मैंने इस विषय को हमेशा सदन से लेकर सर्वोच्च स्तर पर उठाया है। जब तक इस प्रकरण में वंचित वर्ग को न्याय नहीं मिल जाता मैं इस विषय को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए लगातार हर संभव प्रयास करती रहूंगी।
अब जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन करते हुए नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया है, तब उम्मीद करती हूं कि वंचित वर्ग के प्रति न्याय होगा। जो माननीय उच्च न्यायालय ने कहा है, मैंने भी हमेशा वही कहा है।
69000 शिक्षक भर्ती मामले में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत है। खुद पिछड़ा वर्ग आयोग ने माना था कि इस भर्ती मामले में आरक्षण नियमों की अनदेखी हुई।
69000 शिक्षक भर्ती भी आख़िरकार भाजपाई घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार की शिकार साबित हुई। यही हमारी माँग है कि नये सिरे से न्यायपूर्ण नयी सूची बने, जिससे पारदर्शी और निष्पक्ष नियुक्तियाँ संभव हो सकें और प्रदेश में भाजपा काल मे बाधित हुई शिक्षा-व्यवस्था पुनः पटरी पर आ सके। हम नयी सूची पर लगातार निगाह रखेंगे और किसी भी अभ्यर्थी के साथ कोई हक़मारी या नाइंसाफ़ी न हो, ये सुनिश्चित करवाने में कंधे-से-कंधा मिलाकर अभ्यर्थियों का साथ निभाएँगे।
ये अभ्यर्थियों की संयुक्त शक्ति की जीत है। सभी को इस संघर्ष में मिली जीत की बधाई और नव नियुक्तियों की शुभकामनाएँ!
#नहीं_चाहिए_भाजपा
69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का संघर्ष रंग लाया। उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष पर इलाहाबाद हाइकोर्ट ने भी अपनी मोहर लगा दी,साथ ही सरकार को न्याय से वंचित अभ्यर्थियों को न्याय देने के लिए 3 महीने का समय दिया है।
मैं उन सभी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूँ जिन्होंने परम् पूज्य बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी के संविधान और अपने हक अधिकारों की लड़ाई बिना झुके,बिना डरे लगातार लड़ी।
सरकार से भी आग्रह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का तुरंत पालन करते हुए इन आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय सुनिश्चित करें क्योंकि पहले ही इनके 5 वर्ष सरकार और अधिकारियों की हठधर्मिता की भेंट चढ़ चुके हैं।
हमारी पार्टी इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है और छात्रों के अधिकार के लिए किसी भी परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
#69000_शिक्षकभर्ती_आरक्षण_घोटाला
केशव प्रसाद मौर्या जी"
उप-मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश
इनके आवास पर 69000 शिक्षकभर्ती के आरक्षण पीड़ित इनके समाज के 6800 चयनित शिक्षक जा रहे लेकिन ये उन्हें न्याय(नियुक्ति) दिलाने के बजाय पुलिस से लाठी खिला रहे।
@kpmaurya1
वाह रे नेता जी!!
#दलित_पिछड़ों_के_नेता_शर्मकरो
केशव प्रसाद मौर्या जी"
उप-मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश
इनके आवास पर 69000 शिक्षकभर्ती के आरक्षण पीड़ित इनके समाज के 6800 चयनित शिक्षक जा रहे लेकिन ये उन्हें न्याय(नियुक्ति) दिलाने के बजाय पुलिस से लाठी खिला रहे।
@kpmaurya1
वाह रे नेता जी!!
#दलित_पिछड़ों_के_नेता_शर्मकरो
केशव प्रसाद मौर्या जी"
उप-मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश
इनके आवास पर 69000 शिक्षकभर्ती के आरक्षण पीड़ित इनके समाज के 6800 चयनित शिक्षक जा रहे लेकिन ये उन्हें न्याय(नियुक्ति) दिलाने के बजाय पुलिस से लाठी खिला रहे।
वाह रे नेता जी!!
@kpmaurya1#दलित_पिछड़ों_के_नेता_शर्मकरो
69000 शिक्षक भर्ती आंदोलन को कुचलने के लिए आंदोलन नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी अमरेन्द्र सिंह पटेल, विजय प्रताप यादव व वीरेन्द्र कुमार को जेल में डालना योगी सरकार की कायराना हरकत है।
दलित-पिछ़डों के वोट से मंत्री बनकर सत्ता का सुख भोगने वाले BJP नेताओं को शर्म आनी चाहिए न्याय दिलाने की जगह युवाओं को जेल में डलवाया जा रहा है। मैं इस आंदोलन को कुचलने की साजिश कामयाब नहीं होने दूंगा। जल्द ही इन तीनों युवाओं को रिहा नहीं किया गया तो @AzadSamajParty@BhimArmy_BEM सरकार की तानाशाही के खिलाफ आंदोलन को मजबूर होगी।
#6800_शिक्षकों_को_नियुक्ति_कब
उत्तरप्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाला भाजपा की दलित, आदिवासी व पिछड़ा विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
आरक्षित वर्ग के पीड़ित अभ्यर्थियों को चुनाव के दौरान योगी सरकार ने नौकरी देने का वादा किया था और 6800 की एक सूची भी जारी की थी लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जबकि इस भर्ती में आरक्षण घोटाले की पुष्टि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी कर चुका है।
नियुक्ति पाने से वंचित अभ्यार्थी मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं। युवा होने के कारण बेरोजगार युवाओं का दर्द को मैं बहुत अच्छी तरह समझता हूं लेकिन इस प्रकरण में जो युवा बेरोजगार है वो यूपी की भाजपा सरकार के घोटाले की वजह से हैं।
अपने अधिकार के लिए लड़ रहे पीड़ित अभ्यार्थियों के द्वारा 11 अगस्त 2023 मुख्यमंत्री आवास घेराव का हम समर्थन करते है। हमारे पीड़ित भाइयों- बहनों को न्याय जरूर मिलना चाहिये।
#69000_शिक्षक_भर्ती_घोटाला
भाजपा के शासनकाल में, उप्र के सरकारी अस्पताल की दुर्दशा का हाल उजागर करनेवाले एक मीडियाकर्मी को स्वास्थ्यकर्मी द्वारा पीटे जाने की घटना को आपराधिक मामले की तरह देखा जाए। अगर हर ज़िले में एक भी ऐसा दुस्साहसी पत्रकार हो जाए तो उप्र की सच्चाई सबको पता चल जाए।
#अस्सी_हराओ_भाजपा_हटाओ