सर्वमन्यत् परित्यज्य शरीरमनुपालयेत्|
तदभावे हि भावानां सर्वाभावः शरीरिणाम्||७||
च0नि0 ६/७
Leaving everything else, one should maintain the body. For if there is no body, there is nothing that can be made available to the individual.
#Ayurveda#lockdown#चरक_संहिता
संघ और भाजपा के चाटुकारों को यह बकचोदी तुरंत बंद कर देनी चाहिए कि अब पंजाब और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों का त्यागपत्र लेना चाहिए। मुझे यह बताओ कि ABVP वाले UGC के समय से जो निठल्लों की तरह सो रहे हैं, उनका गठन किस हेतु हुआ था?
इनके छात्र संगठन (और इनके स्वयं में भी) जुड़ने वाले लोगों का केवल एक ही उद्देश्य रह गया है: किसी तरह से राजनीति में घुस जाना। इनका ना तो कोई चरित्र है, ना विचारधारा है, ना आत्मसम्मान है।
ऊपर से नीचे तक ऐसे रीढ़हीन लोग भर चुके हैं कि किसी को कोर वोटर्स या कोर विषयों की कोई चिंता नहीं है, वो केवल मोदी के नाम की नाव पार उतर जाना चाहते हैं। इनके एक भी आनुषंगिक संगठन या राजनैतिक पदस्थापन से बैठे VC अथवा अध्यक्षों ने एक लेख तक नहीं लिखा इस पूरे विषय पर।
अभी भी जो IT सेलिया मोदी-शाह की राजनीति और चुनाव जीतने की क्षमता के गीत गा रहे हैं ना, उनको बता रहा हूँ, तुम्हें UGC की गर्मी अभी तक झेलनी नहीं पड़ी है। उत्तर प्रदेश का चुनाव आ रहा है, और यही अकड़ बनी रही तो तुम्हें 223 सीटें आ जाएँ, वह भी बहुत होंगी।
डिमरी भाई तूझे इनसे रिश्तेदारी जोड़नी हो तो बेशक जोड़ो लेकिन ये हाथ जोड़कर अपील करने वाला चुतियापा मत करो, बाहर से आए लोग तुम्हारे मुंह पे मूत के जा रहे पर्यटक के नाम पर, पुलिस प्रशाशन सब उनका साथ दे रहा ...
अगर धामी सरकार सिक्ख समुदाय के दबाव में आकर कर्णप्रयाग के युवा प्रकाश सिंह रावत के विरुद्ध कोई कारवाई या प्राथमिकी दर्ज करती है तो पहाड़ियों चार धाम यात्रा का चक्का जाम करने के लिये तैयार रहो। हम अपने युवा पर एक आंच नहीं आने देंगे।
इतिहास गवाह है कि बड़े-बड़े आक्रांता भी पहाड़ के स्वाभिमान को डिगा नहीं पाए। आज हमारे समाज पर टिप्पणी करने वालों को सबक सिखाना ज़रूरी है। @uttarakhandcops तुरंत एक्शन ले। हमारी संस्कृति और इतिहास से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। सख्त कार्रवाई हो।
उत्तराखंड- हेमकुंड साहिब दर्शन से लौट रहे कुछ निहंगों से 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ. निहंगों ने कुछ लोगों पर हमला किया जो बुरी तरह घायल हुए. घटना में 4 निहंगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
पंजाब के मोहाली से आये निहंग रूद्रप्रयाग के नगरासू गुरूद्वारे पहुंचे. गिरफ्तार निहंगों की रिहाई के लिए यहां बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई तो गुरूद्वारा प्रबंधन से निहंगों का विवाद हो गया.
कुछ निहंग गुरूद्वारे के ऊपरी हिस्से में चढ़ गये. सेवादारों की पिटाई की. एक-दो श्रद्धालु को बंधक बना लिया. बाद में बंधकों को रिहा कर दिया गया.
अब गुरूद्वारे के ऊपरी हिस्से में निहंगों का कब्जा है. पुलिस-प्रशासन, ITBP और सेना के जवान इलाके में और गुरूद्वारे के अंदर तैनात है. निहंगों से बीते 3 दिनों से वार्ता जारी है.
