बेडरूम से सीधा बांग्लादेश तक का रास्ता !
हैं न चौंकाने वाली खबर, लेकिन ये बिल्कुल सच है।
ये कारनामा किया है कट्टरपंथी मोहम्मद सद्दाम ने।
वेस्ट बंगाल के बॉर्डर एरिया में रहता था मोहम्मद सद्दाम।
बेडरूम से बांग्लादेश तक सीधा सुरंग बना रखा था।
40 मीटर का सुरंग मोहम्मद सद्दाम ने अपने बेडरूम से बना दिया।
बंगाल पुलिस ने मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया है।
CONgress Nizamabad (#Telangana) candidate Jeevan Reddy slaps a woman!
Poor lady's fault????
She said she will vote for BJP!!
Perfect Gesture in Raul Vinci's “Mohabbat ki Dukan)
The body language.
The disinterest.
The disrespect towards Chhatrapati Shivaji Maharaj.
The man and his self-goal. His party will sink deep in #Maharashtra#LokSabhaElections2024
You think he is Pappu but he is very dangerous person working for CIA and China
This is his recipe to destroy Bharat by engaging Bharat in internal unrest
सोचिये क्या ये संयोग है ?
1- संजय गांधी मरे आकाश में तिथि थी #गोपाष्टमी
2- इन्दिरा गाँधी मरी आवास में तिथि थी #गोपाष्टमी
3- राजीव गाँधी मरे मद्रास में तिथि थी #गोपाष्टमी
आपको याद होगा की इंदिरा गाँधी, करपात्री जी महाराज के पास आशीर्वाद लेने गई तब करपात्री जी ने कहा आशीर्वाद तो दूँगा लेकिन सरकार बनते ही पहले गौ हत्या के विरुद्ध कानून बना कर गौ हत्या बंद करनी होगी।
इंदिरा ने हामी भरी, दो महीने बाद करपात्री जी इंदिरा से मिले, उनका वादा याद दिला कर गौ हत्या के विरुद्द कानून बनाने के लिए कहा तो इंदिरा जी ने कहा कि महाराज जी अभी तो मैं नई हूँ, कुछ समय दीजिए। कुछ समय बाद करपात्री जी फिर गए और कानून की मांग की लेकिन इंदिरा ने फिर टाल दिया।
कई बार मिलने वादा याद दिलाने के बाद भी जब इंदिरा ने गौ हत्या बंद नहीं की, कानून नहीं बनाया तो 7 नवम्बर 1966, उस दिन कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि, देश का संत समाज, शंकराचार्य, अपने छत्र आदि छोड़ पैदल ही, आम जनता के साथ, गायों को आगे कर संसद कूच किया।करपात्री जी के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय के सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, मध्व संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्य समाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज, निहंग व हजारों की संख्या में नागा साधुओं को पंडित लक्ष्मीनारायण जी चंदन तिलक लगाकर विदा कर रहे थे।
लालकिला मैदान से आरंभ होकर चावड़ी बाजार होते हुए पटेल चौक से संसद भवन पहुंचने विशाल जुलूस ने पैदल चलना आरंभ किया। रास्ते में घरों से लोग फूल वर्षा रहे थे।
हिंदू समाज के लिए ऐतिहासिक दिन था, सभी शंकराचार्य और पीठाधिपति पैदल चलते हुए संसद भवन के पास मंच पर समान कतार में बैठे।
उसके बाद से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। नई दिल्ली का पूरा इलाका लोगों की भीड़ से भरा था। संसद गेट से लेकर चांदनी चौक तक सिर ही सिर दिखाई दे रहे थे। कम से कम 10 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी, जिसमें 10 से 20 हजार तो केवल महिलाएं ही शामिल थीं। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक के लोग गौ हत्या बंद कराने के लिए कानून बनाने की मांग लेकर संसद के समक्ष जुटे थे। उस वक्त इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी और गुलजारी लाल नंदा गृहमंत्री थे।
इस सिंहनाद को देख कर इंदिरा ने सत्ता के मद में चूर होकर संतों, साधुओं, गायों और जनता पर अंधाधुंध गोलियों की बारिश करवा दी, हजारों गाय, साधु, संत और आमजन मारे गए। गौ रक्षा महाभियान समिति के तत्कालीन मंत्रियों में से एक और पूरी घटना के गवाह, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं लेखक आचार्य सोहनलाल रामरंग के अनुसार इस गोलीबारी में कम से कम 10 हजार से अधिक मार दिये गये।
