसरों से बात भी इसलिए करनी होती है ताकि दूसरों का अपने बारे में ओपिनियन पता चले। जैसे ही दूसरा अपनी बात कहने लगता वो भाग खड़े होते हैं। ये सामाजिकता नहीं आत्ममुग्धता है।
रजवाड़ों में पैदा होने वाले राहुलजी आप कभी सावरकर हो भी नहीं सकते,सावरकर का अर्थ है देश के लिए बलिदान,सावरकर का अर्थ है विदेशियों से लड़ते हुए एक ही जीवन में दो काला पानी,परिवार के लिए देश से ग़द्दारी नहीं,देश के लिए घर परिवार की कुर्बानी,आप कभी सावरकर हो भी नहीं सकते राहुल जी !!
सब्जेक्ट: @RahulGandhi
यह राहुल का पूरा बयान है।
"सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों हैं? ललित मोदी, नीरव मोदी और नरेंद्र मोदी!
खोजेंगे तो कई मोदी निकलेंगे"
#निष्कर्ष :
▫️पहली बात, यह कथन एक जाति विशेष के विरुद्ध है, न कि प्रधानमंत्री मोदी जी के!
▫️दूसरी बात, मानहानि का मुकदमा प्रधानमंत्री जी ने दायर नहीं किया और न ही ललित या नीरव मोदी ने।
▫️तीसरी बात, राहुल गांधी को कोर्ट ने दोषी सिद्ध किया है, लोकसभा ने नहीं।
▫️चौथी बात, राहुल भारतीय लोकतंत्र के पहले नेता नहीं हैं, जिनकी सदस्यता समाप्त की गई हो, पहले भी कई लोग सदन हेतु अयोग्य घोषित हुए हैं!
▫️पाँचवी बात, इस मामले में स्वयं गांधी परिवार का अपना इतिहास है, 1978 में इंदिरा जी, 2006 में सोनिया और अब राहुल...
▫️छठी बात, इमरजेंसी वाली इंदिरा जी की कांग्रेस कह रही "देश में लोकतंत्र ख़त्म हो रहा है" इस पर भारतीय राजनीति के इतिहास की सामान्य समझ रखने वाला व्यक्ति भी हँस देगा!
▫️कुछ वामपंथी लोग कह रहे "अब इस देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा" ... आप चाहें, तो इस महावाक्य पर भी हँस सकते हैं।
▫️अपनी-अपनी जाति के विरुद्ध एक शब्द सुनते ही भड़क जाने वाले लोग राहुल के दूसरी जाती को चोर कहने को सामान्य कह रहे, हैरत की बात है!
▫️भगत सिंह जी की फाँसी पर चुप रहने वाला परिवार, आज़ाद जी की मुखबिरी करने वाला परिवार, हुतात्मा सँवारकर जी, नेता जी, पटेल जी, शास्त्री जी के ख़िलाफ़ साज़िश करने वाला परिवार की सांसदी चली जाये, घर चला जाये तो कौन सी बड़ी बात हो गई!
धर्म की जय हो, अधर्म का विनाश हो!
गुरुदेव भगवान दद्दाजी की कृपा से #रामराज्य के लिए पहले मुझे #मध्यप्रदेश अखिल भारतीय साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ और अब #महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी की ओर से "अखिल भारतीय सम्मान" और जीवनगौरव पुरस्कार प्रदान किया गया है। अभिभूत व अनुगृहीत हूँ, हर हर महादेव ❤️🙏
महत्वपूर्ण जानकारी :~
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अगर राह चलते आपको वाशरूम जाने की जरूरत पड़े तो आप परेशान ना हो, क्योंकि “इंडियन सराय एक्ट” के अनुसार आप किसी भी होटल (छोटा या 5 स्टार) में जाकर फ्री वाशरूम यूज कर सकते है व पीने हेतु पानी भी माँग सकते है। इसके लिए कोई भी होटलकर्मी आपको रोक नही सकता।
Offline रहता हूं तो सिर्फ दाल, रोटी, नौकरी एवं परिवार की ही चिंता रहती है.
Online होते ही धर्म, समाज, राजनिति, देश, विश्व और पूरे ब्रह्माण्ड की चिंताए होने लगती है 🥺🥺
आम भारतीय नागरिक!!
आफ़ताब और श्रद्धा डेटिंग एप पर मिले थे। डेटिंग एप से शुरू हुए प्रेम की मंजिल ओयो है। अफसोस ये है कि कुछ लोग मंजिल मिलने के बाद टाटा, बाय नमस्ते कर लेते हैं और कुछ श्रद्धाएं भावुक होकर सात जन्म के सपने देख लेतीं हैं। भूल जाती हैं कि ये प्रेम नहीं है। प्रेम समय और धैर्य मांगता है।
राम के इतने आयाम हैं कि हर आदमी का अपना रामायण है। एक योग्य शिक्षक छात्र के सामने सारे संदर्भ रखता है। अब छात्र की जिम्मेदारी है कि अपने विवेक का प्रयोग करे और सत्य तक पहुँचे लेकिन दुर्योग से हम उस दौर में हैं,जहाँ देखने सुनने और जानने का धैर्य धीरे-धीरे खत्म होने को है।
अकेले रहते हों आप और बीमार पड़ जाएँ और ऐसा कई वर्ष चले; यहाँ से जीवन का सत्य समझ आ जाता है। फिर मन कपोल कल्पनाओं और मिथ्या भ्रांतियों में जीने के लिए प्रेरित नहीं करता, हम यथार्थ के धरातल पर उतर आते हैं। मृत्यु सबसे बड़ा सत्य है जीवन का, और जीवन अवसर के अतिरिक्त कुछ भी नहीं!!