निहंग सिखो के भेष में आतंकियों ने असली निहंग सिखो के साथ मार पीट भी की है और उनसे उनके कृपाण , कड़े भी छीने है।
मेरी उत्तराखंड सरकार से मांग है इन आतंकियों को पकड़कर जांच की जाए कही इनका संबंध पाकिस्तान ISI से तो नहीं ।
किसी भी विवाद का समाधान जितना जरूरी है, उससे कहीं जरूरी विवाद के पैदा होने के कारणों अनुसंधान करना है। अगर कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए झगड़े की जड़ पकड़ी गई होती तो रुद्रप्रयाग के नगरासु गुरुद्वारे में चंद निहंग कब्जा न करते।
:- पहले वीडियो में आज का घटनाक्रम है, जिसमें गुरुद्वारे में पत्थरबाजी हो रही है।
:- दूसरा वीडियो कल का है, जिसमें डीएम विशाल मिश्रा को सुनिए, उनके कहने का मतलब है “ऑल इस वैल”
कर्णप्रयाग की घटना के बाद प्रशासन का ये कितना बड़ा फेलियर है कि विवाद का समाधान होने के बजाय और पेचीदा हो गया।
@pushkardhami@uttarakhandcops@DeepamSeth_IPS
उत्तराखंड और हिमाचल पुलिस संज्ञान ले।
पहाड़ के लोगों को गाली देकर या उनके राज्यों का अपमान करके कोई बड़ा नहीं बन जाता। हम वही लोग हैं जो आपदाओं और भूस्खलनों के बीच भी सिर उठाकर जीना जानते हैं, किसी के आगे हाथ फैलाना नहीं।
देवभूमि के लोग सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस रखते हैं। हमारी विनम्रता को कमजोरी समझने की भूल न करें।
@uttarakhandcops@himachalpolice
जो लोग कल तक कृपाण को सिख धर्म की आस्था और पहचान बताकर उसके सम्मान की बात कर रहे थे, क्या वे आज नगरासू गुरुद्वारा विवाद में निहंगों द्वारा कथित रूप से हथियारों और कड़े तक पर कब्ज़ा करने के आरोपों पर भी कुछ कहेंगे? आखिर इसकी मंशा क्या है? क्या इस मामले पर भी वही लोग अपनी राय रखेंगे, या फिर चुप्पी साध लेंगे?
📷 - Tribuwan chauhan
रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में चल रहे विवाद के बीच निहंगों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया। । बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे के भीतर अभी भी 5 निहंग मौजूद हैं, जिन पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
A new pattern of "hit-and-run" journalism is emerging among foreign correspondents.
Raising questions but exiting the room the moment facts challenge their narrative.
Norwegian journalist Helle Lyng, who abruptly walked out of a press meet after failing to get an answer that aligned with her pre-set agenda.
@jayeshmatiyal exposes the mechanics behind the curated narrative and foreign media bias.
माफ करिएगा कि हिंदुओं को एकजुट करने वाला नरेंद्र मोदी का इतिहासिक भाषण मै दो तीन डाल नहीं पाया।
ये भाषण खासकर मूर्ख सवर्णों को अवश्य सुनना चाहिए, जो मोदी मोदी करते रहते हैं
Anand Ranganathan - "Not a single pro Hindu policy has been made by BJP. Hindus are happy with Bhajan Clubbing."
Remember,
Jai Shri Ram is Rhetoric
Jai Bhim is Policy.
As long as you are happy with theatrics, you will be getting theatrics.
राजनेताओं को अपना सर्वस्व मानने वाले हिंदू को हमारे पूज्य शंकराचार्य की बात अवश्य सनुनी चाहिए।🚩🚩
मैं तो सिर्फ इतना ही जानता हूं की कोई भी शंकराचार्य राज दरबारी नहीं होते। 🙏
बाकी आप क्या समझते हैं यह आपके ऊपर निर्भर है। 🙏
#सनातन_धर्म_ही_सर्वश्रेष्ठ_है@Jaya__Kishori__