इंदिरा ने ढकने के लिए ट्रक बुलाकर मृत, घायल, जिंदा सभी को उसमें ठूंसा जाने लगा। जिन घायलों के बचने की संभावना थी, उनकी भी ट्रक में लाशों के नीचे दबकर मौत हो गई। आखिरी समय तक पता ही नहीं चला कि सरकार ने उन लाशों को कहां ले जाकर फूंक डाला या जमीन में दबा डाला। पूरे शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया।
तब करपात्री जी महाराज ने मरी हुई गायों के गले से लिपट कर रोते हुए कहा था कि *"हम तो साधु हैं, किसी का बुरा नहीं करते लेकिन तूने माता समान निरपराध गायों को मारा है, जा इसका फल तुझे भुगतना पड़ेगा,*
मैं श्राप देता हूँ कि एक दिन तेरी देह भी इसी प्रकार गोलियों से छलनी होगी और तेरे कुल और दल का विनाश करने के लिए हिमालय से एक ऐसा तपस्वी आएगा जो तेरे दल और कुल का नाश करेगा"।
जिस प्रकार करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद सदा सफल ही होता था उसी प्रकार उनका श्राप भी फलीभूत होता था।
इस घटना की चर्चा गावँ गावँ में बच्चे बच्चे की जुबान पर थी और सभी इंदिरा को गालियां, बददुआएं दे रहे थे कि "हत्यारी ने गायों को मरवा दिया इसका भला नहीं होगा, भगवान करे ये भी इसी प्रकार मरे। भगवान इसका दंड जरूर देंगे"।
अब इसे संयोग कहेंगे या करपात्री जी महाराज का श्राप कि इंदिरा का शरीर ठीक *गोपाष्टमी* के दिन उसी प्रकार गोलियों से छलनी हुआ जैसे करपात्री जी महाराज ने श्राप दिया था
और अब नरेंद्र दामोदर मोदी के रूप में वह तपस्वी भी मौजूद है जो कांग्रेस का विनाश कर रहा है, जिसका खुला आव्हान है
"कांग्रेस मुक्त भारत"
सोचिये क्या ये संयोग है ?
1- संजय गांधी मरे आकाश में तिथि थी *गोपाष्टमी ,
2- इन्दिरा गाँधी मरी आवास में तिथि थी *गोपाष्टमी,
3- राजीव गाँधी मरे मद्रास में तिथि थी *गोपाष्टमी
साधु संतों का श्राप व गौमाता की करुण पीड़ा ने इंदिरा को मारा।
"चुनाव के बाद तुम्हें कौन बचाएगा ?"
"सुरक्षाबल तो चुनाव के बाद चले जाएंगे, उसके बाद तो केवल TMC की फोर्स रहेगी।"
"अगर किसी ने TMC के खिलाफ वोट किया तो उसको बुरा अंजाम भुगतना होगा।"
: मोहम्मद हमीदुल रहमान, TMC विधायक
"चुनाव के बाद तुम्हें कौन बचाएगा ?"
"सुरक्षाबल तो चुनाव के बाद चले जाएंगे, उसके बाद तो केवल TMC की फोर्स रहेगी।"
"अगर किसी ने TMC के खिलाफ वोट किया तो उसको बुरा अंजाम भुगतना होगा।"
: मोहम्मद हमीदुल रहमान, TMC विधायक
क्या "डियो लगाने से, लड़किया भागी चली आती हैं तुम्हारे पास ?
क्या "एनर्जी ड्रिंक्स पीने से बच्चे मजबूत होते हैं ?
क्या "शाहरूख गुटखा खाता है, तभी वह हीरो है ?
क्या "रिफाइंड तेल खाना हार्ट के लिए अच्छा है ?
क्या आलिया और करीना लक्स से नहा कर चमकने लगती है ?
क्या 'फेयर एन्ड हैंडसम' क्रीम से कोई साँवला व्यक्ति गोरा हो सकता है या सामान्य व्यक्ति हृतिक रोशन जैसा दिख सकता है?
क्या 'मसल ब्लेज' टेबलेट्स खाने से मसल्स बन जाते हैं, मसल्स चमकने लगते हैं?
विज्ञापन क्या सिर्फ बाबा रामदेव और पतंजलि ने ही दिए? और कोई नहीं देता?
क्या कारण है कि अब कॉलगेट भी खुद को 'हर्बल' लिखने लगा है?
क्या कारण है कि एलोपैथिक कंपनियाँ तुलसी का इस्तेमाल कर रही हैं कफ - सिरप में?
अगर योग और आयुर्वेद भ्रामक है, तो फिर गारंटी कौन देता है?
कौन सी कंपनी भ्रामक विज्ञापन नहीं देती? एक कंपनी का नाम बताइए जो अपने प्रोडक्ट के बारे में झूठ नहीं बोलती। विज्ञापन का पूरा कोरोबार झूठ और अतिरेक पर टिका है।।
बात सिर्फ इतनी है कि.. एक हिंदू बाबा ने बिजनेस कैसे कर लिया, पच नहीं रहा है वामपंथियों को !!
🙄🤨🫤☹️
#BabaRamdev
#PatanjaliAyurved
#Patanjali #RamdevBaba
#AatmanirbharBharat
औवैसी ने कहा “ग़ाज़ी” बनो, मतलब गैर हिंदुओ को मार कर इस्लाम का राज स्थापित करो।
इस पर मैं आज दूसरा बिंदास बोल करूँगा।
इस पर अभी तक @ECISVEEP ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की ? यह #HateSpeech नही तो क्या है?
