मैं लगातार नोटिस कर रहा हूं,
मुसलमानों को मुस्लिम जर्नलिस्ट पसंद नहीं होता।
मुसलमानों को मुस्लिम नेता पसंद नहीं आता।
मुसलमानों को पढ़ा लिखा मुसलमान पसंद नहीं आता।
मुसलमानों को मुस्लिम एक्टिविस्ट पसंद नहीं आता।
जबकि RW हो या LW अपने लोगों के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है।
बात कड़वी है लेकिन सच्चाई यही है..!!
नगर निगम का बुलडोज़र शाही मस्जिद पहुंच गया...
प्रशासन की मनसा ही मस्जिद तोड़ना थी इसी लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील का समय दिए बिना बोलडोजर खड़ा कर दिया गया #SaveUjjainShahiMosque
राहुल गांधी @RahulGandhi का कोई बयान आया क्या या कोई ट्वीट आया उज्जैन की शाही मस्जिद के लिए ?
चलो छोड़ो
ये बताओ जीतू पटवारी का कोई बयान आया ?
जी ये वही @jitupatwari है जब सरकार गिर रही थी तो विधायकों को ढूंढ़ने बैंगलोर से कन्या कुमारी घूम आए थे वहां पुलिस से धक्का मुक्की भी कर लिए थे।
अब जब मुसलमानों के मुद्दे पर बोलने की बारी आई तो मौन हो गए क्योंकि इनको सिर्फ मुसलमानों के वोट चाहिए।
अब बताओ कैसे मैं इन सेक्युलर पार्टियों के सेक्युलरिज्म को मानु और कैसे खुद को झूठा दिलासा दिलाऊं कि ये मुसलमानों के हमदर्द हैं?
#SaveUjjainShahiMosque
उज्जैन किया मस्जिद (बिना नींव वाली) को अपनी दुआओ में याद रखें।
प्रशासन पोर्कलेन जैसी मशीन ले आया है।
हज़ारो ज़िंदादिल मस्जिद के पास मौजूद हैं।
कल कुछ एक्टिविस्ट सुप्रीम कोर्ट और डबल बेंच भी जाएँगे। उज्जैन की अवाम मिसाल पेश कर रही है।
इस मस्जिद का निर्माण 1403–1404 ईस्वी (803 हिजरी) में मालवा के सुल्तान दिलावर खान के शासनकाल में हुआ था।
उज्जैन की शाही मस्जिद के ईमाम ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा ,
" हमारे पास मस्जिद के सभी दस्तावेज है , मस्जिद 600 साल पुरानी है लेकिन फिर भी इसे तोड़े जाने का आदेश है ",
प्लीज हमारी मस्जिद को ना गिराओ ,
#SaveUjjainShahiMosque
शाही मस्जिद पर हालात खराब है पुलिस तैनात है आप सभी से गुजारिश है वहां के हिम्मत पसंद नौजवानों के लिए दुआ करे।
और साथ में लिखते रहे रुकना नहीं है #SaveUjjainShahiMosque
अगर हक़ के लिए लिख नहीं सकते तो कमसे कम हक़ के लिए लिखने वालों का साथ दो।
आओ हम सब मिलकर उज्जैन की शाही मस्जिद को बचाने के लिए एक जुट होकर लिखे…✍️
#SaveUjjainShahiMosque
उज्जैन में आर्मी पुलिस तैनात है इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन की मनसा क्या है।
शाही मस्जिद के लिए हमारे मुसलमान भाई ग्राउंड पर डटे हैं।
लेकिन आप लोग उनके लिए लिख नहीं सकते ?
खुद के जमीर से सवाल पूछो और लिखना स्टार्ट करो। #SaveUjjainShahiMosque
Location: Ujjain, Madhya Pradesh
Seeing the administration's actions, local residents took to the streets at midnight to save the 600-year-old Shahi Mosque.
उज्जैन मे 600 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में आधी रात को सड़कों पर उतरे मुस्लिम सिपाही!
हमारी सदियो पुरानी धरोहर इबादतगाह को बचाने के लिए मुस्लिम समाज और स्थानीय लोग एकजुट है।
प्रशासन से अपील है कि हमारी अमानत के साथ खिलवाड़ न किया जाए। 🤲🏼
मध्य प्रदेश, उज्जैन
600 साल पुरानी शाही मस्जिद को बचाने के लिए स्थानीय लोग आधी रात को सड़कों पर उतर आए!
सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का एक हिस्सा हटाए जाने की जानकारी के बाद लोगों ने विरोध जताया!
आज सोशल मीडिया हम लोगों ने उज्जैन शाही मस्ज़िद के लिए ट्रेंड चलाया था।
हम लोगों ने पोस्ट स्टार्ट किया, उज्जैन के लोगों ने मस्जिद की हिफाजत के लिए रात भर जगते रहे।
आज जब ट्रेंड स्टार्ट हुआ तो कुछ लोग बोल रहे हैं इस से क्या होगा "सत्ता परिवर्तन के लिए जमीन पर आओ"
ऐसे लोगों को मेरा जवाब ये है की मुसलमानों ने बीजेपी की सत्ता में अपनी हिफाजत करना सीख लिया है।
बाबरी मस्जिद का ताला तोड़वा कर पॉलिटिक्स किसने की?
सबसे ज्यादा दंगे किसकी सरकार में हुए। सबसे बेगुनाह मुसलमान किसकी सरकार में रहे?
आज मुसलमान जाग चुका है उसको पता है उसके लिए वो खुद खड़ा होगा तभी जीत होगी।
आज के टाईम में मुसलमान पढ़ाई लिखाई कर रहा है। UPSC, IIT, NEET, CGL जैसे कॉम्पटेटिव एग्जाम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहा है।
📍 उज्जैन, मध्य प्रदेश
600 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई के बीच स्थानीय लोग आधी रात को सड़कों पर उतर आए। मस्जिद को बचाने और कार्रवाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे।
उज्जैन मध्यप्रदेश
प्रशासन की मस्जिद पर कार्यवाही को लेकर देर रात 1 बजे के करीब मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद के सामने जमा हो गए।
शाही मस्जिद गोपाल मंदिर के बिल्कुल सामने मौजूद है और बहुत ही ज्यादा भीड़ भाड़ वाला इलाका है, यही रोड महाकाल मंदिर भी जाता है और पता चला है कि मस्जिद की वजह से कोई ट्रैफिक व्यवस्था में बाधा नहीं आती जबकि गोपाल मंदिर सड़क से सटा हुआ है दर्शन करने वाले लोगों की वजह से यातायात नियम में बाधा भी आती है लंबा ट्रैफिक भी लग जाता है लेकिन इनको हटाना मस्जिद को है।
मंदिर बिल्कुल रोड से सटा हुआ है लेकिन मस्जिद चौडीकरण के नाम पर हटाना है।
क्यों मुसलमानों की धार्मिल आस्था नहीं और हिंदुओं की धार्मिक आस्था है?
मैं नहीं कहता किसी भी मजहब के धार्मिक स्थल को हटाया जाए लेकिन सिर्फ मुसलमानों को टारगेट करना उनकी ईबादगाह को तोड़ना कौनसा कानून है संविधान के किस पेज पर लिखा है।