बिहार को बर्बाद करने के जिम्मेदार कौन कौन?
छपरा के पास सारण जिले में मढ़ौरा में बिरला ग्रुप की Morton लेमनचूस, टॉफी की बड़ी प्रसिद्ध फैक्टरी थी।
बगल में बिरला की ही चीनी मिल भी थी इसलिए टॉफी की फैक्ट्री के लिए बगल से ही चीनी उपलब्ध थी
देखते ही देखते शानदार स्वाद की वजह से मॉर्टन विश्व प्रसिद्ध हो गई। टीवी एड और सभी पत्रिकाओं में एड आते थे। खूब बिकती थी।
भारत के हर दुकानदार की मजबूरी थी वह मॉर्टन रखे
तभी बिहार के एक तथाकथित बड़े नेता का एक रिश्तेदार की बुरी नजर उस फैक्ट्री पर पड़ी
फिर वो उस फैक्टरी से प्रत्येक महीने एक से डेढ़ लाख रुपये रंगदारी वसूलता था। यह मॉर्टन कम्पनी बिड़ला की थी। इसमें तैयार टॉफी के अन्दर खोया भी डाला जाता था। इसके लिए फैक्टरी ने गायें भी पाल रखी थीं, जिनके दूध से खोया तैयार होता था, मतलब एकदम गाय के दूध से बना खोया।
नेताजी के रिश्तेदार को नियमित रूप से रंगदारी मिल भी रही थी, लेकिन बाद में रंगदारी और बढ़ा दी गई। नहीं देने पर, गायों को खोलकर भगा दिया गया।
मजबूरन, पिछले 23 साल से यह फैक्टरी बन्द है। और बगल की शुगर फैक्ट्री भी बंद है
बिहार के कोई नेता, कोई पत्रकार इस पर प्रकाश डालेंगे? कोई सामाजिक न्याय के पैरोकार यह बताएँगे के बिहार के चीनी मिल क्यों बन्द हो गए?
बिहार को स्पेशल पैकेज नही बल्कि अच्छे नेताओ की जरूरत है
आतिशी मार्लेना बड़ी मुसीबत में!
ईडी जांच करेगी कि केजरीवाल ने कैसे
हिरासत से आतिशी मार्लेना को तथाकथित पत्र भेजा, जबकि ED ने कोर्ट के आदेश के बिना कोई स्टेशनरी उपलब्ध कराई ही नहीं है
आतिशी से कथित "आदेश" के स्रोत और इसे उनके पास किसने लाया, इस बारे में पूछताछ की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज भी जांचेगी ईडी
एक बार जब यह स्थापित हो जाएगा कि यह फर्जी पत्र है, तो दिल्ली पुलिस दस्तावेजों के निर्माण के लिए आतिशी मार्लेना के खिलाफ मामला दर्ज करेगी
जालसाजी के लिए धारा 465, 471, 196, 193 और 420 के तहत।
सुप्रिया श्रीनेत ने इन्स्टाग्राम पर कंगना रनौत की एक फोटो लगा कर कैप्शन दिया है: “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”
उन्होंने स्वाइप करने पर दूसरी फोटो सब्जियों की लगाई है ताकि यह कहा जा सके कि वो सब्जियों का भाव पूछ रही है और जो भी लोग कुछ और सोच रहे हैं, वही गंदे हैं।
कुछ औरतों की चाहे शक्ल हो, पम्प मार कर फुलाई गई मुटल्ली देह हो, या फिल्टर मार कर स्वीकार्य मानदंडों को प्राप्त करने की चाह, उन पर न कोई थूकेगा, न ही ‘थूकेगा’।
वैसे भी गंदी सूरत वाले लोगों को सुंदर लोगों से जलन होती ही है। इसका कोई उपाय नहीं है। कुछ लोग दूसरों का भाव इसलिए भी पूछते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हर दूसरी स्त्री भाव लगवा कर ही राजनीति में आगे बढ़ती है।
कुछ प्रतिभाहीन औरतों का एक ही कार्य है, घटिया सूरत को पूरित करने वाली घटिया भाषा का प्रयोग। वहीं कुछ पुरुष होते हैं जिन्हें ऐसी ही औरतें पसंद होती हैं। फिर यही गाली देना प्रतिभा बन जाता है क्योंकि कुछ को ऐसा सुन कर किक् मिलता है। इसी कारण आप कुछ लोगों को देख कर अवश्य सोचते होंगे कि से वहाँ कैसे पहुँच गए?
ख़ैर जो भी है, सुप्रिया के हैंडल से यह जो दुष्कृत्य हुआ है, वह निंदनीय है। ईश्वर न करे कि कोई उनका रेट पूछने लगे।